पानीपत रिफाइनरी में आपदा ड्रिल का अभ्यास सफलतापूर्वक सम्पन्न
पानीपत :- 13 जून, 2022, पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स (पीआरपीसी) द्वारा आग एवं गैस जैसे खतरे से निपटने के लिए समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित किए जाते हैं। इसी कड़ी में दिनांक 11 जून, देर रात को पानीपत रिफाइनरी में आग के खतरे से निपटने की तैयारियों तथा इस संबंध में स्थापित दिशानिर्देशों के अनुसरण में आपातकालीन कार्य प्रणाली के सही आंकलन करने हेतु एक ऑनसाइट आपदा ड्रिल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
इस आपदा ड्रिल का परिदृश्य “न्यू डीएचडीटी यूनिट में डाइ-ओलेफिन रिएक्टर एफ्लुएंट ड्रम से रिसाइकल पम्प की सक्शन लाइन में 20 मिमी प्रैशर ट्रांसमीटर टैपिंग वेल्ड से भारी मात्रा में सी-9 नेफ्था का रिसाव के परिणामस्वरूप यूवीसीई (Unconfined Vapour Cloud Explosion) हुआ” जिसके कारण आग लग गई और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई ।

रात्रि 23.34 बजे जैसे ही फायर अलार्म बजा, मेन फायर स्टेशन एवं सेटेलाइट फायर स्टेशन से दमकल गाड़ियाँ साइट पर पहुँची और नेफ्था का लीक पाने पर वाष्प बादल को काबू में करने के लिए तुरंत हवा की दिशा में वाटर कर्टन बनाना शुरू कर दिया। साइट पर उपलब्ध HVLRM का प्रयोग भी वाटर कर्टन बनाने के लिए किया गया। अग्नि एवं सुरक्षा विभाग के शिफ्ट प्रभारी ने यूनिट के शिफ्ट प्रभारी से मिलकर स्थिति को देखते हुये 23:45 बजे बड़ी आपात स्थिति घोषित कर दी गई और L-1 सायरन भी बजाया गया। तत्पश्चात सायरन सुनने के बाद रिफ़ाइनरी टाउनशिप से उपमहाप्रबंधक (प्रभारी)- अग्नि एवं सुरक्षा, साइट घटना नियंत्रक, मुख्य घटना नियंत्रक एवं अन्य आपातकालीन समन्वयक घटना स्थल पर पहुंचे। मुख्य घटना नियंत्रक ने कार्यकारी निदेशक एवं रिफ़ाइनरी प्रमुख से चर्चा करके 00:06 बजे इस घटना को आपदा घोषित कर दिया और आपातकालीन सायरन (L-2) बजाने का आदेश दिया। उसके बाद पानीपत नेफ्था रिफाइनरी के सभी संबन्धित अधिकारी एंव कर्मचारी स्थिति को नियंत्रण करने मे लग गए। उत्पादन विभाग ने यूनिट को सुरक्षित शटडाउन करते हुये नेफ्था के रिसाव को नियंत्रित किया।
गोपाल चंद्र सिकदर, कार्यकारी निदेशक एवं रिफ़ाइनरी प्रमुख एवं एम एल धारिया, कार्यकारी निदेशक (तकनीकी) को इस बारे सूचना दी गई जो तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति का आंकलन करके लगभग एक घंटे के अथक प्रयास के बाद 01:15 बजे स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण करके स्थिति सामान्य (All Clear) होने की घोषणा की गई।
इस आपदा ड्रिल में विभिन्न आपातकालीन समन्वयकों नें अपनी भूमिकाओं को बखूबी निभाया। रिफ़ाइनरी के पारस्परिक सहायता भागीदार, पानीपत थर्मल पावर स्टेशन एवं नेशनल फ़र्टिलाइजर लिमिटेड की ओर से दमकल विभाग की गाडियाँ भी 00:49 बजे रिफ़ाइनरी परिसर में पहुंची।
इस आपदा ड्रिल के बाद एक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। इस बैठक में आपातकालीन तैयारी योजना में और सुधार के लिए प्रेक्षकों द्वारा दी गई रिपोर्ट की समीक्षा सिकदर तथा संबन्धित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में की गई। यह डिब्रीफिंग सत्र रिफाइनरी मुख्यालय द्वारा निर्गत दिशानिर्देशों के अनुसार आयोजित किया गया जिसमे आग की रोकथाम के लिए और पूरी सावधानी के साथ-साथ तत्परता से कार्रवाई करने पर बल दिया गया। सिकदर ने इस मॉक ड्रिल के सफल आयोजन के लिए सभी की सराहना की तथा इसमें और अधिक सुधार लाने के लिए अपने मूल्यवान सुझाव भी दिए।

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