किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना सरकार का मुख्य उद्देश्य: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
-पराली प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम, 38 कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन
-किसानों को मिलेगा आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ
-फसल अवशेष प्रबंधन से पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी मजबूती
BOL PANIPAT , 21 जनवरी। स्थानीय अनाज मंडी पानीपत, इसराना मंडी और मतलौडा मंडी में बुधवार को फसल अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत 38 कृषि यंत्रों, बेलर एवं रैक का भौतिक सत्यापन किया गया। यह सत्यापन जिला स्तरीय टीम द्वारा किया गया।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन योजना किसानों और पर्यावरण दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आधुनिक कृषि यंत्रों के माध्यम से पराली जलाने की समस्या का स्थायी समाधान संभव है। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र किसानों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे। भौतिक सत्यापन इसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
उपायुक्त डॉ दहिया ने बताया कि सरकार का उद्देश्य किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है, ताकि खेती लाभकारी होने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल भी बने।
डीडीए आत्मा राम गोदारा ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत उपलब्ध कराए जा रहे यंत्र किसानों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ पराली प्रबंधन में कारगर साबित होंगे। विभागीय टीम द्वारा किया गया यह भौतिक सत्यापन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और जवाबदेही को दर्शाता है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इन आधुनिक यंत्रों का अधिक से अधिक उपयोग कर पराली न जलाएं और स्वच्छ पर्यावरण निर्माण में अपनी सहभागिता निभाएं। जिला प्रशासन और कृषि विभाग की इस पहल से न केवल किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, बल्कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और सतत कृषि को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस मौके पर सीडीओ डॉ. देवेंद्र कुहाड़, सहायक कृषि अभियंता सुधीर कुमार, विषय विशेषज्ञ डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. राधे श्याम, खंड कृषि अधिकारी, जीएसटी निरीक्षक तथा कृषि विकास अधिकारी सोहन सिंह उपस्थित रहे।

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