Thursday, November 5, 2026
Newspaper and Magzine


खेतों में सिंचाई व्यवस्था बाधित नहीं होने देंगे, किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता से होगा समाधान: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at November 5, 2026 Tags: , , , ,

किसानों की भूमिगत पाइपलाइन से जुड़ी आठ शिकायतों पर उपायुक्त ने लिया संज्ञान, अधिकारियों को समाधान के निर्देश

भूमिगत पाइपलाइन डालने और क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत में बाधा बर्दाश्त नहीं, उपायुक्त ने दिए कार्रवाई के निर्देश

किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन गंभीर, आठ शिकायतों पर जिला स्तरीय कमेटी ने की सुनवाई

BOL PANIPAT , 5 नवंबर। जिला सचिवालय सभागार में वीरवार को आयोजित बैठक मे उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। खेतों में सिंचाई व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए भूमिगत पाइपलाइन दबवाने और पहले से दबी हुई पाइप लाइनों की मरम्मत से संबंधित शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए संबंधित अधिकारी नियमानुसार मामलों का निपटारा सुनिश्चित करें।

उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ वीरवार को पंजाब भूमि सुधार अधिनियम (हरियाणा संशोधन 2018) के तहत जिला स्तरीय कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में किसानों की भूमिगत पाइपलाइन दबवाने और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों को ठीक करवाने में आ रही बाधाओं से संबंधित आठ शिकायतें रखी गईं।

उपायुक्त ने मौजूद शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार समाधान करने के निर्देश दिए। बैठक में गांव हलदाना, खुखराना, गढ़सरनाई, डिडवाड़ी, नौल्था, कुराना, अहर और कारद के किसानों से संबंधित मामले प्रस्तुत किए गए। इनमें कुछ किसानों ने अपने खेतों तक सिंचाई के लिए भूमिगत पाइपलाइन डालने की अनुमति नहीं दिए जाने की शिकायत की, जबकि कुछ किसानों ने पहले से दबी हुई पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बावजूद उसकी मरम्मत नहीं करवाने देने का मामला उठाया।

उपायुक्त ने सभी आठ मामलों पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों से संबंधित तथ्यों, मौके की स्थिति और संबंधित किसानों के पक्षों की पूरी जांच की जाए। दोनों पक्षों की बात सुनकर पंजाब भूमि सुधार अधिनियम (हरियाणा संशोधन 2018) के प्रावधानों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों को सिंचाई संबंधी परेशानी से राहत मिल सके।

उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि कृषि कार्यों में सिंचाई की महत्वपूर्ण भूमिका है। भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाना किसानों की आवश्यकता है। इसलिए ऐसे विवादों का समाधान कानून के दायरे में रहकर समयबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए। अधिकारी केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि शिकायतों का व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। बैठक में मंडल भूमि संरक्षण अधिकारी (मृदा संरक्षण) एवं जिला स्तरीय कमेटी के सदस्य सचिव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Comments


Leave a Reply