महिलाओं को बनाया जाएगा स्वावलंबी–संजय भाटिया
स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से होगा आर्थिक स्तर मजबूत
BOL PANIPAT :23 सितंबर– लोकसभा सांसद संजय भाटिया ने शुक्रवार को लघु सचिवालय के द्वितीय तल के सभागार में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में विभिन्न महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों से सीधे तौर पर बातचीत की और उन्हें यह भरोसा भी दिलाया कि वह व्यक्तिगत तौर पर हर समूह से संवाद करेंगे ताकि महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जा सके और उनकी आय के स्रोत बढ़ें ताकि वे आर्थिक स्तर पर मजबूत बन सके।
सांसद संजय भाटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दूरदर्शिता का परिचय देते हुए प्रदेश में 1 लाख 80 हजार से कम आय के स्रोत वाले परिवारों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ देने के निर्देश दिए हैं,जिस पर लोगों ने काम करना शुरू कर दिया है। वे स्वावलंबी बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वे भविष्य में नियमित तौर पर अलग-अलग खंडों में विभिन्न समूहों की महिलाओं और उनके सदस्यों से सीधा संवाद करेंगे। उन्होंने समूह की उपस्थित महिलाओं को आश्वस्त किया कि उनकी आय के स्रोत बढ़ाए जाएंगे और उनकी आर्थिक रूप से मदद भी की जाएगी ताकि वह अपना काम कर सके और अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकें।
स्कूलों के बाहर स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बेच सकेंगी अपना प्रोडक्ट।
डीसी सुशील सारवान ने सांसद संजय भाटिया को जानकारी देते हुए बताया कि जिला में करीब 1700 समूह काम कर रहे हैं जिनमें करीब 17000 महिलाएं जुड़े हुए हैं यह महिलाएं स्वरोजगार स्थापित कर अपना काम कर रही हैं। इन सभी समूहों और उनके सदस्यों को नियमित तौर पर सक्रिय किया जाएगा। यही नहीं स्कूलों के बाहर बच्चों के अभिभावकों के लिए ये महिलाएं अपने प्रोडक्ट बेच सकेंगी इसके लिए स्कूल के बाहर व्यवस्था की जाएगी। ये अपने सामान की प्रदर्शनी भी लगा सकेंगी। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि शीघ्र ही जिला के सभी हलवाई संगठनों को बुलाकर बैठक की जाएगी जिसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए मसालों और हर्बल उत्पादों को खरीदने का आग्रह उन संगठनों से किया जाएगा ताकि मिलावटी चीजों से बचा जा सके।

कपड़े,मनियारी,ब्यूटी पार्लर की दुकान चलाकर और अचार व मसाले बनाकर उन्हें बेचकर स्वावलंबी बन रही हैं महिलाएं।
इस कार्यशाला में सुताना गांव के स्वयं सहायता समूह की पिंकी ने बताया कि उसने अपने ग्रुप से 53 हजार का लोन लेकर मसाले बनाने का काम शुरू किया था जिसे वह कई कैंटिनो और फैक्ट्रियों में आपूर्ति करती हैं। इस कार्य में उनके पति भी उनका हाथ बांटते हैं। आज उनके पास खुद की करीब डेढ़ लाख रुपए की पूंजी भी जमा हो गई है। पिंकी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा भी सम्मानित किया गया था।
इसी तरह इसी तरह पट्टीकल्याणा गांव की सुमन ने बताया कि वह अचार बनाने का काम करती है साथ ही साथ शुद्ध हल्दी भी बनाती हैं। उन्होंने अपना काम 5 हजार से शुरू किया था ।आज कई महिलाओं के साथ मिलकर वे शुद्ध अचार बनाकर उन्हें बेचती हैं।
राक्षेहड़ा गांव की नारी शक्ति समूह की महिलाओं ने बताया कि वे कागज़ के लिफाफे बनाने का काम करती हैं और समूह की सभी महिलाओं को महीने के करीब 4 हजार से पांच हजार की आय होती है। उन्होंने कहा कि अब लिफाफे ज्यादा बिक रहे हैं क्योंकि पॉलिथीन पर बैन लगाया जा चुका है इससे उनकी आय भविष्य में और बढ़ेगी।
इसी तरह बसेड़ा गांव की मीनाक्षी ने बताया कि उन्होंने 50 हजार का लोन स्वयं सहायता समूह के माध्यम से लिया था और वह कपड़े की दुकान चलाते हैं। उनके पास अब भी करीब 40 हजार की पूंजी है और उन्होंने ऋण भी चुकता कर दिया है। इसी तरह एक अन्य महिला ने बताया कि वह मनियारी की दुकान चलाती हैं और 1 लाख से उन्होंने यह कार्य शुरू किया था।वर्तमान में उनके पास करीब 4 लाख का माल दुकान में पड़ा है और उन्होंने अपना ऋण भी उतार दिया है। इस मौके पर इस मौके पर एडीसी वीना हुड्डा, एसडीएम वीरेंद्र कुमार ढुल, एमएसएमई के सहायक निदेशक कपिल मित्तल, जिला अग्रणी प्रबंधक तुलाराम और हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक मुंतज़िर आलम भी उपस्थित रहे।

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