Monday, September 28, 2026
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नशे की गिरफ्त से बचें युवा, शिक्षा और सकारात्मक सोच को बनाएं जीवन का आधार

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at September 24, 2026 Tags: , , , , ,

जिज्ञासा और गलत संगति से शुरू होता है नशा, समय रहते जागरूक होना जरूरी: सुनीता चांद

नशे की गिरफ्त से बचें युवा, शिक्षा और सकारात्मक सोच को बनाएं जीवन का आधार

BOL PANIPAT , 24 सितंबर। देशबंधु गुप्ता राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं हेल्पिंग हाट्र्स प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस के अवसर पर नशा मुक्ति एवं नशे के दुरुपयोग के प्रति जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया।

    कार्यक्रम का आयोजन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं पारिवारिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ, सकारात्मक एवं नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

इस अवसर पर हेल्पिंग हाट्र्स प्रकोष्ठ की संयोजक एवं मनोविज्ञान विषय की एसोसिएट प्रोफेसर सुनीता चांद ने विद्यार्थियों को नशे के विभिन्न प्रकारों तथा इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत कई बार जिज्ञासा, मित्रों के दबाव, तनाव अथवा गलत संगति के कारण होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यक्ति के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

उन्होंने कहा कि युवा देश की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उनकी ऊर्जा को नशे में नहीं, बल्कि शिक्षा, खेल, रचनात्मक गतिविधियों, कौशल विकास एवं सामाजिक सेवा जैसे सकारात्मक कार्यों में लगाया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने साथियों और समाज के अन्य लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

सुनीता चांद ने कहा कि नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति के प्रति उपेक्षा या उपहास का व्यवहार करने के बजाय संवेदनशीलता और सहयोग की भावना रखनी चाहिए। सही समय पर परिवार, शिक्षक, परामर्शदाता एवं विशेषज्ञों की सहायता व्यक्ति को नशे की समस्या से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है। जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना आत्मविश्वास, संवाद और सकारात्मक प्रयासों के माध्यम से किया जाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन विकास यादव ने किया। महाविद्यालय के एनएसएस प्रभारी डॉ. शिवम धवन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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