जुवेनाइल एक्ट को और मजबूत बनाने के लिए किया गया संशोधन.
केंद्रीय मंत्रालय द्वारा सबंधित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को दी गई ट्रेनिंग
BOL PANIPAT , 20 सितंबर। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जुवेनाइल एक्ट को और मजबूत बनाने के लिए एक्ट 2012 में संशोधन करके एक्ट 2022 को और मजबूत किया गया हैं। एक्ट में संशोधन के उपरांत पहले सत्र में केंद्रीय मन्त्रालय के विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वर्चुअल माध्यम से हरियाणा,पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, उत्तराखंड,पंजाब, तथा उत्तर प्रदेश राज्यों के सभी सबंधित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारियों ने जुवेनाइल एक्ट के संशोधन के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नये नियमों अनुसार किसी भी व्यक्ति को अगर बच्चा गोद लेना है तो उसे पहले के नियमों अनुसार फैमली कोर्ट की बजाय जिला मजिस्ट्रेट पर आज्ञा लेनी होगी।

उन्होंने बताया कि एक्ट में भी संशोधित नये नियमों अनुसार जिला में बाल कल्याण बोर्ड का चेयरपर्सन डीसी होगा जबकि पहले के नियमों में जिला बाल कल्याण अधिकारी चेयरपर्सन होता था। इसके अतिरिक्त बाल कल्याण बोर्ड में नियुक्ति इत्यादि के लिए भी मानकों में संशोधन किया गया है। उन्होंने बताया कि एक्ट में संशोधन के नये नियमों को एक सितंबर 2022 से लागू कर दिया गया है। ट्रेनिंग के उपरांत डीसी सुशील सारवान ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि एक्ट में संशोधित नियमों का अच्छी प्रकार से पारदर्शिता के साथ पालन करना हैं। इस अवसर पर एडीसी वीना हुड्डा, एसडीएम समालखा अमित खोखर,डीएसपी प्रदीप कुमार अधिवक्ता राजेश चौधरी ,जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रवीन कुमारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी निधि गुप्ता सहित सभी सबंधित विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी मौजूद रहें।

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