Saturday, July 18, 2026
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‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के उपलक्ष में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at January 12, 2023 Tags: , , , ,

एसडी पीजी कॉलेज में स्वामी विवेकानंद जयंती उत्सव ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ का भव्य आयोजन

महाविद्यालय के एन.एस.एस व यूथ रेड क्रॉस द्वारा ‘संपूर्ण विवेकानंद साहित्य प्रदर्शनी’ का आयोजन

युवा दिवस के उप्लक्ष्यमें ‘हरियाणा स्टेट ऐड्स कंट्रोल सोसायटी पंचकूला तथा सिविल सर्जन पानीपत’द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

‘महात्मा गांधी ने कहा था कि स्वामी विवेकानंद को पढ़ने से मेरा भारत के प्रति प्रेम हजार गुना बढ़ गया’ : अलका गौरीजोशी प्रांत संगठकविवेकानंद केंद्र पंजाब एवं हरियाणा

जागरूकता एवं जांच से एड्स से बचाव है संभव : डॉ ललित वर्मा, डिप्टी सी.एम.ओ. पानीपत

प्रचंड युवा शक्ति की राष्ट्रीय उत्कर्ष में सर्वोपरि भूमिका : प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा

BOL PANIPAT : इस अवसर पर हरियाणा ऐड्स कंट्रोल सोसायटी पंचकूला, सिविल सर्जन पानीपत और महाविद्यालय के एन.एस.एस. व यूथ रेड क्रॉस द्वारा एच.आई.वी/एड्स तथा यौन रोगों पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। सिविल हॉस्पिटल पानीपत से डिप्टी सीएमओ डॉ ललित वर्मा ने छात्र-छात्राओं को एच.आई.वी/एड्स व यौन रोगों के विषय में विस्तार से जानकारी दी तथा आंकड़ों को साँझाकिया। डॉ ललित वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सावधानी व जाँच से एच.आई.वी. व एड्स जैसी जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है। भारत में इस दृष्टिकोण से जागरूकता का अभाव है। एड्स के रोगियों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है।हमारे युवा को एच.आई.वी/एड्स व यौन रोगों के विषय में पर्याप्त जानकारी होनी चाहिए तथा समाज में अन्योंको जागरूक करने का भाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद केनवभारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को सर्वाधिक महत्व दिया है। इस देश के युवा का स्वास्थ्य व संस्कार राष्ट्र की सुदृढ़ता व बहुआयामी प्रगति का आधार है। स्वस्थ युवा, स्वस्थ राष्ट्र की नींव है। युवा का स्वास्थ्य राष्ट्रीय संपदा है।असावधानी व संकोच से युवा एच.आई.वी./एड्स व यौन रोगों का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि सिविल हॉस्पिटल पानीपत में एच.आई.वी./एड्स के काउंसलर नियुक्त है तथा युवा किसी भी संशय की स्थिति में जानकारी के लिए उनसे संपर्क कर सकते हैं। डॉ ललित वर्मा ने कहा कि जिस प्रकार हमने मास्क, सैनिटाइजर, दूरी और उपचार आदि के माध्यम से कोविड जैसी सदी की महामारी का सफलतापूर्वक सामना किया ऐसी जागरूकता व सावधानी एच.आई.वी./एड्स रोगों के विषय में अपनानीआवश्यक है।

इस अवसर पर महाविद्यालय मेंएन.एस.एस., यूथ रेड क्रॉसव विवेकानंद केंद्र के द्वारा ‘विवेकानंदसाहित्य प्रदर्शनी’ का आयोजन किया गया प्रदर्शनी का संयोजन प्रोफेसर यशोदा अग्रवाल ने किया एसडी पीजी कॉलेज पानीपत गत 10 वर्षों से स्वामी विवेकानंद-जीवन-दर्शन-साहित्य-संदेश विषयों पर सक्रियता से अनेक कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित करता रहा है इन कार्यक्रमों में अनेक राष्ट्रीय कांफ्रेंस,सेमिनार, पुस्तक व पोस्टर प्रदर्शनी आयोजित की गई है विवेकानंद साहित्य प्रदर्शनी के स्टॉल्स पर छात्र-छात्राओं की अच्छी खासी भीड़ जुटी यद्यपि वर्तमान में सभी विद्यार्थी परीक्षाओं में व्यस्त है, तथापि आज विद्यार्थियों कीपरीक्षा उपरांत विवेकानंद साहित्य में रुचि देखने को बनती थी

महाविद्यालय कोगत अनेक वर्षों से विवेकानंद साहित्य अध्ययन व प्रचार के क्षेत्रों में अलका गौरीजोशी, प्रांत संगठक, विवेकानंद केंद्र, पंजाब एवं हरियाणा का मार्गदर्शन व आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है इस अवसर पर अलका गोरी जोशी जी ने अपने संदेश में कहा कि रविंद्र नाथ ठाकुर कहते हैं कि यदि भारत को जानना है तो स्वामी विवेकानंद को पढ़ना महात्मा गांधी ने कहा था कि स्वामी विवेकानंद को पढ़ने से मेरा भारत के प्रति प्रेम हजार गुना बढ़ गया उन्होंने कहा कि आशा है कि इस पुस्तक प्रदर्शनी के माध्यम से इन पुस्तकों का लाभ लेकर युवा अपने जीवन के उद्देश्य को पा सके और भारत के उत्थान में अपना सक्रिय योगदान दे सकें

