नराकास की बैठक एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां हमें राजभाषा के उत्कृष्ट कार्यान्वयन हेतु अपने विचारों को एक दूसरे से साझा करने का मौका मिलता है । – एम एल डहरिया
पानीपत रिफाइनरी में नराकास की 46 वीं बैठक का आयोजन
BOL PANIPAT :- 29 जुलाई, 2022, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, पानीपत द्वारा रिफाइनरी टाउनशिप के सामुदायिक केंद्र में 46वीं बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता एम एल डहरिया कार्यकारी निदेशक (तकनीकी) ने पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स ने किया । बैठक में मंचासीन गणमान्यों में अध्यक्ष के साथ राजभाषा विभाग गृह मंत्रालय से उपनिदेशक (कार्यान्वयन) कुमार पाल शर्मा, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय से उपस्थित रहें। बैठक में रश्मि तिरु, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) भी उपस्थित थी । बैठक की शुरुआत पीआरपीसी गीत एवं दीप प्रज्वलन से की गई ।
बैठक में पानीपत स्थित नराकास सदस्य कार्यालयों के प्रशासनिक प्रधान एवं राजभाषा अधिकारी उपस्थित रहें । बैठक में सदस्य सचिव प्रीति साह द्वारा सभी सदस्य कार्यालयों के राजभाषा छमाही प्रगति रिपोर्टों की समीक्षा प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत की गई। इसके साथ ही सदस्य कार्यालयों द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं, अभिनव प्रयासों को भी सबके साथ साझा किया गया ।

कार्यकारी निदेशक (तकनीकी) ने सभी 6 कार्यालयों को बधाई दी जिन्होने अपने कार्यालयों में हिन्दी में उत्कृष्ट काम करने के लिए नगर राजभाषा की ओर से शील्ड प्राप्त किए । इसके साथ ही नराकास पानीपत की छमाही पत्रिका स्नेहधारा के रचनाकारों को उनके उत्कृष्ट लेखों एवं कविताओं के लिए पुरस्कृत किया गया । कार्यकारी निदेशक (तकनीकी) ने कहा कि – “यह हम सब के लिए गर्व का विषय है कि हिन्दी हमारी राजभाषा है और विश्व में मन्यता प्राप्त भाषाओं में से एक है ।” हम न केवल वार्षिक लक्ष्यों को देखकर काम करें बल्कि बेहतर परिणाम पाने के लिए नवप्रयास करते रहें ।

कार्यकारी निदेशक (तकनीकी) ने नराकास की छमाही पत्रिका “स्नेहधारा” जनवरी –जून 2022 का विमोचन भी किया । गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के प्रतिनिधि श्री कुमार पाल शर्मा, उपनिदेशक(कार्यान्वयन) ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि – “हमे कंठ से कलम तक और कलम से कंप्यूटर तक राजभाषा में काम करने की आवश्यकता है ।” स्नेहधारा पत्रिका की सराहना करते हुये उन्होनें कहा कि पत्रिका रोचक एवं ज्ञानवर्धक है । इसके साथ ही उन्होनें राजभाषा में उत्कृष्ट कार्यान्वयन पर महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये । बैठक में श्रीमती वर्षा यादव, वरिष्ठ प्र. (क. से.) द्वारा धन्यवाद देकर बैठक सफलता पूर्वक सम्पन्न हुई ।

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