जल प्रदूषण केवल पर्यावरणीय चुनौती नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
जल प्रदूषण पर सख्त हुए उपायुक्त, बिना ट्रीटमेंट छोड़े जा रहे पानी पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट
ड्रेनों की होगी गहन मॉनिटरिंग, सीईटीपी-एसटीपी व्यवस्था की समीक्षा के लिए उपायुक्त मैदान में उतरेंगे
पानीपत में जल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण पर फोकस, उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
जिले की ड्रेनों को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम, डीसी ने तय किया निरीक्षण अभियान
BOL PANIPAT , 8 जून। जिले में जल एवं वायु प्रदूषण की रोकथाम तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से सोमवार को जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष रूप से जल प्रदूषण की स्थिति, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की कार्यप्रणाली और ड्रेनों में छोड़े जा रहे अपशिष्ट जल की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में संचालित सीईटीपी एवं एसटीपी की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी बिंदुओं पर तथ्यात्मक एवं अद्यतन पीपीटी तैयार की जाए।
उपायुक्त ने विशेष रूप से यह जानकारी एकत्रित करने के निर्देश दिए कि किन-किन विभागों, संस्थानों अथवा इकाइयों का पानी बिना उपचार (ट्रीटमेंट) के ड्रेनों अथवा जल स्रोतों में छोड़ा जा रहा है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जल प्रदूषण केवल पर्यावरणीय चुनौती नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। स्वच्छ जल प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसे प्रदूषित होने से बचाना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा प्रदूषण नियंत्रण मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में बहने वाली प्रमुख ड्रेनों की नियमित निगरानी की जाए और प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में ड्रेन नंबर-1, ड्रेन नंबर-2, ड्रेन नंबर-6 तथा ड्रेन नंबर-8 की स्थिति की विशेष समीक्षा की गई। उपायुक्त ने इन ड्रेनों में गिरने वाले अपशिष्ट जल की जांच और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने बताया कि मंगलवार को वे स्वयं पानीपत एवं समालखा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण करेंगे, जहां जल प्रदूषण से संबंधित व्यवस्थाओं, ट्रीटमेंट प्लांटों तथा ड्रेनों की स्थिति का मौके पर जायजा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
डॉ.वशिष्ठ ने कहा कि जल स्रोतों की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा निर्धारित मानकों का पूरी गंभीरता से पालन करवाएं। बैठक में एसडीएम पानीपत मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, चीफ इंजीनियर रमेश बागड़ी, क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) भूपेंद्र चहल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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