हिन्दू नेता वीरेश शांडिल्य को पाकिस्तान व खालिस्तान की गंभीर धमकियों के बाद खुफिया एजेंसिया व पुलिस गंभीर क्यों नहीं?
वीरेश शांडिल्य को पाकिस्तानी आतंकवादियों सहित खालिस्तानियों व कट्टरपंथियों की धमकियों पर हरियाणा व पंजाब पुलिस कर चुकी है शांडिल्य को धमकियां मिलने पर दर्जनों मुकदमें दर्ज
BOL PANIPAT : ‘‘वीरेश शांडिल्य को मिल रही धमकियों पर हाईकोर्ट के आदेश पर पाकिस्तान के हथियार तस्कर जसबीर चौधरी पर एफआईआर दर्ज हुई थी और इस हथियार तस्कर की सूचना पंजाब पुलिस ने भी हरियाणा पुलिस को शेयर की थी और हाईकोर्ट के जस्टिस कुलदीप तिवारी ने हरियाणा सरकार को आदेश दिए थे कि वीरेश शांडिल्य को मिली धमकी पर पुलिस लॉजिकल एंड तक जांच करें लेकिन हाईकोर्ट के आदेशों को भी अंबाला के कुछ पुलिस अधिकारियों ने एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य की जान को खतरे में डालते हुए हवा में उड़ा दिया’’

हिन्दू नेता व 2002 में पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली से जम्मू कश्मीर तक आतंकवाद विरोधी रथयात्रा निकालने वाले एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया व विश्व हिन्दू तख्त के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य व उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर खुफिया व हरियाणा पुलिस गंभीर क्यों नहीं है? वीरेश शांडिल्य को लगातार कई वर्षों से पाकिस्तानी आतंकवादियों सहित खालिस्तानियों कट्टरपंथियों व आतंकवादी भिंडरावाला समर्थकों की धमकियां मिलती हैं हरियाणा व पंजाब पुलिस में दर्जनों मुकदमें दर्ज हैं जिससे यह साबित होता है कि वीरेश शांडिल्य पाकिस्तानी आतंकवादियों सहित खालिस्तान के निशाने पर हैं और आज अगर उत्तर भारत में नजर दौड़ाएं जितना देशद्रोही ताकतों के खिलाफ सड़कों से लेकर कानूनी लड़ाई हिन्दू नेता वीरेश शांडिल्य बेखौफ लड़ रहे हैं लेकिन सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। हालांकि वीरेश शांडिल्य को हरियाणा पुलिस द्वारा 4 सुरक्षा कर्मी उपलब्ध करवाए हुए हैं लेकिन पड़ोसी राज्य पंजाब, चंडीगढ़ हिमाचल दिल्ली व अन्य राज्यों में वीरेश शांडिल्य की सुरक्षा को लेकर खुफिया विभाग ने कोई सुरक्षा के जरूरी आदेश या गाइड लाइन जारी नहीं की हुई है। क्या केंद्र व हरियाणा सरकार इस बात कर इंतजार कर रही है कि कब वीरेश शांडिल्य देशद्रोही ताकतों का निवाला बने। वीरेश शांडिल्य को कई बार हरियाणा सरकार ने स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने व देश की अमन व शांति के लिए जन आंदोलन तैयार करने पर सम्मानित भी किया है। वीरेश शांडिल्य को मिल रही आतंकी धमकियों को लेकर अंबाला शहर थाना व बलदेव नगर थाना में मुकदमें दर्ज हैं यही नहीं कई अधिकारी अपनी रिपोर्ट में यह कह चुके हैं कि वीरेश शांडिल्य को जान का खतरा है यही नहीं गृह मंत्रालय ने भी राज्य सरकार को पत्र जारी किया हुआ है कि वीरेश शांडिल्य को खतरा है लेकिन आज सुरक्षा सरकारों द्वारा स्टेटस के लिए बना दी गई हैं। खास बात यह है कि आज हरियाणा पंजाब चंडीगढ़ दिल्ली में वीरेश शांडिल्य एक ऐसे हिन्दू नेता हैं जो जान हथेली पर रखकर आतंकवाद के खिलाफजन आंदोलन तैयार कर रहे हैं और 2018 में अंबाला शहर में वीरेश शांडिल्य के दफ्तर को आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाला समर्थकों ने आग लगा दी थी जिस पर भिंडरावाला के दर्जनों समर्थकों पर अंबाला शहर थाना में एफआईआर 184/18 तत्कालीन एसपी अभिषेक जोरवाल के आदेश पर दर्जनों खालिस्तानियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी जो आज भी मामला अंबाला शहर की अदालत में चल रहा है यही नहीं अंबाला के तत्कालीन एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने वीरेश शांडिल्य को उनकी सुरक्षा को मद्दे नजर रखते हुए गुरूद्वारा में भोगों में जाने के लिए मना कर दिया था। आज भी वीरेश शांडिल्य खुलकर खालिस्तान के खिलाफ, अमृतपाल के खिलाफ आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाला मुहिम के खिलाफ व देशद्रोही ताकतो ंके खिलाफ टीवी मीडिया, सोशल मीडिया के माध्यम से जन आंदोलन छेड़े हुए हैं। यही नहीं अंबाला पुलिस वीरेश शांडिल्य की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है और वीरेश शांडिल्य के राजनीतिक विरोधियों के कारण उन्हें आतंकवादियों से मिल रही धमकियों पर दर्ज एफआईआरों को लेकर जांच को गंभीरता से नहीं किया जाता और पाकिस्तानी धमकियों को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जाती और अदालत में अनट्रेस रिर्पोट भेजकर अंबाला पुलिस वीरेश शांडिल्य की सुरक्षा को खतरे में क्यों डालना चाहती यह उच्च स्तरीय जांच का विषय है। वीरेश शांडिल्य को मिल रही धमकियों