पानीपत निगम में सफाई के नाम पर फिर भ्रष्टाचाार, नियमों की अनदेखी कर कम दामों के टैंडरों को किया रद्द, -डेढ़ करोड़ अधिक दाम लेने वाली अयोग्य कंपनी को दिया टैंडर -मै. मुनीष अहमद व पूजा कंपनी के संचालकों ने लगाए अधिकारियों पर मिली भगत के आरोप
BOL PANIPAT । पानीपत नगर निगम में शहर की सफाई को लेकर एक बार फिर बड़े भ्रष्टाचार होने के आरोप टैंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाली फर्म मै. मुनीश अहमद व पूजा कंसलटेशन कंपनी ने लगाए हैं। फर्म के संचालक डॉ. मुनीष अहमद ने प्रेस वार्ता कर बताया कि नगर निगम में सफाई का काम करने के लिए टेंडर लगाए थे। जिनको नगर निगम कमिश्नर व विभाग के साथ ठेकेदार कृष्ण हुड्डा से मिलीभगत करके २८ फरवरी २०२२ को खोल दिया। इस टैंडर में पांच कंपनियों ने हिस्सा लिया था।
अधिकारियों ने मिलीभगत करके कृष्ण हुड्डा के रिश्तेदारों के नाम की कंपनियों जय गणेशा व चाहर कंट्रेशन कंपनी को टैक्निकल कंसीडर करके जय गणेशा के नाम टैंडर ३ करोड़ ५३ लाख रूपये में खोल दिया है। डा. अंसारी ने बताया कि उनकी फर्म मैं मुनीष अहमद को गलत ढंग से डिस्क्वालिफाइड किया गया है जबकि उनके रेट इन कंपनियों से आधे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चाहर कंट्रेशन कंपनी ने धोखाधड़ी करके मेरी कंपनी के डाक्यूमेंट लगाए हैं, जिसकी शिकायत उन्होंने पहले ही निगम कमिश्नर को दी है। मेरी शिकायत के बाद भी निगम कमिश्नर अन्य अधिकारियों ने मिलीभगत करके इस टैंडर को खोल दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस मामले की जांच कराई जाए और जनता के पैसे को लूटने से बचाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर मेरी फर्म के रेट कम हैं तो मैं उसी रेट में काम करने को तैयार हूं।
पहले भी सीआरवी कंपनी ने धोखाधड़ी करने की कोशिश की डॉ. अंसारी ने बताया कि उनकी कंपनी शहर में लगभग 15 साल से पानीपत व अन्य शहरों में सफाई का टैंडर लगती रही है। उनकी फर्म जहां भी काम करती है, उनका काम संतोषजनक रहता है। सीआरवी सर्विस प्रा. लि. के संचालक कार्तिक शर्मा च सचिन कंसल उनके जानने वाले थे। इस कंपनी ने मुझे हिस्सेदार बनाने के लिए मेरे कई कागजातों पर हस्ताक्षर करवा लिए और मेरी फर्म के कागजात भी ले लिए। उसी समय गन्नौर में उनकी कंपनी का ठेका चल रहा था और उन्होंने झूठा टेकओवर एग्रीमेंट बनवाकर गन्नौर में पैंमेंट लेने के लिए नगर पालिका में पहुंच गए।
डॉ. अंसारी ने निगम को पहले की चेताया था
डॉ. अंसारी ने बताया कि टैंडर खुलने से पहले ही उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को शिकायत लिखकर चेताया था कि सरकार ने अपील की है कि वार्ड-१ से १४, वार्ड १५ से २६ में सफाई कार्य व सैनीटेशन आदि से संबेधित आई बिड में कागजों के आधार पर चाहर कंपनी झज्जर व सीआरवी कंपनी के द्वारा कोई बिड फाइल की हुई है तो उस संज्ञान में ना लिया जाए। उनकी फर्म के अनुभव व अन्य कागजातों को उनका ही माना जाए और सीआरवी कंपनी के खिलाफ उनके कागजात गलत तरीके से लगाने के खिलाफ कार्यवाही की जाए।

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