‘आप’ की ‘एक विधायक एक पेंशन’ की मांग से तिलमिलाकर हरियाणा सरकार दे रही बिना सिर-पैर के ब्यान : सुशील गुप्ता
- हमने फिजूलखर्ची रोककर जनता का पैसा बचाने की बात कही तो भाजपा तिलमिला केजरीवाल के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगी- सुशील गुप्ता
- केजरीवाल जी हमेशा कहते हैं कि हमें जो गाली देनी है दो लेकिन जनता का काम तो करो- सुशील गुप्ता
- बचपन में जहां से पढ़ाई की उस स्कूल को तक बेहतर नहीं कर पाए हरियाणा के मुख्यमंत्री- सुशील गुप्ता
- स्कूल का प्लास्तर निकला हुआ है, दरवाज़ों की हालत खराब है, ज़मीन पर रोड़ी बिखरी हुई है- सुशील गुप्ता
- खट्टर साहब को किसानों की नहीं बल्कि इस बात की फिक्र है कि चोटाला परिवार को लाखों रुपए की पेंशन जाती रहे- सुशील गुप्ता
- हम खट्टर सरकार से ‘एक विधायक एक पेंशन’ को लागू करने की फिर से मांग’ करते हैं- सुशील गुप्ता
- लोग चाहते हैं कि आम आदमी पार्टी की सरकार आए और खास लोगों की मनमानी को पूरी हरियाणा में खत्म करे- सुशील गुप्ता
BOL PANIPAT : ‘आप’ हरियाणा प्रभारी सुशील गुप्ता ने खट्टर सरकार द्वारा केजरीवाल के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करने के लिए प्रेसवार्ता कर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की खट्टर सरकार खटारा हो चुकी है। हमने ‘एक विधायक एक पेंशन’ की मांग तो वह तिलमिला गई और बिना सिर-पैर के ब्यान दे रही है। हमने फिजूलखर्ची रोककर जनता का पैसा बचाने की बात कही तो भाजपा केजरीवाल के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग कर रही है। हैरानी की बात तो यह है कि बचपन में जहां से पढ़ाई की खट्टर साहब उस स्कूल को तक बेहतर नहीं कर पाए। हम खट्टर सरकार से ‘एक विधायक एक पेंशन’ को लागू करने की फिर से मांग’ करते हैं।
आम आदमी पार्टी से हरियाणा प्रभारी और राज्यसभा सदस्य सुशील गुप्ता ने सोमवार को पानीपत में प्रेसवार्ता को संबोधित किया। सुशील गुप्ता ने कहा कि खट्टर सरकार खटारा हो चुकी है। हरियाणा में कोई काम किए बिना ही बिना सिर-पैर का ब्यान दे रही है। हमने फिजूलखर्ची रोककर जनता का पैसा बचाने की बात कही तो भाजपा तिलमिला गई। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए असभ्य भाषा का प्रयोग करने लगे कि उनकी बुद्धि खराब है। केजरीवाल जी हमेशा कहते हैं कि हमें जो गाली देनी है दो लेकिन जनता का काम तो करो।
बचपन में जहां से पढ़ाई की उस स्कूल को तक बेहतर नहीं कर पाए हरियाणा मुख्यमंत्री
हरियाणा में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है। पूरे हिंदुस्तान में अगर भारत सरकार के आंकड़े निकालते हैं तो सबसे ज्यादा बेरोजगारी हरियाणा में है। हरियाणा में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। हर निगम में भ्रष्टाचार हो रहा है, उसपर लगाम नहीं लगा पा रहे हैं। स्कूलों का बुरा हाल है, एक भी स्कूल को बेहतर नहीं कर पाए। खट्टर साहब हाल ही में अपने बचपन के स्कूल पहुंचे। मैं आपको