Friday, May 1, 2026
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विश्व प्रसिद्ध कैंसर इम्यूनोथेरेपी स्पेशलिस्ट डॉ. जमाल ए खान कैंसर के मरीजों को दे रहे हैं नया जीवन

By LALIT SHARMA , in HEALTH , at March 8, 2022 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : आज गोल्ड होटल पानीपत में सेमिनार को संबोधित करते हुए डॉ जमाल ए खान एमबीबीएस, एमडी, विश्व प्रसिद्ध कैंसर इम्यूनोथेरेपी स्पेशलिस्ट ने बताया कि  किस तरह वो कैंसर के रोगियों को नया जीवन दे रहे हैं.

श्रीभान यादव के माता पिता का कहना है कि डॉ जमाल ए खान ने हमारे बच्चे को नया जीवन दिया. श्रीभान की बीमारी परहम लोग60 लाख से ज्यादा खर्च कर चुके थे . बार बार कैंसर की बीमारी लौटकर रीलैप्स हो रही  थी. श्रीभान यादव के घुटनो पर कैंसर था और हम बहुत परेशान थे | राजीव गाँधी कैंसर हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था, और बार बार कैंसर Repeat हो रहा था और हम लोग बहुत परेशान थे. हमे डॉ. जमाल ए खान एमबीबीएस, एमडी, विश्व प्रसिद्ध कैंसर इम्यूनोथेरेपी के पास आए हुए २ साल हो गए और हमारा बेटा बिलकुल ठीक हो गया है, आज पढ़ाई कर रहा है, अपनी पढ़ाई कम्पलीट कर रहा है। घर के सारे काम कर रहा है और हमें तो लगता ही नहीं की इसे कभी कैंसर हुआ था।

श्रीभान यादव बौन कैंसर के मरीज़ रह चुकेउन्होंने बताया कि जब मेरा इलाज शुरू हुआ तब मुझे पता ही नहीं चला की मेरा इलाज चल रहा है, एक तो इनके इलाज में Pain नाम की चीज ही नहीं है, जो की कैंसर के इलाज में बहुत दर्द सहना पड़ता है।

जोकि इनके इलाज में 1% भी नहीं है, एक तो आज मुझे 2 साल ठीक हुए हो गए। आज में आराम से अपना जीवन जी रहा हूँ और घर के सारे काम करता हूँ और अपनी पढ़ाई कर रहा हूँ, मैं माता पिता का एकलौता बेटा हूँ, तो माता पिता मेरी चिंता करते थे, चिंता के मारे रात भर सोते नहीं थे। मुझसे मेरे माता पिता के आंसू देखे नहीं जाते थे।

आज मैं बिलकुल ठीक हूँ, और मैं सिर्फ डॉ. जमाल ए खान को धन्यवाद देना चाहता हूँ, मेरे और मेरे माता पिता के लिए डॉ. जमाल ए खान एमबीबीएस, एमडी, विश्व प्रसिद्ध कैंसर इम्यूनोथेरेपी भगवान के समान है।

डॉ. जमाल ए खान एमबीबीएस, एमडी, विश्व प्रसिद्ध कैंसर इम्यूनोथेरेपी स्पेशलिस्ट ने बताया कि आज विश्व भर में कैंसर के मरीज हमारे इलाज लाभ उठा रहे हैं। डॉ. जमाल ए खान ने बताया कि हम जो इलाज करते हैं इसके बारे में डीप में बताता हूँ।
इम्यूनोथेरेपी जो है मूल रूप से सैल्फ बेस्ड इम्यूनोथेरेपी है जिसे हम एक्टिव इम्यूनोथेरेपी बोलते हैं। जिसके अंदर व्हाइट सेल काम नहीं कर रहे हैं कैंसर को पहचानने का, उसे लैबोरेटरी में लेकर इटल को कल्चर करते हैं और उन्हें कैंसर से लड़ने वाले से सेल बनाते हैं। जिनको dendritic cell बोलते हैं।

जो वापस आकर बॉडी में कैंसर सेल्स को ढूंढ़ते हैं और अपने डॉटर सेल की सेल बेसिस पे क्लियर करते है. ये प्रोटोकाल है जो साइंटिफिक है जिसको नोबल प्राइज बहुत पहले मिल चुका है और हमारे जो गुरु है जिनको हम मानते है इम्यूनोथेरेपी इस टीम पर उनका नाम था वो कनाडा के नागरिक, अमेरिका में काम करते थे।

उन्हें नोबल प्राइज मिला है इसी प्रोटोकाल पर डिस्कवरी पर।

लेकिन ये आम प्रचलन नहीं है क्योंकि ये कस्टमाइज थेरेपी है। मरीज के अपने रक्त से ही उसके लिए बनाई जाती है तो ये pharmaceutical industry नहीं है customize product है ये हम करते हैं dendritic cell थेरेपी हैं।

मरीज का फ़ौरन इलाज शुरू हो जाता है। सारी फैसिलिटी है और मरीज को कही बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती, जितना बाहर मरीज टेस्टो पर खर्च करता है, उससे कम पैसो पर इलाज शुरू हो जाता है और रिजल्ट आना शुरू हो जाता है, और कैंसर के मरीज ठीक होने शुरू हो जाते हैं।

डॉ. जमाल ए खान ने बोला हज़ारो मरीज अपना सफल इलाज करवाकर आम जीवन जी रहे हैं। कैंसर से डरने की जरूरत नहीं है, इसका समय पर इलाज हो, तो कैंसर भी आम बीमारी की तरह ही है, मेने देखा है हमारे देश भर में कैंसर के मरीज को टेस्ट करवाने में ही काफी पैसा खर्च हो जाता हैं।

जब की उसको फ़ौरन इलाज की जरुरत होती है, और हमारे पास ऐसे पेशेंट आते है जिनको रिपीट कैंसर होता है, और वह और उनका परिवार बहुत परेशान हो जाता हैं। हमारे टीम में अनुभवी डॉ. काम करते है MBBS, MD और उनको हमारी टीम फ़ौरन देखती है और इलाज शुरू कर देती है।

जिसका रिजल्ट आपको 1 महीने में मिलने लगता है और हमारा इलाज तकलीफ़ पीडादायक बिलकुल नहीं है। जो कि कैंसर के मरीजों को तकलीफ़ और पीड़ा बहुत सहनी पड़ती है इलाज में पर हमारे इलाज में ऐसा बिलकुल नहीं हैं।

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