अनुसूचित जाति के किसानों को ट्रेक्टर पर तीन लाख रूपये तक का अनुदान सरकार द्वारा दिया जा रहा है
BOL PANIPAT , 24 जनवरी। भारत सरकार द्वारा गत कई वर्षो से एक विशेष योजना पर किसानों के हितों को व मिटटी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए फसल अवशेष प्रबन्धन योजना को अमली जााया पहनाया है। सरकार द्वारा इस योजना के अन्र्तगत प्रदेश के सभी जिलों में कस्टम हायर सैन्टर स्थापित किये गए हैं तथा व्यक्गित किसानों को अनुदान पर ऐसी मशीने उपलब्ध करवाई गई है जिनसें किसान भाई फसल अवशेषों को खेत के अन्दर या खेत के बाहर ले जाकर उनका प्रबन्धन कर सकते है।
इसी श्रेणी में सरकार द्वारा मशीनों को चलाने हेतू ट्रेक्टर पर भी विशेषकर अनुसूचित जाति के किसानों के लिए तीन लाख रूपयें तक का अनुदान सरकार द्वारा दिया जा रहा है। कृषि विभाग की किसी भी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों के लिए आवश्यक कर दिया है कि वे सभी अपने आपको मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत करवाएं।
जिला प्रशासन व किसानो के सहयोग से तथा कृषि विभाग पानीपत की टीम के अथक प्रयासों से जिला पानीपत ने पराली न जलाने में हरियाणा में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। इस वर्ष पानीपत जिला पानीपत आगजनी की घटनाओं को 70 प्रतिशत तक कम करने में सक्षम रहा है। फसल अवशेषों के तहत हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रा बेलर, रैक, मुलचर, ऐम.बी. प्लो, जीरो टील ड्रील, सुपर एसएसएस इत्यादि पर जिला पानीपत में 3.5 करोड का अनुदान डीबीटी के माध्यम से किसानों को दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जिले के किसानों द्वारा पुसा- डी कपोजर, सुपर सीडर, हैप्पी सीडर इत्यादि से गेंहू की बिजाई की व धान के फानों में आग न लगाने पर लगभग एक करोड का अनुदान किसानों को दिया जाए-ा।
विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती को बढावा देने के लिए जिले में 100 प्रदर्शन प्लाट लगाए गए है जहा किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

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