उसकी फोटो दिखाता हूं और साथ ही दिल्ली के सरकारी स्कूल की फोटो दिखाता हूं। खट्टर साहब कम से कम अपने बचपन के स्कूल को तो सुधार लेते। स्कूल का प्लास्तर निकला हुआ है, दरवाज़ों की हालत खराब है। ज़मीन पर रोड़ी बिखरी हुई है। यह स्थिति उनके अपने स्कूल की है। जब आप स्कूल गए, बच्चों को लगना चाहिए था कि उनके मुख्यमंत्री आ रहे हैं, जिन्होंने स्कूल और शिक्षा को बेहतर कर दिया। लेकिन वहां कुछ और ही माहौल था।
हरियाणा के अस्पताल भी बदतर हालत में, किसानों की हो रही दुर्गति
यही हाल हरियाणा के अस्पतालों का है। इलाज के लिए लोगों को दिल्ली भागना पड़ता है। मंहगाई काबू से बाहर है। किसान की दुर्गति हो रही है। यह लोग किसान को कभी आतंकवादी कहते हैं तो कभी उन्हें चीन और पाकिस्तान की जड़ें बताते हैं। अपने ही अन्नदाता के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। खट्टर साहब को किसानों की कोई फिक्र नहीं है, फिक्र है तो इस बात की कि चोटाला परिवार को लाखों रुपए की पेंशन जाए। कहीं पेंशन कट न जाए। हमने मांग की थी कि एक विधायक को एक ही पेंशन जाए। हमने पंजाब में कानून बनाया कि एक विधायक को एक ही पेंशन मिलेगी। हमने हरियाणा में घोषणा की आम आदमी पार्टी का हर नेता एक ही पेंशन लेगा। हरियाणा सरकार से भी निवेदन किया कि आप भी एक पेंशन का कानून लेकर आए। इसपर वह तिलमिला गए। एक पेंशन के कानून से करोड़ों रुपए बच सकते हैं, जो गरीब बच्चों की शिक्षा के काम आ सकते हैं।
मैंने खट्टर साहब के स्कूल की तस्वीर दिखाई। यदि वह हमारी मांग को मानकर एक पेंशन का कानून लागू करते तो उससे बचे करोड़ों रुपयों की मदद से अपने बचपन के स्कूल को बेहतर कर पाते। ऐसी हालत नहीं होती कि उन्हें वहां जाकर खुद बताना पड़ रहा है कि मैंने बचपन में यहीं से पढ़ाई की है। जिस प्रकार से उन्होंने केजरीवाल जी के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया है, स्पष्ट है वह पेंशन छोड़ना नहीं चाहते हैं। सरकारी खजाने में लगातर पांच-पांच, छे-छे का डाका पड़ता रहे। बच्चे अच्छी शिक्षा के लिए त्रस्त रहें। बीमार इलाज के लिए दिल्ली की ओर भागते रहें, इन चीजों में सुधार नहीं चाहते हैं।
खट्टर सरकार से ‘एक विधायक एक पेंशन’ की फिर से मांग’
मैं कहना चाहता हूं कि खट्टर सरकार ने यदि आम आदमी पार्टी की तरह चलना नहीं शुरू किया तो आम आदमी पार्टी आने में देर नहीं लगेगी। लोग चाहते हैं कि आम आदमी पार्टी की सरकार आए और खास लोगों की मनमानी को पूरी हरियाणा में खत्म करें। जिस प्रकार से युवक आज बेरोजगारी के कारण गुनाह के रास्ते पर चल पड़ा है, पूरे हरियाणा में स्कूलों का बुरा हाल है, हरियाणा में आज अपराध बढ़ता जा रहा है, गुंडाराज है, खट्टर सरकार पूरी तरह खटारा हो चुकी है। अब हम इनसे पुन: मांग करते हैं कि राज्य में ‘एक विधायक एक पेंशन’ का कानून लागू हो। इससे जो करोड़ों रुपए बचेंगे, वह हरियाणा की हालत को सुधारने के काम आएंगे।

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