Tuesday, June 2, 2026
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साइबर की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए जिला पुलिस का साइबर जागरुकता अभियान लगातार जारी

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at August 6, 2022 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : 6 अगस्त 2022, पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन के निर्देशानुसार शनिवार को जिला की साइबर सैल पुलिस की टीम ने गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बड़ौली मे विद्यार्थियों व स्कूल के स्टाफ को साइबर अपराध व इससे शर्तक रहने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों बारे जानकारी देकर जागरुक किया।

सब इंस्पेक्टर अजमेर ने विद्यार्थियों व स्कूल के स्टाफ को जागरुक करते हुए बताया की हर क्षेत्र मे तकनीक बढ़ी तो साइबर अपराधी भी अपराध करने के नए-नए तरीके अपनाकर लोगो को ठगी का शिकार बना रहे है। जैसे सीवीवी/ओटीपी शेयरिंग फर्जीवाड़ा, यूपीआई फीसिंग फर्जीवाड़ा, रिक्वेस्ट मनी क्यूआर कोड/लिंक के माध्यम से फर्जीवाड़ा, फर्जी केश बैक आफर, लॉटरी के नाम पर फर्जीवाड़ा. ओएलएक्स के माध्यम से लोगो के साथ ठगी की वारदातो को अंजाम दे रहे है। साइबर ठगी का शिकार होने से बचने के लिए जागरुकता ही सबसे बेहतर उपाय है।

उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों व स्कूल के स्टाफ को जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराधी बैंक व भारतीय रिजर्व बैंक अधिकारी बन कर लोगों को फोन करते हैं और उनसे कहते हैं कि उनका डेबिट कार्ड ब्लाक हो गया है या उनका केवाइसी अपडेट नहीं है या उनका आधार बैंक खाते से जुड़ा नहीं है। फिर आधार को बैंक खाते से जोड़ने, केवाईसी अपडेट करवाने या डेबिट कार्ड शुरू करने के बहाने उनसे उनके खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी लेकर खातों से राशि निकाल लेते हैं। जबकि किसी भी बैंक द्वारा कभी भी डेबिट कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर, ओटीपी की जानकारी नहीं ली जाती। व्हाट्सएप मैसेज, फोन या अन्य इंटरनेट मीडिया के माध्यम से कभी भी किसी को डेबिट कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर, ओटीपी इत्यादि गोपनीय जानकारी सांझा न करें। ई-मेल आइडी के पासवर्ड को भी किसी के साथ सांझा न करें, क्योंकि इसका उपयोग कर साइबर अपराधी इंटरनेट बैंकिग को एक्टिवेट कर खाते में उपलब्ध राशि को हस्तांतरित कर सकते हैं। लोगों को जागरूक रहना होगा।

इसी प्रकार थाना शहर प्रभारी इंस्पेक्टर बलराज ने भी थाना परिसर में आसपास के लोगों को साइबर क्राइम से बचने के संबंध में जानकारी देकर जागरूक किया।

साइबर ठगी से बचने के लिए निम्न सावधानियां बरते।

  • कोई भी व्यक्ति मोबाइल पर आए मैसेज की जानकारी मांगें तो उसको न दें
  • किसी भी व्यक्ति को अपना एटीएम नंबर या पासवर्ड न बताएं
  • बैंक खाते या आधार कार्ड से संबंधित जानकारी किसी को न दें
  • कोई व्यक्ति परिचित का नाम लेकर बैंक खाते में राशि भेजने की बात करे तो उसकी बातों में न आए।
  • अनजान व्यक्ति द्वारा वाट्सएप या किसी अन्य एप पर भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें।
    -किसी भी तरह की बैंक खाते से संबंधीत गोपनीय जानकारी किसी से सांझा न करे। 
    -अपने मोबाइल व कंप्यूटर के सॉफटवेयर को अपडेट रखे।

अगर आपके साथ किसी भी प्रकार का साईबर अपराध हो जाता है तो इसकी शिकायत नेशनल साईबर क्राईम पोर्टल https//www.cybercrime.gov.in पर दर्ज करवायें या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या नजदीक थाना में साइबर हेल्प डेस्क या साइबर थाना में अपनी शिकायत दर्ज करवायें।

स्कूल की प्रिंसिपल आरती सलूजा ने इसके लिए पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन व जिला पुलिस को आभार व्यक्त किया। इस दौरान जिला की साइबर सैल की टीम में तैनात अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।

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