Thursday, April 16, 2026
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नकली बीज-कीटनाशक बेचने वालों पर कसेगा विभाग शिकंजा, नियम तोडऩे वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: डीडीए कृषि विभाग डॉ. प्रवीन कुमार गुलिया

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at March 12, 2026 Tags: , , , ,

-स्टॉक रजिस्टर और पक्का बिल अनिवार्य.लाइसेंस सार्वजनिक स्थान पर लगाना होगा.

-मेरी फसल मेरा ब्योरा में पंजीकृत किसानों को ही मिलेगा खाद, डीलरों को सख्त निर्देश

BOL PANIPAT , 12 मार्च। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रवीन गुलिया की अध्यक्षता में जिले के सभी बीज, कीटनाशक और उर्वरक से संबंधित डीलरों की एक महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। बैठक में उप निदेशक (कृषि) ने जिले के सभी संबधित डीलरों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। सबसे पहले, उन्हें अपने स्टॉक रजिस्टर का सही तरीके से रख-रखाव करने की हिदायत दी गई, ताकि किसी भी समय स्टॉक की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके और किसानों को कोई भी इनपुट खरीदने पर पक्का बिल दिया जाए। बैठक में डीलरों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे अपने लाइसेंस को सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शित करें, ताकि उपभोक्ताओं और संबंधित अधिकारियों को उनके व्यवसाय की वैधता का प्रमाण मिल सके।

    बैठक में डॉ. गुलिया ने कहा कि किसानों के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी या नियमों की अनदेखी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी समय-समय पर डीलरों के रिकॉर्ड और कार्यप्रणाली की जांच करेंगे। यदि कोई डीलर नकली बीज, मिलावटी कीटनाशक या बिना बिल के सामान बेचते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेंगे।

    बैठक के दौरान उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुहाड़ ने कहा कि हरियाणा में नकली या मिलावटी बीज और कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। सभी डीलरों को यह भी निर्देशित किया कि वे खाद केवल उन्हीं किसानों को बेचें, जो मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना के तहत पंजीकृत हैं।  इसके अलावा, आगामी खरीफ सीजन के लिए बीज बेचते समय डीलरों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि वे किसानों को पक्का बिल और बीज के स्रोत का प्रमाण अवश्य प्रदान करें।

    कृषि उप निदेशक ने सभी डीलरों से अपील की कि वे विभाग द्वारा जारी सभी निर्देशों का ईमानदारी से पालन करें, ताकि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को उचित व गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

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