मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे निगरानी, शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
सीएम विंडो, जन संवाद और जीपी ग्राम पोर्टल की शिकायतें प्राथमिकता से निपटाएं
सुस्त विभागों पर होगी कार्रवाई, एटीआर में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करें
टीम वर्क से बढ़ेगी प्रशासन की जवाबदेही, आमजन को मिलेगा त्वरित न्याय
BOL PANIPAT , 21 जुलाई। जिला सचिवालय सभागार में मंगलवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सीएम विंडो, जन संवाद एवं जीपी ग्राम पोर्टल पर लंबित शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सख्त निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने विभागवार शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक विभाग के अधिकारियों से लंबित मामलों का कारण पूछा तथा निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता से कार्य करते हुए प्रभावी एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) पोर्टल पर समय पर अपलोड की जाए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं इन पोर्टलों की नियमित निगरानी कर रहे हैं। यदि शिकायतों का समय पर निस्तारण नहीं होगा तो जिले और संबंधित विभागों का प्रदर्शन प्रभावित होगा तथा स्कोर डाउन होगा। इसलिए सभी अधिकारी शिकायतों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
उपायुक्त डॉ हरीश ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो विभाग लगातार सुस्त रवैया अपनाएंगे और बिना उचित कारण शिकायतों को लंबित रखेंगे, उनके विरुद्ध मजबूरन प्रशासनिक कार्रवाई करनी पड़ेगी। अधिकारी जवाबदेही के साथ कार्य करें और किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रहने दें।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा, सरकार की मंशा है कि आम नागरिक की समस्या का समाधान तय समय सीमा में हो। सीएम विंडो, जन संवाद और जीपी ग्राम पोर्टल जनता और सरकार के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम हैं। सभी अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य करें, शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें तथा एटीआर को गंभीरता से तैयार करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारा लक्ष्य पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी प्रशासन सुनिश्चित करना है।
समीक्षा बैठक में एडीसी अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप, सीईओ डॉ. किरण, नगराधीश टीनू पोसवाल, ईओ प्रतीक हुड्डा, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी, डीडीपीओ राजेश शर्मा, एएसपी हर्षित गोयल, डीईओ राकेश बूरा, एसई धर्म सिहाग, बीडीपीओ शक्ति, शीतल, एलडीएम जितेंद्र, जीएम रोडवेज विक्रम कंबोज, आरटीओ डॉ. नीरज जिंदल, डिप्टी डायरेक्टर एनिमल हसबेंडरी डॉ. संजय आंतिल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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