Friday, April 17, 2026
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महिलाओं को मिलेगी तकनीकी ताकत, ड्रोन से बदलेगा भविष्य :उपायुक्त डॉ.विरेंदर कुमार दहिया

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at April 12, 2026 Tags: , , , , ,

नमो ड्रोन दीदी योजना आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

महिलाओं को 80% तक अनुदान, मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

ड्रोन प्रशिक्षण से कृषि व सर्वेक्षण में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी

BOL PANIPAT , 12 अप्रैल। महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई नमो ड्रोन दीदी योजना को जिले में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को ड्रोन एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे वे आधुनिक तकनीक से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें।
योजना के अंतर्गत चयनित महिलाओं को ड्रोन संचालन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं अब कृषि कार्यों, फसलों पर दवाई छिड़काव, उर्वरक वितरण, भूमि सर्वेक्षण सहित अन्य आधुनिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी। इससे न केवल कार्य की गति बढ़ेगी बल्कि उनकी आय के नए स्रोत भी विकसित होंगे।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने बताया कि पात्र महिलाओं को ड्रोन की लागत पर 80 प्रतिशत तक अनुदान या अधिकतम 4 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जो संसाधनों की कमी के कारण तकनीकी क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ पा रही थीं।
उपायुक्त ने बताया कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें नई तकनीक से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है। इस योजना का विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा, जहां महिलाएं अब आधुनिक तकनीक के जरिए आय के नए अवसर तलाश रही हैं।
उपायुक्त ने बताया कि “ड्रोन दीदी योजना जिले की महिलाओं के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगी। इससे वे न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बनेंगी, बल्कि कृषि और अन्य क्षेत्रों में भी अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करेंगी। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र महिलाएं इस योजना का लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर बनें।”
कृषि विभाग के उप निदेशक (डीडीए) डॉ. प्रवीण गुलिया ने बताया कि नमो ड्रोन दीदी योजना के माध्यम से महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ड्रोन के उपयोग से खेती में लागत कम होगी और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें कृषि सेवाओं में रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे वे अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी सेवाएं दे सकेंगी।
उन्होंने कहा कि “यह योजना महिलाओं को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें उपकरण और आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराती है। इससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।”
कृषि विभाग के सहयोग से लागू की जा रही इस योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, उपकरण और आर्थिक सहायता एक साथ प्रदान की जा रही है। यह पहल महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और डिजिटल भारत के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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