एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में दो दिवसीय जिला युवा महोत्सव का शानदार समापन
-युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित रहा यह कार्यक्रम
-संस्कृति जीवन का आधार है जो व्यक्ति को ज्ञान, नैतिकता और समझ प्रदान करती है: हरपाल ढांडा, मुख्य अतिथि
BOL PANIPAT , 04 नवम्बर. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग हरियाणा सरकार द्वारा प्रायोजित तथा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान पानीपत एवं जिला प्रशासन के सौजन्य से दो दिवसीय जिला युवा महोत्सव का शानदार समापन हो गया जिसमें अंतिम दिन बतौर मुख्य अतिथि समाजसेवी और उद्योगपति हरपाल ढांडा ने शिरकत की और प्रतिभागियों का हौंसला बढाया । कार्यक्रम जिला युवा महोत्सव समिति के अध्यक्ष और उपायुक्त पानीपत डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया के मार्गदर्शन में हुआ । महोत्सव में युवाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों का मंच प्रदान कर संस्कृति के वाहक के रूप में प्रेरित किया गया । नोडल अधिकारी, आईटीआई पानीपत के प्राचार्य डॉ कृष्ण कुमार ने संयोजक के रूप में शिरकत की । मेहमानों का स्वागत डॉ कृष्ण कुमार और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने पौधा-रोपित गमले भेंट करके किया । मंच संचालन डॉ मोनिका खुराना ने किया । इस अवसर पर जिले के तकनिकी, शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक संस्थानों के 15 से 29 आयु वर्ग के सैकड़ों विद्यार्थियों ने इस उत्सव में भाग लिया और अपने हुनर को प्रदर्शित किया । अंतिम दिन पेंटिंग, भाषण, विज्ञान मेला और इंस्ट्रुमेंटल संगीत का आयोजन किया गया जिसके विजेताओं को माननीय मुख्य अतिथि ने पुरस्कृत किया ।
हरपाल ढांडा ने कहा कि संस्कृति जीवन का आधार है, जो व्यक्ति को ज्ञान, नैतिकता और समझ प्रदान करती है । यह केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है बल्कि सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करती है । अच्छे संस्कारों और संस्कृति से व्यक्ति आत्मनिर्भर बनता है और समाज में अपना स्थान बनाता है । हम चाहे किसी भी व्यवसाय को अपना ले पढ़ाई हर जगह हमारे काम आती है । पढ़ाई हमें समाज में सक्रिय रूप से भाग लेने और समाज को बेहतर बनाने में सक्षम बनाती है । पढ़ा-लिखा व्यक्ति कुशल कार्यबल के निर्माण से राष्ट्र की आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा मिलता है । शिक्षा नागरिक शिष्टाचार और संवैधानिक मूल्यों को सिखाती है जिससे नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना पैदा होती है ।
डॉ कृष्ण कुमार ने कहा कि जिला युवा महोत्सव ने 15 से 29 वर्ष के युवाओं को उनके कला-प्रतिभा प्रदर्शन का उपयुक्त मंच प्रदान किया है जिसका लाभ उन्हें जीवन में अवश्य मिलेगा । सरकार इस तरह के मंच प्रदान करके वाकई में अपने युवाओं का विकास चाहती है । इस प्रकार के कार्यक्रम से युवाओं का व्यक्तित्व निखरता है ।
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि पढ़ाई से बेहतर करियर के अवसर मिलते हैं और इससे हमारी निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है और समाज में सक्रिय भागीदारी संभव होती है । यह हमें आत्मनिर्भर बनाती है, जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देती है और सभ्य एवं जिम्मेदार नागरिक बनाती है । पढ़ाई व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है जिससे व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है । यह जीवन के बारे में बेहतर और तर्कसंगत निर्णय लेने में मदद करती है । शिक्षा से ज्ञान और विशेष कौशल प्राप्त होते हैं जो नौकरी या व्यापार के लिए अति महत्वपूर्ण हैं ।
निर्णायक मंडल की भूमिका में अपने-अपने क्षेत्र से विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया । आज की प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे:
पेंटिंग
एसडी (पीजी) कॉलेज पानीपत – प्रथम
आरोही मॉडल स्कूल बापौली – द्वितीय
अपोलो इंटरनेशनल स्कूल समालखा – तृतीय
भाषण
दीपांजली, एसडी (पीजी) कॉलेज पानीपत – प्रथम
मानवी, अपोलो इंटरनेशनल स्कूल समालखा – द्वितीय
जिज्ञासा, देश बंधू राजकीय महाविधालय पानीपत – तृतीय
विज्ञान मेला
एसडी (पीजी) कॉलेज पानीपत – प्रथम
आईटीआई पानीपत – द्वितीय
एसडी (पीजी) कॉलेज पानीपत – तृतीय
फोक इंस्ट्रुमेंटल (सोलो)
एसडी (पीजी) कॉलेज पानीपत – प्रथम
आईटीआई मतलौडा – द्वितीय
फोक इंस्ट्रुमेंटल (ग्रुप)
राजकीय आईटीआई पानीपत – प्रथम
एसडी (पीजी) कॉलेज पानीपत – द्वितीय
ग्रुप सोंग
आरोही मॉडल स्कूल बापौली – प्रथम
आईटीआई पानीपत – द्वितीय
आईटीआई मतलौडा – तृतीय

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