Tuesday, January 13, 2026
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पर्यावरण बचाने हेतू ‘जल बिन सब सून’नाटक का हुआ मंचन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at March 26, 2022 Tags: , , , ,

एसडी पीजी कॉलेज में सात दिवसीय कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी स्तर एनएसएस कैंप का चौथा दिन

नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा की तरह हरियाणा स्कूल ऑफ़ ड्रामा भी हरियाणा में स्थापित हो : दिनेश खन्ना

ग्रुप डांस प्रतियोगिता में एसडी पीजी कॉलेज ने तो म्यूजिकल चेयर में हिमांशी और काजल ने मारी बाजी 

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र एनएसएस प्रकोष्ठ के सौजन्य से और उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार के प्रायोजन से 23 से 29मार्च तक चलने वाले सात दिवसीय यूनिवर्सिटी स्तर एनएसएस कैंप का चौथादिन रहा. वन विभाग के सौजन्य से प्रधान मुख्य वन संरक्षक जगदीश चन्द्र की प्रेरणा से और मुख्य वन संरक्षक जी रमन के सानिध्य में आज नाटक‘जल बिन सब सून’ का मंचन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा दिल्लीके निदेशक दिनेश खन्ना रहे जिन्होनेंहरियाणा साहित्य अकादमी के सौजन्य से आयोजित संगोष्ठी में भाग लेकर प्रतिभागियों के साथ जीवंत संवाद किया. इस मौके पर वन विभाग से पीआरओ रीता राय, ज्ञानचन्द समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे. मेहमानों का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, कॉलेज में एनएसएस प्रभारी डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी ने किया.

आजमंचितनाटक ‘जल बिन सब सून’ के माध्यम से लोगों से अपील की गई की पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का अभिन्न अंग माने क्यूंकि यदि पर्यावरण स्वच्छ एवं स्वस्थ होगा तभी आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ वातावरण प्राप्त हो सकेगा.कोविड-19 के संक्रमण काल से सीख लेते हुए पर्यावरण संरक्षण की महत्ता कोसमझना होगा. नाटक को विशाल, विवेक, विकल्प रंजन, आशीष, श्रुति, नेहा और अमन ने पेश किया.

चौथे दिन ग्रुप डांस प्रतियोगिता का आयोजन भी हुआ जिसमे एसडी पीजी कॉलेज पानीपतने प्रथम,आईबी पीजी कॉलेज पानीपत और जेसीएमएम असंध ने संयुक्त रूप से द्वितीय और जाट कॉलेज कैथल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया.

आज के दिन रोचक खेलों का आयोजन किया गया जिसमे म्यूजिकल चेयर (महिला) में चिरंजीलाल राजकीय महाविधालय करनाल के हिमांशु ने और महिला वर्ग में राजकीय महाविधालय बहरामपुर बापौली की काजल नेपहला स्थान पाया. वन लेग रेस प्रतियोगिता के पुरुष वर्ग में आरकेएसडी कॉलेज कैथल के रवि और महिला वर्ग में राजकीय महाविधालय पानीपत की जान्वी ने प्रथम स्थान हासिल किया. थ्री लेग रेस के महिला वर्ग में राजकीय महाविधालय पानीपत की  जान्वी एवंमुस्कानऔर पुरुष वर्ग में आर्य कॉलेज पानीपत के प्रिंस एवं सिद्धार्थ की जोड़ी ने बाजी मारी. विदित रहे की रात-दिन चलने वाले इस सात दिवसीय आवासीय कैंप में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय के अंतर्गत आने वाले 24 महाविधालयों के 200 से अधिक एनएसएस कार्यकर्ता और अधिकारी भाग ले रहे है.

दिनेश खन्ना निदेशक नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा दिल्ली ने कहा की देश के इतिहास में नाटक और संगीत की जगह हमेशा से खास रही है. रंगमंच की विधा को पसंद करने वालों और उसे आगे ले जाने वाले कलाकारों की संख्या में कोई कमी नहीं है. नाट्य विद्या को एक पाठ्यक्रम के तौर पर पढ़ाने की शुरुआत करने का श्रेय राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय यानी एनएसडी को जाता है. एनएसडी ने एक संस्थान के तौर पर भारत में नाट्य विधा के क्षेत्र में कई बड़े नाम दिये है जिन्होने रंगमंच और भारतीय फिल्मों दोनों को ही बखूबी निखारने का काम किया है. नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा की तरह हरियाणा में भी हरियाणा स्कूल ऑफ़ ड्रामा की स्थापना होनी चाहिए.एनएसडी से प्रशिक्षित होकर भारतीय फिल्मों में अपने अभिनय के दम पर एक मुकाम हासिल करने वाले अभिनेताओं में बड़े-बड़े नाम शामिल है.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि धरती पर जितना भी जितना भी प्राण है वो सब वायु तत्व है. धरती भी श्वांस ले रही है. वायु ही हमारी आयु भी है. हम जो सांस के रूप में हवा लेते हैं उससे ही हमारा होना निश्चित है. इसी की वजह से हमारा जीवन है. उन्होनें कहा की मानव शरीर पांच तत्वों से बना होता है – मिट्टी,पानी, अग्नि, वायु और शून्य. इन्ही को पंच महाभूत या पंच तत्व कहा जाता है. ये सभी तत्व शरीर के सात प्रमुख चक्रों में बंटे हैं. सात चक्र और पांच तत्वों का संतुलन ही हमारे तन व मन को स्वस्थ रखता है. इसीलिए हमें धरती के पञ्च तत्वों को भी सुरक्षित रखना होगा. यही पर्यावरण बचाने का मूल-मन्त्र और सन्देश है.

राजीव रंजन पीआरओ बिजली विभाग पंचकूला ने कहा की पर्यावरण संरक्षण के लिए वन विभाग द्वारा नाटक को माध्यम बनाना एक सराहनीय कदम है क्योंकि नाटक नव जागरण का सशक्त माध्यम है.नाटक का मन-मस्तिष्क पर स्थाई असर रहता है.

इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया,डॉ बलजिंदर सिंह, प्रो सनी, प्रो सोनिका, प्रो हिमानी, प्रो मनमीत सिंह, प्रो मनोज कुमार, दीपक मित्तल मौजूद रहे. 

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