आर्य केंद्रीय सभा द्वारा समारोह पूर्वक मनाया गया अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानंद का निर्वाण दिवस .
-श्रद्धानंद ने स्त्री शिक्षा की अलख जगाई : आचार्य चंद्रशेखर
-शुद्धि आंदोलन चला विधर्मी बन चुके लोगों को पुनः वैदिक धर्म में स्वामी जी ने वापसी कराई:मुकेश शास्त्री
BOL PANIPAT : 22 दिसंबर, आर्य समाज बड़े बाजार में एक विशेष कार्यक्रम रखा गया जिसके बारे आर्य केंद्रीय सभा की कार्यकता प्रधान बेला भाटिया ने बताया कि।प्रारंभ में पंडित हिमांशु शास्त्री ने वैदिक मंत्रों की आहुतियां दिलाकर वैदिक यज्ञ किया गया । चंद्र प्रकाश एवं सुनीता आर्य दीपक एवं दीपमाला वीरेंद्र गुप्ता एवं मधु गुप्ता आदित्य डावर एवं मोनिका डावर मुख्य यजमान रहे।
ध्वजारोहण नीरू गुगलानी ने कर कार्यक्रम का आगाज किया । पंडित मुकेश शास्त्री (दिल्ली ) भजनोपदेशक व चंद्र शेखर शास्त्री (दिल्ली ) द्वारा प्रवचन किया गया।
आचार्य जी ने स्वामी श्रद्धानन्द जी की जीवनी पर प्रकाश डाला। मुकेश शास्त्री ने अपने भजनों के माध्यम से बताया कि उनके नेतृत्व में देश को अंग्रेजी दासता के चंगुल से छुटकारा दिलाने, भय व प्रलोभन के वशीभूत होकर विधर्मी हुए सैकड़ों हिंदुओं की शुद्धि आंदोलन चला।पुनः वैदिक धर्म में घर वापसी करवाने, वंचितों को उनके अधिकार दिलाने में स्वामी श्रद्धानंद ने अहम योगदान दिया। कार्यक्रम में उद्बोधन में कहा कि स्वामी श्रद्धानंद ने स्त्री शिक्षा की अलख जगाई ।पश्चिमी शिक्षा की जगह वैदिक युगीन गुरुकुल शिक्षा प्रणाली की आधारशिला रखने और स्त्री शिक्षा जैसे कार्यों के लिए वे हमेशा याद किए जाएंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अजय गर्ग (प्रधान बड़े बाज़ार ) ने की. मुख्य अतिथि के रूप में डॉ जगजीत आहूजा व विशिष्ट अतिथि सुशोभिता मठारू सम्मानित अतिथि निशा अग्रवाल रहे. कार्यक्रम के उपरांत आर्य केंद्रीय सभा के प्रधान आत्म आर्य ने इस कार्यक्रम में आए हुए सभी व्यक्तियों का धन्यवाद किया
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सुनीता सिंगला, कविता भाटिया, राजेश भाटिया, सच्चिदानंद, छोकर , बेला भाटिया, शारदा बरेजा ,शकुंतला सिंगला, संजीव मखीजा, भूषण नागपाल, निर्मल, वसु, मनीषा , आत्म बरेजा, कमलेश कथूरिया, वीरेंद्र आर्य, संदीप आर्य, सुरिंदर आर्य आदि मौजूद रहे.

Comments