स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का धरना दूसरे दिवस में प्रवेश कर गया
BOL PANIPAT : आज स्वास्थ्य कर्मचारी संघ सम्बन्धित भारतीय मजदूर संघ जिला जीन्द का धरना दूसरे दिवस में प्रवेश कर गया। जिसकी अध्यक्षता डॉ० अरुण, उझाना व सी०एच०ओ० डॉ० मोहन वशिष्ठ, ने की व मंच संचालन आर्य कुलदीप तथा योगेश ई०एम०टी० ने किया।
जिले के सभी नेशनल हैल्थ मिशन के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों ने नागरिक हस्पताल जीन्द में जोरदार नारेबाजी के साथ धरना दिया। आज के धरने की । मुख्य वक्ता सतबीर बूरा, जिलाध्यक्ष, भारतीय मजदूर संघ तथा विनोद शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष, भारतीय मजदूर संघ जिला जीन्द रहे।
इस अवसर पर ई०एम०टी० शेखर, स्टाफ शीतल, डॉ० अजय,डॉ० अरुण, डॉ० सन्दीप, डॉ० नितिका, ए०एन०एम० कमलेश बधाना, स्टाफ नर्स सीमा, अमित लाडवाल, सुरेश मांडी, सुनील रेढू, प्रवीण काउंसलर, ने कर्मचारियों को सम्बोधित किया।
संघ के मीडिया प्रभारी सुनील सैनी ने बताया कि एनएचएम कोरोना योद्धाओं ने बिना अतरिक्त मानदेय 24 घण्टे काम करके हरियाणा को कोरोना मुक्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया किंतु हरियाणा सरकार ने इनाम के रूप में DA खत्म करके कंसॉलिडेट वेतन का फरमान जारी किया जिससे सीधे तौर पर NHM बायलॉज खत्म होने का खतरा आ गया है ।
उन्होंने बताया कि सरकार तुरन्त इस फरमान को वापिस ले व स्वास्थ्य कर्मचारी संघ को वार्ता के लिए बुलाकर माँगों का निपटान करते हुए मणिपुर की तर्ज पर पक्का करे । अन्यथा प्रदेश की निर्णय अनुसार तीन दिवसीय हड़ताल अनिश्चितकालीन धरने में तब्दील हो जाएगी ।
कर्मचारियों की मुख्य मांगे निम्न प्रकार से है:
1.वित्त विभाग हरियाणा सरकार की ओर से जारी पत्र जिसमें सर्विस बायलॉज को रदद् करने की बात की जा रही है, उस पत्र को वापिस लिया जाए।
- माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार द्वारा नवम्बर में घोषित सातवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने बारे निर्देश दिए गए थे, उनको तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।
3.चार साल पहले माननीय मुख्यमंत्री द्वारा वेतन विसंगति दूर करने के लिए कमेटी का गठन किया था, जो मांग अभी तक लम्बित है, उसे तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। - कर्मचारियों को विधेयक पारित करते हुए सेवा सुरक्षा का लाभ दिया जाए।
किन्तु हरियाणा सरकार उक्त मांगो को दरकिनार करते हुए तुगलकी फरमान जारी करके कर्मचारियों का शोषण कर रही है जो कि स्वास्थ्य कर्मचारी संघ सम्बन्धित भारतीय मजदूर संघ
किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा और साथ ही सरकार को संगठन चेताना चाहता है कि हरियाणा सरकार इस तुगलकी फरमान को तुरंत प्रभाव से रदद् करे और कर्मचारियों की जायज मांग को तुरंत प्रभाव से लागू करे।
अन्यथा संघ इस हड़ताल को आगे बढ़ाते हुए ठोस कदम उठाने पर मजबूर होगा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए अपना रोष प्रकट किया। सरकार को चाहिए कि समय रहते कर्मचारियों से बात करके समाधान निकाला जाए।

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