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि भारत सर्वाधिक युवा प्रधान देश है परंतु हमारी युवा शक्ति जाति-धर्म-भाषा-क्षेत्र के आधार पर विभाजित है स्वामी विवेकानंद के सपनों के भारत के निर्माण के लिए युवा मन में राष्ट्रीय संस्कार का उदय होना आवश्यक है राष्ट्र सर्वोपरि प्रत्येक युवा का सबसे बड़ा धर्म व प्राथमिकता होनी चाहिए वर्तमान समय में युवा ऊर्जा का संगठित होना अति आवश्यक है स्वामी विवेकानंद युवाओं के आदर्श हैं स्वामी विवेकानंद ने स्वस्थ एवं संस्कारित युवा को राष्ट्रीय उत्थान का मूल माना है प्राचार्य ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन विषय पर संबोधित किया उन्होंने विद्यार्थियों के समक्ष स्वामी विवेकानंद के कुछ महावाक्यका व्याख्यान किया स्वामी विवेकानंद का लोकप्रिय महावाक्य ‘उठो, जागो, रुको नहीं जब तक ध्येयकी प्राप्ति ना हो’ स्वामी विवेकानंद की इस शिक्षा को यदि विद्यार्थी अपने जीवन आचरण में अपनाते हैं तो ऊर्जा और एकाग्रता से अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं तथा राष्ट्र विकास में सहयोग दे सकते हैंयुवा शक्ति हमारे राष्ट्र की अमूल्य संपदा एवं प्राणतत्व है युवा ही हमारी गति, स्फूर्ति, चेतना, प्रज्ञा और राष्ट्र का ओज हैजिस व्यक्ति की ऊर्जा अक्षुण्ण है, जिसका यश अक्षय है, जिसका जीवन अंतहीन है, जिसका पराक्रम अपराजेय है, जिसकी आस्था अडिग है और संकल्प अटल है वही सच्चे मायों में युवा है जो अपनी शक्ति, सामर्थ्य और साहस से राष्ट्र को परम वैभव तक पहुंचाने का दायित्व सहर्ष स्वीकारता है वही युवा है स्वामी जी भली-भांति जानते थे कि हमारे शक्तिमान, बुद्धिमान, पवित्र और नि:स्वार्थ युवा ही भारत के गौरव को स्थापित और आगे बढ़ा सकते है युवा ही भारत और संपूर्ण संसार का उत्थान कर सकते हैं परन्तु ऐसा करते समय युवाओं को कठिन परिश्रम करना होगा और अपना आलस्य त्यागना होगास्वामी जी चाहते थे कि भारतीय युवा पश्चिम से तकनीक और प्रौद्योगिकी का ज्ञान तो प्राप्त करें परंतु बदले में उन्हें भारतीय धर्म और दर्शन के उदात्त मूल्यों से परिचित भी कराएं वेदांत दर्शन के मर्म को गहराई से समझने वाले स्वामी जी ने युवकों को ‘आत्म दीपो भव’ की शिक्षा दी वे चाहते थे कि हमारे युवा महत्वाकांक्षी बने और बड़े-बड़े सपने देखें और फिर बड़े आदर्शों को लेकर महान कार्य करेंस्वामीजी भारतीय समाज को स्वाभिमानी बनाने तथा एकजुट होने की उन्होंने प्रेरणा देते रहे और अब हर युवा का दायित्व है कि वह उनके दूरदर्शी दर्शन को अपने व्यवहार में साकार कर इस देश के साथ-साथ सम्पूर्ण दुनिया का मार्गदर्शन करे

उपरोक्त दोनों कार्यक्रमों का आयोजन महाविद्यालय के एन.एस.एस.तथा यूथ रेडक्रॉसके अंतर्गत हुआ इस अवसर पर एन.एस.एस. व यूथ रेड क्रॉस प्रभारी डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि महाविद्यालय में एन.एस.एस. व यूथ रेड क्रॉस की गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज व राष्ट्रीय विषयों के प्रति निरंतर जागरूक किया जा रहा है युवा निर्माण में मात्र किताबी शिक्षा की भूमिका नहीं है एन.एस.एस. व यूथ रेड क्रॉस के माध्यम से व्यवहारिक प्रयोगों से युवा कोसमाज व राष्ट्र में जोड़ना अनिवार्य है

इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक डॉ संतोष कुमारी ने कहा कि गत कुछ वर्षों से विशेष तौर पर ग्रामीण आंचल की छात्राओं को एन.एस.एस. व यूथ रेड क्रॉस से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है राष्ट्रीय विकास में ग्राम एक अहम इकाई है हमारे महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं अपने शिक्षकों के ज्ञान केसंस्कार से संस्कारित हो अपने-अपने ग्राम में समाज के प्रति अपनी भूमिका समझते हुए समाज उपयोगी कार्य मेंसलंगन हो, ऐसा महाविद्यालय का प्रयास है

इस अवसर पर डॉ राकेश गर्ग,डॉ. संतोष कुमारी, प्रो.यशोदा प्रो. इंदु पुनिया, प्रो मनोज आदि उपस्थित रहे

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