एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की महिला क्रिकेट टीम बनी कुरुक्षेत्र विश्वविधालय इंटर कॉलेज क्रिकेट टूर्नामेंट की रनर-अप चैंपियन
–आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी क्रिकेट चैंपियनशिप में खेली चार खिलाड़ियों के बूते पर पाया सिल्वर मैडल
–क्रिकेट खिलाड़ियों में धीरज, सहनशक्ति, संतुलन, समन्वय, शारीरिक फिटनेस और हाथ-आँख समन्वय में सुधार पैदा करता है: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 24 मार्च. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की महिला क्रिकेट टीम ने कुरुक्षेत्र में आयोजित कुरुक्षेत्र विश्वविधालय इंटर कॉलेज क्रिकेट टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए रनर-अप चैंपियन के खिताब पर कब्ज़ा किया । 18 से 20 मार्च तक आयोजित इस टूर्नामेंट में बायें हाथ की फिरकी गेंदबाज, बल्लेबाज और कप्तान साक्षी के शानदार खेल की बदौलत कॉलेज महिला क्रिकेट टीम ने खालसा कॉलेज यमुनानगर की टीम को 25 रनों से, एसए जैन कॉलेज अम्बाला सिटी को 154 रनों से और आरकेएसडी कॉलेज कैथल की टीम को रौंदा । कप्तान साक्षी ने पहले दो मचों में क्रमशः 30 और 90 रन बनाने के अलावा 4 विकेट भी झटके । उनके साथ सुनीता ने 86 रनों के साथ 2 विकेट भी हासिल किये । टीम में विकेट कीपर सोनल, रिद्धि, निधि, दिव्या, चंचल, ऋतिका, मीतू, श्वेता, सुमन और निशा का खेल भी शानदार रहा । साक्षी, सुनीता, निधि और सुमन इससे पहले आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी के लिए भी चयनित होकर कॉलेज और कुरुक्षेत्र विश्वविधालय का नाम रोशन कर चुकी है । इन खिलाड़ियों के दमदार खेल के बल पर ही कॉलेज महिला टीम को रजत पदक से सम्मानित किया गया । कॉलेज पहुँचने पर प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्षा प्रो सुशीला बेनीवाल, प्रो आनंद, प्रो रेखा, कोच अंकुश,ग्राउंड्समैन प्रताप और स्टाफ सदस्यों ने विजेता खिलाड़ियों का स्वागत किया और उनका हौंसला बढ़ाया ।
दिनेश गोयल ने अपने सन्देश में कहा कि क्रिकेट सैकड़ों वर्षों से एक स्थापित टीम खेल रहा है और दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है । इसकी शुरुआत इंग्लैंड में हुई और अब यह भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका आदि देशों में बहुत लोकप्रिय है । प्रतिस्पर्धी क्रिकेट अनिवार्य रूप से बल्ले और गेंद का खेल है । यह एक अंडाकार मैदान पर दो टीमों द्वारा खेला जाता है और इसमें बल्लेबाजी, क्षेत्ररक्षण और गेंदबाजी शामिल होती है । एक तरफ 11 खिलाड़ी होते हैं और एक खेल कई घंटों से लेकर कई दिनों तक चल सकता है । कॉलेज महिला टीम को रनर-अप ट्राफी जितने पर बहुत बहुत बधाई ।
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि क्रिकेट को सामाजिक और प्रतिस्पर्धी दोनों तरह से खेला जा सकता है और इसे सभी उम्र के पुरुष और महिलाएं खेल सकते है । जहाँ प्रतिस्पर्धी क्रिकेट ज्यादातर मैदान पर खेला जाता है वंही इसे मनोरंजन के लिए पिछवाड़े, पार्कों, सड़कों या समुद्र तट पर खेला जा सकता है । इसे खेलने के लिए बस कुछ दोस्तों, एक बल्ला, एक गेंद और विकेटों को दर्शाने वाली कोई चीज़ चाहिए । हालाँकि कुछ लोग क्रिकेट खड़े होकर खेलते हैं लेकिन इसे सही रूप में खेलने के लिए हमें फिट और मजबूत होना चाहिए । हम में हाथ-आँख का समन्वय और गेंद को संभालने का कौशल अच्छा होना चाहिए । क्रिकेट में विकेटों के बीच दौड़ना और गेंदों को रोकने के लिए दौड़ना तथा गेंदबाजी और थ्रो करना शामिल है । स्वास्थ्य के हिसाब से क्रिकेट हम में धीरज, सहनशक्ति, संतुलन, समन्वय, शारीरिक फिटनेस और हाथ-आँख समन्वय में सुधार पैदा करता है ।
डॉ सुशीला बेनीवाल ने कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ क्रिकेट अन्य दूसरे लाभ और अवसर भी प्रदान करता है जैसे इसके माध्यम से हम टीम कौशल, सामाजिक कौशल जैसे सहयोग, संचार और जीत एवं हार का सामना करना सीखना और सामाजिक संपर्क के अवसर पैदा करता है । क्रिकेट नए लोगों से मिलने और नए दोस्त बनाने का एक शानदार तरीका है । टीम को सिल्वर मैडल जितने पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं ।

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