विवेकानंद दर्शन नव भारत निर्माण का सशक्त आश्वासन है: दिनेश गोयल
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में स्वामी विवेकानंद जयंती विवेकोत्सव ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर दो दिवसीय कार्यक्रम
· विवेकानंद साहित्य चेतना यात्रा
· विवेकानंद साहित्य एवं पुस्तक प्रदर्शनी
· स्वामी विवेकानंद पर वृत्तचित्र (डाक्यूमेंट्री)
· प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का राष्ट्रीय युवा महोत्सव नासिक (महाराष्ट्र) से सीधा प्रसारण
· कॉलेज के दो स्वयंसेवक नासिक (महाराष्ट्र) में आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव का बने हिस्सा
· युवाओं का भविष्य बदल सकते है स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार: दिनेश गोयल
BOL PANIPAT , 12 जनवरी :
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों द्वारा स्वामी विवेकानंद जयंती के पावन अवसर एवं ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के उपलक्ष्य में आयोजित विविध कार्यक्रमों, पुस्तक प्रदर्शनी और विशाल चेतना यात्रा का सारगर्भित समापन हो गया । दो दिन चलने वाले विविध कार्यक्रमों में एन.एस.एस. स्वयंसेवकों और छात्र-छात्राओं ने पुरे जोश के साथ हिस्सा लिया । अंतिम दिन के कार्यक्रमों की विधिवत शुरुआत कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने की । उनके साथ प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, एन.एस.एस. प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग, डॉ संतोष कुमारी, कॉलेज में सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रभारी डॉ संगीता गुप्ता, प्रो इंदु पुनिया, डॉ एसके वर्मा और अन्य प्राध्यापकों ने छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया । अंतिम दिन आकर्षण का केंद्र विवेकानंद साहित्य प्रदर्शनी एवं पुस्तक मेले का आयोजन रहा जिसमे स्वामी जी के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी द्वारा प्रकाशित समस्त पुस्तकों की प्रदर्शनी रहा । ये सारी पुस्तकें कॉलेज की लाइब्रेरी में आमजन के लिए उपलब्ध है और कोई भी व्यक्ति कॉलेज में आकर इन्हें पढ़कर इनका लाभ उठा सकता है । इसके साथ छात्र-छात्राओं को विवेकानंद के जीवन पर आधारित डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई । अंतिम पड़ाव में विवेकानंद साहित्य चेतना यात्रा निकाली गई जिसमे युवा विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने ‘मैं हूँ विवेकानंद’ के नारों के साथ कॉलेज प्रांगण को विवेकानंदमयी बना दिया । विदित रहे कि महाविद्यालय में विवेकानंद केंद्र की विविध गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों के प्रति निरंतर जागरूक किया जा रहा है । कालेज के एन.एस.एस. स्वयंसेवकों और छात्र-छात्राओं ने विवेकानंद साहित्य चेतना यात्रा में हिस्सा लेकर समाज को स्वामी विवेकानंद के बताये मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया ।
आज ही के दिन नासिक (महाराष्ट्र) में 12 से 16 जनवरी तक आयोजित राष्टीय युवा महोत्सव में प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के भाषण को सभी स्वयंसेवकों को ऑनलाइन सुनाया गया । उन्होनें कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी जितनी अधिक होगी, राष्ट्र का भविष्य उतना ही बेहतर होगा । उनके साथ अनुराग सिंह ठाकुर भारत सरकार के केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा मामले एवं खेल मंत्री भी उपस्थित रहे । एन.एस.एस. स्वयंसेवक दीपक और सौरभ भी इस महोत्सव में कॉलेज का प्रतिनिधित्व कर रहे है ।
दिनेश गोयल प्रधान ने कहा कि हमें कभी नहीं भूलना चाहिए कि देश की आज़ादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व बलिदान कर लोगों में क्रांति का बीजारोपण करने वाले अधिकांश युवा स्वामी जी को ही अपना आदर्श मानते थे । स्वामी विवेकानंद ने देश की आन, बान और शान के लिए अपने निजी जीवन के समस्त सुखों का त्याग कर दिया था और अपना समस्त जीवन देश के लिए न्यौछावर कर दिया था । स्वामीजी के अनमोल विचार किसी भी युवा की तकदीर को बदल सकते है । विवेकानंद दर्शन ही नव भारत निर्माण का सशक्त आश्वासन है ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि युवा पीढ़ी किसी भी देश के विकास की रीढ़ होती है । रीढ़ अगर खराब हो जाए तो शरीर का सीधे खड़े रहना मुमकिन नहीं होता । ठीक इसी प्रकार देश के विकास के लिए युवा वर्ग की मानसिकता का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है । हमारे मानसिक स्वास्थ्य को स्वामी विवेकानंद के विचार ही मजबूत बना सकते है और वही हर युवा के मार्गदर्शक होने चाहिए । विवेकानंद ने ही देश की युवा शक्ति को जागृत कर उसे देश के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराया और उन्हें सही दिशा में प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया । उनके विचार पहले भी प्रासंगिक थे, आज भी है और भविष्य में भी रहेंगे ।
डॉ संगीता गुप्ता ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं को नियमित रूप से आयोजित करने से युवाओं को अत्यधिक लाभ मिलता है । स्वामी विवेकानंद सही मायनों में युवाओं के प्रेरणास्रोत और आदर्श व्यक्तित्व के धनी है । उन्हें उनके ओजस्वी विचारों और आदर्शों के कारण जाना जाता है । विवेकानंद सदैव कहा करते थे कि उनकी आशाएं देश के युवा वर्ग पर ही टिकी हुई हैं । वे आधुनिक मानव के आदर्श प्रतिनिधि थे और खासकर भारतीय युवाओं के लिए उनसे बढ़कर भारतीय नवजागरण का अग्रदूत अन्य कोई नेता नहीं हो सकता है ।
डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि ज्ञान तब तक अधूरा है जब तक हम अच्छे संस्कारो से युक्त न हो । हमें अपने अंदर व्याप्त ‘अहं’ को काबू में रखना सीखना होगा । कामनाओं और इच्छाओं को नियमित में रखकर ही हम सही निर्णय ले सकते है । जीवन में लक्ष्य बहुत जरूरी है परन्तु उन लक्ष्यों को पाने का तरीका भी सही होना चाहिए । हमारा मन महिलाओं के प्रति श्रद्धा तथा सुविचार से युक्त होना चाहिए । स्वामी विवेकानंद के विचारों में जीवन जीने की कला और शक्ति व्याप्त है । बाहरी दुनिया से भी बड़ी एक दुनिया हमारे अंदर है और यह है हमारी चेतना । जब हम किसी समस्या को हल नहीं कर पाते और मायूस हो जाते है तो उसका समाधान हमारे भीतर ही छिपा होता है । स्वामीजी को पढ़ने और जानने से यही शक्ति और आत्मविश्वास हमारे भीतर पैदा होती है । स्वामी विवेकानंद से बड़ा पथ प्रदर्शक कोई नहीं है और उनके बताये मार्ग पर चलकर ही हम कामयाबी पा सकते है ।
इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य डॉ नवीन गोयल, प्रो राकेश सिंगला, डॉ बलजिंदर सिंह, डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ राकेश गर्ग, डॉ मोनिका खुराना, प्रो पवन कुमार, प्रो मनोज कुमार, प्रो इंदु पुनिया, प्रो किरण मलिक, प्रो जुगमती, प्रो कविता, प्रो मीतु सैनी, दीपक मित्तल, चिराग सिंगला आदि उपस्थित रहे ।

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