प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से बदलेगा देश का रोजगार भविष्य : राजीव रंजन
-सरकार और उद्योग की साझेदारी से बनेगा आत्मनिर्भर भारत
-यह सिर्फ योजना नहीं, विकसित भारत 2047 की नींव है
-3.5 करोड़ रोजगार, नियोक्ताओं को सीधा इंसेंटिव
-प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से बदलेगा देश का रोजगार परिदृश्य
-पानीपत में नियोक्ताओं को मिला सरकार की ऐतिहासिक योजना का संदेश
BOL PANIPAT , 20 दिसंबर। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना देश के युवाओं को रोजगार और उद्योगों को मजबूती देने की दिशा में केंद्र सरकार की सबसे बड़ी पहल है। यह बात युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग, हरियाणा के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने जिला सचिवालय सभागार में आयोजित सेमिनार के दौरान कही।
सेमिनार में पहुंचने पर अतिरिक्त उपायुक्त एवं निगम आयुक्त डॉ पंकज यादव और एसडीएम मनदीप कुमार ने उनका बुके देकर स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने नियुक्ताओं के सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने अन्य योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।
राजीव रंजन ने नियोक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केवल एक स्कीम नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 की आधारशिला है। इस योजना के माध्यम से सरकार सीधे रोजगार सृजन को प्रोत्साहित कर रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि युवा औपचारिक कार्यबल से जुड़ें।
राजीव रंजन ने बताया कि केंद्र सरकार ने बजट 2024-25 में ‘एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव्स’ के रूप में इस योजना की घोषणा की है, जिसके तहत 99,446 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नए रोजगार सृजित करना है, जिनमें से 1.92 करोड़ युवा पहली बार नौकरी के क्षेत्र में प्रवेश करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोजगारों पर लागू होगी।योजना का सबसे बड़ा लाभ पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को मिलेगा। ईपीएफओ से आच्छादित संस्थानों में पहली बार रोजगार पाने वाले कर्मचारियों को एक महीने के वेतन के बराबर प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम राशि 15 हजार होगी। यह राशि दो किस्तों में सीधे कर्मचारी के आधार सीडेड बैंक खाते में भेजीजाएगी।
उन्होंने बताया कि छह महीने की सेवा पूरी होने पर पहली किस्त और 12 महीने पूरे होने पर दूसरी किस्त बचत योजना के रूप में दी जाएगी।
पप्रधान सचिव ने योजना को नियोक्ताओं के लिए बेहद लाभकारी बताते हुए कहा कि यह दुनिया की सबसे सस्ती रोजगार प्रोत्साहन योजना है। इसमें नियोक्ता को अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति पर सरकार की ओर से सीधा आर्थिक सहयोग मिलेगा।”
उन्होंने जानकारी दी कि ईपीएफओ से पंजीकृत संस्थानों को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी 1,000 से 3,000 रुपए प्रति माह तक का इंसेंटिव मिलेगा, जो दो वर्षों तक दिया जाएगा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए यह प्रोत्साहन तीसरे और चौथे वर्ष तक भी जारी रहेगा।
राजीव रंजन ने कहा कि योजना के तहत सभी भुगतान डीबीटी के माध्यम से किए जाएंगे।
“कर्मचारियों को भुगतान आधार ब्रिज पेमेंट सिस्टम के जरिए और नियोक्ताओं को उनके पैन-लिंक्ड बैंक खातों में सीधे इंसेंटिव दिया जाएगा। इससे पारदर्शिता, भरोसा और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित होगा।
सेमिनार में सभी नियोक्ताओं का धन्यवाद करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त डॉक्टर पंकज
ने कहा कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं। सरकार चाहती है कि उद्योग आगे आएं, युवाओं को रोजगार दें और भारत को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में भागीदार बनें। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना इसी साझेदारी का प्रतीक है।
इस अवसर पर एसडीएम मनदीप कुमार, ईपीएफओ रामकेश, ईएसआईसी हरि ओम प्रकाश, डिविजनल एम्प्लॉयमेंट ऑफिसर कुसुम भारद्वाज, डिप्टी डायरेक्टर सतीश, जिला रोजगार अधिकारी डॉ. रितु चहल, जिला रोजगार अधिकारी मनोज (पंचकूला) सहित अन्य जिलों के नियोक्ता व अधिकारी उपस्थित रहे।

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