एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की एमएससी फिजिक्स परीक्षा में नौ होनहार विद्यार्थियों ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय की मेरिट लिस्ट के टॉप 10 स्थानों पर किया कब्ज़ा
-पहले, दूसरे, पांचवें, सातवें, आठवें, नौवें और दसवें मैरिट स्थान पर महाविद्यालय के विद्यार्थीयों ने बनाया स्थान
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के नौं होनहार एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की एमएससी फिजिक्स (भौतिकी- प्रथम सेमेस्टर) की परीक्षा में शानदार परिणाम प्राप्त कर कुरुक्षेत्र विश्वविधालय की मेरिट लिस्ट के टॉप 10 स्थानों पर कब्ज़ा किया और एसडी पीजी कॉलेज का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखकर प्रदेश में नाम रोशन किया. कमाल की बात यह रही की पहले स्थान पर रीना और दूसरे स्थान पर आकांक्षा शर्मा ने स्थान तो पाया ही बल्कि इनके साथ मेरिट लिस्ट में साक्षी ने पांचवां,
भारती देवी और जागृति ने सातवाँ, खुशबू ने आठवां, आरजू और शिवानी ने नौवां तथा सचिन ने दसवें स्थान पर कब्ज़ा कर जिले का मान बढाया और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने. कुरुक्षेत्र विश्वविधालय द्वारा परीक्षा परिणाम घोषित होने के पश्चात यह जानकारी कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने दी. एसडी पीजी कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने मेधावी छात्र-छात्राओं पर गर्व की अनुभूति करते हुए उनकी मेहनत और लगन की भरपूर प्रशंसा की. प्रो राकेश सिंगला, प्रो मुकेश गुप्ता, डॉ बलजिंदर सिंह, डॉ रेखा रानी के साथ-साथ भौतिकी स्नातकोत्तर विभाग से डॉ चेतना नरूला, डॉ रेणु गुप्ता, डॉ बिंदु रानी, डॉ साक्षी शर्मा और प्रो जगबीर देसवाल ने विद्यार्थियों के प्रयासों की खुलकर तारीफ़ की और उनके भविष्य को उज्जवल और सुनहरा बताया. विदित रहे की एसडी पीजी कॉलेज कुरुक्षेत्र विश्वविधालय में स्थापित भौतिकी विभाग के अतिरिक्त एमएससी भौतिकी विषय को पढ़ाने वाला प्रथम कॉलेज है जिससे जिले और आस-पास के राज्यों के विद्यार्थियों को अत्यधिक फायदा मिला है. इससे भी अधिक हर्ष की बात यह है की इस पाठ्यक्रम के प्रारम्भ होने के बाद से ही एमएससी भौतिकी के अनेकों विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी मेरिट लिस्ट में सर्वोच्च स्थान पाकर अपना भविष्य उज्जवल किया है और कॉलेज को नया आयाम दिया है. इस बार का परिणाम एक बार फिर उसी उज्जवल भविष्य का द्योतक है जिसे कॉलेज साल-दर-साल हासिल करता आ रहा है. प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा की कॉलेज में एमएससी फिजिक्स कोर्स को लेकर एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी शुरू से ही गंभीर रूप से प्रयासरत और सकारात्मक रही है. एमएससी फिजिक्स के विद्यार्थियों ने भी कॉलेज के इस फैसले को
अपनी मेहनत और परिणामों के बल पर सार्थक साबित किया है और प्रत्येक वर्ष हर सेमेस्टर में छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन शानदार रहा है. रीना, आकांक्षा शर्मा, साक्षी, भारती देवी, जागृति, खुशबू, आरजू, शिवानी और सचिन ने कड़ी मेहनत और लगन के बल पर यूनिवर्सिटी के टॉप दस स्थानों पर मेरिट लिस्ट में स्थान पाकर कॉलेज को गौरवान्वित किया है. यूनिवर्सिटी की मेरिट लिस्ट में कॉलेज के नौं छात्र-छात्राओं का एक साथ आना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है. यह एक विलक्षण उपलब्धि है जिसने कॉलेज इतिहास में एक नई जगह बनाई है. उन्होनें भौतिकी विभाग के सभी प्राध्यापकों और एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी की दिल से तारीफ़ करते हुए कहा की यह सभी की मेहनत का परिणाम है. भौतिकी विषय में निपुण विद्यार्थियों के लिए कैरियर में बहुत सारे विकल्प मौजूद है. कॉलेजों, विश्वविधालयों और संस्थानों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तो है ही साथ ही अनुसंधान और तकनीक के क्षेत्र में भी कितने ही आयाम भौतिकी को उपलब्ध है. हम सब जानते है की विभिन्न प्रकार के नए-नए आविष्कारों से नई-नई प्रोद्योगिकी का निजात होता है. विज्ञान में किसी भी नए आविष्कार को समाज तथा मानव के जीवन में उपयोग लाने का कार्य भौतिकी करती है. भौतिकी का कार्य है की किसी भी नई खोज को मानव जीवन के दैनिक कार्य में कैसे उपयोग में लाया जाए जिससे हमारा जीवन अधिक सुविधाजनक हो सके. इस विषय का भविष्य अति स्वर्णिम है और सदा रहेगा.
एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी के प्रधान पवन गोयल ने अपने सन्देश में कहा की कॉलेज के होनहार छात्र-छात्राओं ने एक बार फिर उन्हें गौरवान्वित किया है. इन विद्यार्थियों ने जो हासिल किया है वह दूसरे विद्यार्थियो के लिए अनुसरण करने अवसर बनेगा. एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी अपने हर विद्यार्थी के उज्जवल विषय को लेकर पूरी तरह दृढसंकल्प है और यहाँ के विद्यार्थी नैतिक एवं व्यवहारिक शिक्षा पाकर समाज और मानवता की सेवा करे यही उनकी कामना है. उन्होनें कहा की भौतिकी में मास्टर डिग्री करने के बाद विद्यार्थी किसी सरकारी, निजी एवं शैक्षिक संस्थान में रोजगार प्राप्त कर सकता है या शोध एवं तकनीक की दिशा में आगे बढ़ सकता है. मेहनती छात्र-छात्रा को ऊँचा मुकाम पाने से कोई नहीं रोक सकता है बशर्ते वह अपने
लक्ष्य पर पूरी तरह केन्द्रित रह कर आगे बढ़ता रहे. उन्होनें कहा कि आज के प्रतियोगी युग में सफल होने के लिए वृहद् एवं व्यावहारिक ज्ञान का होना बहुत जरुरी है. इन छात्र- छात्राओं की सफलता के लिए उन्होनें पूरे स्नातकोत्तर विभाग के प्रयासों की सराहना की.
उन्होनें कहा की ऐसे विद्यार्थी जहाँ एक तरफ प्रोफेसर या टीचर बनकर दूसरों को भी विज्ञान के प्रति जागरूक करेंगे वंही वे रिसर्चर बनकर ब्रह्मांड और देश-दुनिया के अनसुलझे रहस्यों की गुत्थियाँ भी सुलझायेंगे. उन्होनें कहा की भौतिकी विज्ञान की मूलभूत शाखा है जिसका विकास प्रकृति एवं दर्शन के अध्ययन से हुआ. 19वीं शताब्दी के अन्त तक इसे प्राकृतिक दर्शन भी कहा जाता था जबकि वर्तमान समय में पदार्थ, उर्जा तथा
इसके पारस्परिक संबंधो का अध्ययन भौतिकी कहलाता है.
रीना, आकांक्षा शर्मा, साक्षी, भारती देवी, जागृति, खुशबू, आरजू, शिवानी और सचिन ने अपनी उपलब्धि पर कहा की उनके माता-पिता और प्राध्यापकों की प्रेरणा की बदौलत ही ऐसा शानदार परिणाम आया है. वे भविष्य में इसी विषय में कुछ बड़ा और अलग करना चाहते है. सभी छात्र-छात्राओं ने विश्वास दिलाया के वे इसी तरह मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की तरफ बढते रहेगे और आगे भी अपने माता-पिता, कॉलेज प्रबंधकारिणी, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और अपने प्राध्यापकों डॉ चेतना नरूला, डॉ रेणु गुप्ता, डॉ बिंदु रानी, डॉ साक्षी शर्मा और प्रो जगबीर देसवाल को कभी निराश नहीं करेंगे. इस अवसर पर कॉलेज स्टाफ सदस्यों ने सभी छात्राओं को भरपूर बधाई दी और उन्हें मिष्ठान खिलाया.

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