एसडीपीजी कॉलेज पानीपत के यूथ रेड क्रॉस स्वयंसेवकों ने राज्य स्तरीय युवा रेड क्रॉस (महिला) प्रशिक्षण कैंप में किया शानदार प्रदर्शन
श्री कृष्ण कृपा धाम वृन्दावन, मथुरा (उत्तर प्रदेश) में आयोजित कैंप में हरियाणा के 15 विश्वविधालयों और कालेजों के स्वयंसेवकों ने लिया हिस्सा
मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता रेड क्रॉस के मूलमंत्र है: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT : 11 नवम्बर 2022,
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के छः यूथ रेड क्रॉस स्वयंसेवकों को श्री कृष्ण कृपा धाम वृन्दावन, मथुरा (उत्तर प्रदेश) मेंएक सप्ताह तक चलने वाले राज्य स्तरीय युवा रेड क्रॉस प्रशिक्षण कैंप में सांस्कृतिक और समाज की भलाई के लिए की गई अन्य गतिविधियों के प्रथम पुरस्कार से नवाज़ा गया. बीए-द्वितीय वर्ष सेगोल्डी, बीकॉम-तृतीय वर्ष से ख़ुशी और अमीषा और बीए-तृतीय वर्ष से भारती, प्रतिमा और तन्नु को बेस्ट लकी स्टार, भाषण, ग्रुप डांस, एकल डांस, लघु नाटिका और क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने पर ट्राफी और सर्टिफिकेट से अलंकृत किया गया. इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की हरियाणा स्टेट ब्रांच पंचकुला के तत्वाधान में राज्य स्तरीय युवा रेड क्रॉस प्रशिक्षण कैंप का आयोजन नवम्बर माह में श्री कृष्ण कृपा धाम वृन्दावन, मथुरा (उत्तर प्रदेश) में हुआ जिसमे हरियाणाप्रदेश के 15 विश्वविधालयों और उनसे सम्बद्ध कालेजों के यूथ रेड क्रॉस स्वयंसेवकोंने हिस्सा लिया. कॉलेज के लिए सबसे अधिक फक्र की बात यह रही कि इस प्रशिक्षण शिविर में सबसे अधिक कार्यकर्ता एसडी पीजी कॉलेज से चयनित हुए.कॉलेज पहुँचने पर सभी महिलाविजेता यूथ रेड क्रॉस क्लब के स्वयंसेवकों का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, डॉ राकेश गर्ग (वाईआरसी नोडल अधिकारी), रेड क्रॉस सोसाइटी पानीपत से विनोद कुमार, कला भारद्वाज एवं अन्य प्राध्यापकों ने उत्साहके साथ किया. इस अवसर पर विनोद कुमार और कला भारद्वाज ने प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और डॉ राकेश गर्ग को रेड क्रॉस सोसाइटी की आजीवन सदस्यता का पत्र सौंप कर सम्मानित किया.
विदित रहे की इस साप्ताहिक प्रशिक्षण कैंप में युवा महिला कार्यकर्ताओं को टीबी, मलेरिया, एचआईवी/एड्स, हिपेटाईटिस बी और सी, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, ग्लोबल वार्मिंग, राष्ट्रीय एकता, ड्रग डी-एडिक्शन, भ्रूण हत्या, वरिष्ठ नागरिक और हमारे दायित्व, स्वच्छ पेयजल,आपदा प्रबंधन, अंग दान, फर्स्ट ऐड, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, संतुलित भोजन और बिमारियों से बचाव, एनीमिया आदि जैसे विषयों पर विस्तृत और व्यवहारिक ज्ञान और प्रशिक्षण दिया गया. इस अवसर पर कार्यकर्ताओं के मानसिक और व्यक्तित्व के विकास हेतू उन्हें भ्रमण और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भाग लेने के प्रेरित किया गया.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने रेड क्रॉस के बारे में बताते हुए कहा की मानवता को बचाने वाली सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय संस्था का नाम ही रेड क्रॉस है. रेड क्रॉस एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जिसे युद्ध में घायल होने वाले सैनिकों की सहायता के लिए बनाया गया था परन्तु आज इसका कार्य क्षेत्र और भी व्यापक हो गया है. इसका उद्देश्य मानव जीवन की रक्षा करना हैचाहे वो युद्ध हो या अन्य आपदाएं. हेनरी ड्यूनेंट नामक व्यक्ति ने 1867 में इस संगठन की शुरुआत की थी.रेड क्रॉसमानवता की सेवा करने वाली सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय संस्था है. उन्होनें सभी युवाओं से अपील की कि वे भी मानवता की सेवा करने का भाव खुद में पैदा करें.रेड क्रॉस से जुड़ा व्यक्ति सैदेव अच्छे कार्य करता है जिससे उसे आत्मिक शान्ति प्राप्त होती है.रेड क्रॉसमानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता जैसेसिद्धांतो पर चलती है.गोल्डी, ख़ुशी, अमीषा, भारती,प्रतिमा और तन्नु की उपलब्धि पर उन्हें गर्वहै. एक कॉलेज के सारे ही कार्यकर्ताओं का मैडल और प्रथम स्थान पाना अपने आप में विलक्ष्ण उपलब्धि है.
डॉ राकेश गर्ग नोडल अधिकारी यूथ रेड क्रॉस क्लब ने कहा किकिसी भी देश में कोई न कोई आपदा आती रहती है. जब भी किसी देश में कोई मुसीबत या परेशानी आती है तो उस देश की सरकार के द्वारा बचाव कार्य करके लोगों की जान बचाई जाती है. रेड क्रॉस भीऐसे ही लोगों की सहायता करती है. रेड क्रॉस संस्था लोगों के खाने-पीने, चिकित्सा और उनके रहने की व्यवस्था करती है. किसी भी देश में मुसीबतके दौरान यह संस्था सामने आकर ज़्यादा से ज़्यादा मानव जीवन की रक्षा करती है. भारत में रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना 1920 में पार्लियामेंट्री एक्ट के दौरान की गई थी और आज भारत में रेड क्रॉस सोसाइटी की 700 से भी ज्यादा शाखाएं है.
एसडी कॉलेज प्रधान पवन गोयलने अपने सन्देश में कहा की गोल्डी, ख़ुशी, अमीषा, भारती, प्रतिमा और तन्नु की उपलब्धि ने उन्हें बहुतप्रभावित किया है. कॉलेज चाहता है की आज के युवा जो कल का भविष्य है हर मायने में तंदुरस्त और सेहतमंद रहे और इसी प्रकारसामाजिक हित के कार्य करते रहे.
इस अवसर पर डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, दीपक मित्तल भी उपस्थित रहे.

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