पर हाईकोर्ट के आदेश पर पाकिस्तान के हथियार तस्कर जसबीर चौधरी पर एफआईआर दर्ज हुई थी और इस हथियार तस्कर की सूचना पंजाब पुलिस ने भी हरियाणा पुलिस को शेयर की थी और हाईकोर्ट के जस्टिस कुलदीप तिवारी ने हरियाणा सरकार को आदेश दिए थे कि वीरेश शांडिल्य को मिली धमकी पर पुलिस लॉजिकल एंड तक जांच करें लेकिन हाईकोर्ट के आदेशों को भी अंबाला के कुछ पुलिस अधिकारियों ने एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य की जान को खतरे में डालते हुए हवा में उड़ा दिया। वीरेश शांडिल्य देश के पहले ऐसे हिन्दू नेता हैं जिन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार बेअंत सिंह के हत्यारों बब्बर खालसा के आतंकवादी जगतार सिंह हव्वारा, परमजीत सिंह भ्यौरा व अन्य आतंकवादियों ने बुडैल जेल ब्रेक कर भागे तो वीरेश शांडिल्य ने एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया की तरफ से पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में 2004 में जनहित याचिका दायर की थी और जब खालिस्तानी आतंकी जगतार सिंह हवारा व अन्य आतंकवादी तिहाड़ जेल से चंडीगढ़ व रोपड़ की अदालतों में बाईरोड आते थे जिसमें लाखों रूपए का सुरक्षा खर्च होता था और आम जनमानस को इन आतंकवादियों से अलग खतरा था जिस पर वीरेश शांडिल्य ने एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया की तरफ से इन आतंकवादियों को तिहाड़ जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई को लेकर 2008 में जनहित याचिका दायर की थी जिस पर वीरेश शांडिल्य की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने इन आतंकवादियों की सुनवाई वीडियों कांफ्रेंसिंग से करवाने के आदेश दिए और 2025 में चंडीगढ़ के एडीशनल सैशन जज नरेंद्र कुमार ने तिहाड़ जेल के सुप्रीडेंट को जगतार सिह हवारा को पुन: बुडैल जेल में शिफ्ट करने के आदेश दिए थे। जिस पर वीरेश शांडिल्य ने अदालत में पेश होकर गुहार लगाई थी कि जगतार सिंह हवारा व अन्य आतंकवादियों को बुडैल जेल में शिफ्ट न किया जाए। इससे पंजाब व देश का माहौल खराब होगा। जिस पर अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे जगतार सिंह हवारा को तिहाड़ मे ही रखने के आदेश दिए यही नहीं वीरेश शांडिल्य खालिस्तानी के खिलाफ हरियाणा पंजाब हिमाचल दिल्ली सभी राज्यों में खुलकर आवाज बुलंद कर रहे हैं और जब अमृतपाल सिंह पंजाब में जरनैल सिंह भिंडरावाला की कॉपी कर रहा था और माहौल खराब करने की साजिश रच रहा था उस वक्त सबसे पहले वीरेश शांडिल्य ने एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के माध्यम से पंजाब के राज्य पाल बनवारी लाल पुरोहित को ज्ञापन दिया था और कहा था कि अमृतपाल सिंह आईएसआई का एजेंट है और पंजाब में आतंकवाद लाना चाहता है भिंडरावाला की तरह मुहिम चलाना चाहता है और अब लगातार वीरेश शांडिल्य पंजाबी नेता व गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज का विरोध कर रहे हैं क्योंकि सतलुज फिल्म पंजाब में फिर युवाओं को भड़काएगी और फिर पंजाब की सड़कें निर्दोषों के लहु से लाल होगी जिसे एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया बर्दास्त नहीं करेगा और लगातार वीरेश शांडिल्य पंजाब व देश में सतलुज फिल्म का विरोध कर हिन्दू सिख भाईचारे को मजबूत करने का काम कर रहे हैं और वीरेश शांडिल्य ने हमेशा राजनीति से ऊपर उठकर हर उस राजनीतिक पार्टी का साथ दिया जो पार्टियां देश की एकता और अखंडता को मजबूत कर रही हैं और खास कर वीरेश शांडिल्य भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह की मुहिम की राष्ट्रहित में हमेशा प्रशंसा करते हैं और दोनों की जोड़ी को सरदार पटेल की जोड़ी कहते हैं। ऐसे हिन्दू नेता की सुरक्षा को लेकर व मिल रही धमकियों को लेकर हरियाणा सरकार व खुफिया एजेंसिया खामोश क्यों हैं जो वीरेश शांडिल्य भगत सिंह राजगुरू, सुखदेव, उधम सिंह, असफाक उल्ला खान, मदन लाल ढींगरा, खुदीराम बोस करतार सराबा, मंगल पांडे, सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद की सोच पर चल रहे हैं उनकी सुरक्षा को लेकर खुफिया एजेंसियों का चुप रहना वीरेश शांडिल्य की हत्या की ओर इशारा करता है और वीरेश शांडिल्य को लश्कर-ए-तैय्बा के प्रमुख हाफिज सयैद के दामाद भिंडरावाला समर्थक अमृतपाल समर्थक कटटरपंथी मौत के घाट उतारना चाहते हैं लेकिन पुलिस शांडिल्य व उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है कुछ राजनीतिक लोगों के दबाव में वीरेश शांडिल्य को मिल रही धमकियों की जांच भी निष्पक्ष नहीं की जाती। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस पर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए।

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