विदेश भेजने के नाम पर 14 लाख 67 हजार रूपए की ठगी करने का आरोपी गिरफ्तार
BOL PANIPAT : 02 जुलाई 2025, सीआईए थ्री पुलिस ने गांव आटा निवासी दो युवकों को कनाडा भेजने के नाम पर 14 लाख 67 हजार 125 रूपए की धोखाधड़ी करने के आरोपी को मंगलवार शाम को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान करनाल के घोघडीपुर गांव निवासी विजयपाल उर्फ डिम्पी के रूप में हुई है।
सीआईए थ्री प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि पूछताछ में आरोपी विजयपाल उर्फ डिम्पी ने धोखाधड़ी करने की उक्त वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा। पुलिस ने आरोपी से ठगी गई राशि में से 10 हजार रूपए बरामद कर बुधवार को पूछताछ के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उसे न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया।
थाना समालखा की हथवाला चौकी में गांव आटा निवासी गौरव पुत्र दिलावर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह और उसका चचेरा भाई संदीप उर्फ मग्गू पढ़ाई व काम के लिए विदेश जाना चाहते थे। उनके परिवार की गांव निवासी सुरेंद्र और उसके भाई बिजेंद्र के साथ अच्छी बनती थी। दोनों परिवार का एक दूसरे के घर आना जाना था। सुरेंद्र का भतीजा विकास न्यूजीलैंड व पंकज मॉरीशस गया हुआ है। सुरेंद्र के बेटे अजय व बिजेंद्र के बेटे कुलवंत ने उसको व चचेरे भाई संदीप को बताया उसकी सगी बुआ का लड़का गांव घोघड़ीपुर करनाल निवासी विजयपाल उर्फ डिम्पी लड़को को विदेश भेजता है। विकाश व पंकज को भी उसी ने विदेश भेजा है। उन्होंने अन्य कई लड़को को भी विजयपाल के माध्यम से विदेश भिजवाया है। विदेश भिजवाने व पैसों की पूरी जिम्मेदारी उनके पिता सुरेंद्र व बिजेंद्र लेते है। क्योकि इसमें हमारा कमीशन होता है। अजय व कुलवंत की बातों पर विश्वास कर उन्होंने यह बात घर बताई और चाचा दिलबाग सरपंच को बातचित के लिए सुरेंद्र के घर लेकर गए। घर पर सुरेंद्र उसके भाई बिजेंद्र, बेटे अजय व कुलवंत ने विजयपाल के माध्यम से विदेश भिजवाने व पैसो की जिम्मेदारी ली। उन्होंने चारों पर विश्वास कर हां कर दी। चारों ने 28 अगस्त 2021 को विजयपाल को अपने घर बुलाकर उनसे 2 लाख रूपए का चेक दिलवा दिया। दिसंबर 2021 तक उनसे कुल 14 लाख 67 हजार 125 रूपए ले लिए। इसमें कुछ पैसे कैश व कुछ आनलाइन खातों में ट्रांसफर करवाकर लिए । विजयपाल ने 1 जनवरी 2022 को उसके मोबाइल पर कनाडा का वीजा भेजा दिया। वह जांच में फर्जी निकला।
वह सुरेंद्र व बिजेंद्र के घर गए तो दोनों ने उनको विजयपाल के पास भेज दिया। विजयपाल ने पैसों के लिए एक महीने का समय दिया। बाद में 10 लाख रूपए का चेक देकर बाकी पैसे गांव में आकर सुरेंद्र, बिजेंद्र, अजय व कुलवंत से दिलाने की बात कही। विजयपाल गांव में आया तो उक्त चारों ने 10 दिन में पैसे देने की बात कही।
आरोपियों ने उसको व चचेर भाई संदीप को ना तो विदेश भेजा और ना ही पैसे लौटाए। इस प्रकार उनसे विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी कर 14 लाख 67 हजार 125 रूपए की ठगी कर ली। थाना समालखा में गौरव की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ अभियोग दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई थी। बाद में मामले की जांच सीआईए थ्री पुलिस टीम को सौंपी गई थी।

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