सार्थक होती कुपोषण मुक्त जि़ले की परिकल्पना. स्लम एरिया पर अभियान का फोकस
BOL PANIPAT , 7 सितंबर। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सितंबर का माह राष्ट्रीय पोषण माह के तौर पर मनाया जा रहा है। यह पोषण माह महिला स्वास्थ्य, पोषण, जल संरक्षण और जल प्रबंधन आदि बिंदुओं पर केंद्रित है। इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सामुदायिक भागीदारी जरूरी है। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा कुपोषित ना रहे। कुपोषण मुक्त जिले की परिकल्पना के साथ गांव से लेकर शहर तक जनांदोलन चलाया जा रहा है। आंगनवाडिय़ों के साथ-साथ पंचायत, पालिका, तहसील से लेकर जिला स्तर पर आयोजन की रफ्तार तेज की जा रही है। आंगनवाड़ी वर्कर्स घर-घर जाकर लोगों को जागरुक करने के लिए पौष्टिक आहार की जानकारी दे रही हंै। इस अभियान के तहत स्लम एरिया पर फोकस किया जा रहाहै। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि जिले में 1048 आंगनवाड़ी केंद्र हैं जिनमें अभी तक 1 हजार से ज्यादा केंद्रों पर जागरूकता रैलियों का आयोजन किया जा चुका हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। अलग-अलग खंडों में प्रतिदिन छोटे-छोटे आयोजनों के माध्यम से कुपोषण के प्रति आमजन को जागरूक किया जारहा है। बच्चों के पोषण के साथ महिलाओं के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है। इस अभियान में महिलाओ का हेल्थ चेकअप भी कराया जायेगा।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि कुपोषित बच्चों को उचित आहार देने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। कुपोषण को दूर करने के लिए और मोटे अनाज के प्रतिलोगों को जागरुक करने के लिए जगह-जगह जागरुकता रैली निकाली जा रही है। कुपोषण से लडऩे के लिए पंचायत और विकास, पब्लिक हेल्थ, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं के वजन का डाटा इक_ा किया जाएगा। महिलाओं की लगातार मानीटरिंग की जाएगी। एनीमिया के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। इसी आधार पर उनको राशन उपलब्ध कराया जाएगा। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि पोषण अभियान के तहत हर खण्ड में 5 आंगनवाड़ी केंद्रों का चयन करके उनमें पोषण वाटिका बनाई जाएंगी। पोषण वाटिका से उगाई जाने वाली सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर रहेंगी। वाटिका में उगाई जाने वाली हरी सब्जियां, सहजन, करौंदा और नींबू के गुणों के बारे में जन सामान्य को जागरूक किया जाएगा।
पोषण अभियान की जिला संयोजक डॉ. श्रेया मिड्ढा ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक विकास के लिए विशेष रूप से कार्य किया जाता है। केंद्रों में आने वाले बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाया जाता है। पोषण माह के दौरान बच्चों को इसके महत्व के बारे में समझाने के लिए खेल-खेल में फल, सब्जियों की जानकारी दी जाती है ताकि बच्चों की पौष्टिक आहार के प्रति रुचि बढ़ सके। डॉ. श्रेया मिड्ढा ने बताया कि पोषण वाटिका में रोज़मर्रा उपयोग में आने वाली सब्जी जैविक खाद द्वारा तैयार करने की सरल विधि बताई जाएगी, ताकि लोग कैमिकल युक्त खाद के स्थान पर जैविक खाद से तैयार सब्जियों का सेवन कर स्वस्थ रह सके। पोषण वाटिका तैयार करने में उद्यान विभाग, कृषि विभाग के अधिकारियों का सहयोग लिया जाएगा।
अभियान के तहत होंगी कई प्रतियोगिताएं
पोषण अभियान की जिला संयोजक डॉ. श्रेया मिड्ढा ने बताया कि एक सितंबर से 30 सितंबर तक चलने वाले पोषण माह के दौरान जिले में रेसिपी प्रतियोगिता, पौष्टिक थाली प्रतियोगिता, सफाई अभियान, साइकिल रैली, नुक्कड़ नाटक, रागणी, प्रभात फेरी एवं महिला गोष्ठी का आयोजन जिले में किया जा रहा है। महिला समूहों को भी पोषण माह में भागीदारी के लिए जागरुक किया जा रहा है। कुपोषण को दूर करने के लिए कॉलेज, विश्वविद्यालयों की गृह विज्ञान की अध्यापिकाओं को भी पोषण माहसे जोड़ा जाएगा।

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