आर्य कॉलेज में ढोलक की थाप के साथ ’11वें रत्नावली युवा सांग महोत्सव’ का भव्य आगाज
-समाज सेवी हरपाल ढांडा ने किया उद्घाटन, राष्ट्रपति अवार्ड विजेता प्रेम देहाती ने बिखेरा सुरों का जादू
-पहले दिन पिंगला-भर्तृहरि के सांग ने दर्शकों को किया भावविभोर
BOL PANIPAT – आर्य पीजी कॉलेज के ओ.पी. शिंगला सभागार में आज हरियाणा की समृद्ध लोक-संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था 11वें रत्नावली युवा सांग महोत्सव के शानदार शुभारंभ का। कार्यक्रम का आगाज़ दीप प्रज्वलन और ढोलक की गूँज के साथ हुआ, जिसने पूरे परिसर को हरियाणवी रंग में सराबोर कर दिया।
महोत्सव के पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध समाजसेवी एवं प्रमुख उद्योगपति हरपाल ढांडा ने शिरकत की। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “सांग हमारी माटी की वो पहचान है, जिसमें हमारे संस्कार और वीरता की कहानियाँ रची-बसी हैं। आर्य कॉलेज का यह प्रयास सराहनीय है कि वे आधुनिक दौर में भी युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ रहे हैं।”
वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित प्रख्यात लोक गायक प्रेम देहाती ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। बॉलीवुड और हरियाणवी फिल्मों में अपनी आवाज का जादू बिखेर चुके प्रेम देहाती ने कहा, “सांग केवल मंचन नहीं, बल्कि साधना है। आज की युवा पीढ़ी को इस विधा को सहेज कर रखना होगा ताकि हमारी आने वाली नस्लें अपनी गौरवशाली विरासत को भूल न जाएँ। उन्होंने कई रागनियों के माध्यम से दर्शकों को तालियाँ बजाने पर मजबूर कर दिया।
पिंगला-भर्तृहरि के सांग ने जीता दिल:
महोत्सव के पहले दिन आर.के.एस.डी. कॉलेज (कैथल) की टीम ने ‘पिंगला-भर्तृहरि’ के सांग का जीवंत मंचन किया। कलाकारों ने राजा भर्तृहरि के राजपाठ त्यागने और रानी पिंगला के मोह-भंग की मार्मिक कहानी को इतने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया कि पूरा सभागार तालियों की गूँज से भर उठा। लकड़ी के तख्तों पर थिरकते कलाकारों और सारंगी-ढोलक की जुगलबंदी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। और आज ख़ास बात यह रही की आज के सांग का मंचन करने वाले कलाकारों में ज्यादातर छात्राएं ही रही।
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. जगदीश गुप्ता ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा, “आर्य कॉलेज हमेशा से ही सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षक रहा है। रत्नावली युवा सांग महोत्सव का यह 11वां संस्करण इस बात का प्रमाण है कि लोक-कला के प्रति हमारा प्रेम और समर्पण अटूट है। हम चाहते हैं कि हमारे छात्र शिक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति के भी ब्रांड एंबेसडर बनें।
मंच संचालन पत्रकारिता विभाग के प्राध्यापक डॉ. दिनेश गाहल्याण ने किया।
इस अवसर पर कॉलेज की सांस्कृतिक समिति के सदस्य, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, भारी संख्या में छात्र और शहर के गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को पानीपत के एस.डी. कॉलेज,पानीपत की टीम नल दमयंती के सांग की प्रस्तुति देगी।
इस अवसर अधिवक्ता धर्मपाल खर्ब, कॉलेज के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रभारी डॉ. रामनिवास, कॉलेज की उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह, डॉ. गीतांजलि साहनी, डॉ. विजय सिंह, डॉ. नीलु खालसा, प्राध्यापक अकरम ख़ान, अशोक अत्री समेत अन्य मौजूद रहे।

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