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खादी कार्यकर्ताओं ने चर्खा कताई करके सूत्र यज्ञ में भाग लेकर दो महान नेताओं को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at October 2, 2022 Tags: , , , , , ,

BOL PANIPAT : 2 अक्टूबर, 2022, खादी आश्रम, पानीपत एवं पानीपत नागरिक मंच के तत्वाधान में भारतीय खादी ग्रामोद्योग संघ उत्तरी क्षेत्र पानीपत, विद्या भारती मॉडर्न स्कूल पानीपत एवं चेतना परिवार ट्रस्ट पानीपत के सहयोग से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती एवं देश रत्न लाल बहादुर शास्त्री के पवित्र जन्म दिवस को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने किला ग्राउंड, पानीपत में उत्साह पूर्वक मनाया गया। इस सभा की अध्यक्षता प्रसिद्ध समाजसेवी दीपचंद निर्मोही ने की तथा सभा का संचालन शालिनी ने किया। खादी कार्यकर्ताओं ने चर्खा कताई करके सूत्र यज्ञ में भाग लेकर दोनों महान नेताओं को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।इस अवसर पर पानीपत नागरिक मंच की अध्यक्षा निर्मल दत्त ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हमारे प्राचीन एवं महान राष्ट्र को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराया और स्वतंत्रता दिलाई। गांधी के द्वारा आजादी के लिए स्वतंत्रता के साथ स्वराज, स्वाभिमान, स्वशासन, स्वदेशी वस्तुओं एवं स्वदेशी भाषाओं के महत्व पर अधिक जोर दिया गया था। गांधी ने जो कहा था वह करके दिखाया भी था। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने जीवन का बलिदान केवल सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं किया बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए किया था जिससे कि देश का शासन तंत्र मजबूत हो सके और देश का हर नागरिक उसका केन्द्र बिन्दु हो। देश में ऐसी व्यवस्था हो कि जनतंत्र शासन पर हावी हो, ना कि शासन जनता पर।
दत्त ने आगे कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 2 नवम्बर व 10 दिसम्बर 1947 को साम्प्रदायिक सद्भाव और शरणार्थी भाईयों के रहने व खाने की व्यवस्था ढंग से हो सके इसलिए दो बार यहां आये थे और उन्होंने उस समय एक महत्वपूर्ण बात यह भी कही थी कि यदि राजनेताओं के साथ-साथ सरकारी अधिकारी भी यह प्रतिज्ञा करें कि वे जनता के सेवक हैं और इसके अनुसार अपनी मानसिकता बदलें एवं कार्य करें तो हमारा देश स्वर्ग बन जायेगा। हमें नहीं भूलना चाहिये कि राष्ट्र जिन्दा है तो हम जिंदा हैं, समाज जिन्दा है तो हम जिन्दा है वरना हमारे जिन्दा रहने का कोई अर्थ नहीं है। इस स्वतंत्रता को श्री लाल बहादुर शास्त्री ने मजबूत किया और जय जवान-जय किसान का नारा देकर न केवल देश को आत्मनिर्भर बनाया बल्कि हमारे देश का गौरव और गरिमा भी स्थापित की।

अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में दीपचन्द निर्मोही ने बोलते हुए कहा कि ‘‘खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि विचार है’’ ये वाक्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था। खादी का नाम आते ही आज भी लोगों के मन में गांधी जी की छवि नजर आती है। वो तस्वीर जिसमें गांधी जी चरखा चलाते नजर आते हैं, उसे देखकर हर भारतवासी जानता है कि गांधी, खादी और आजादी एक दूसरे के पूरक हैं। खादी हमेशा ही स्वतन्त्रता संग्राम का प्रतीक रही है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी द्वारा सत्य और अहिंसा का हथियार राष्ट्र को दिया था।
इस अवसर पर विद्या भारती मॉडर्न स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा लाल बत्ती चौक से इंसार बाजार, बुलबुल बाजार, हलवाई हट्टा से होते हुए ‘‘महात्मा गांधी अमर रहे’’, ‘‘जय-जवान जय-किसान’’ का उद्घोष करते हुए महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने किला ग्राउंड, पानीपत पर पहुंचे।
इस अवसर पर सरोज बाला गुर, कृष्ण नारंग, अवनीश ठाकुर ने भी अपने-2 विचार रखें। विद्या भारती मॉर्डन स्कूल, विश्व भारती विद्या निकेतन पानीपत, जी.एन. विद्या मंदिर पानीपत, एम.आर.एस. विद्या मन्दिर पानीपत एवं अन्य कई स्कूलों के स्टाफ व विद्यार्थियों तथा चेतना परिवार के स्टाफ एवं पानीपत नगर के नागरिकों ने भी भाग लिया।
सभा के अंत में उपस्थित नागरिकों को राष्ट्र, समाज और स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता की शपथ भी दिलाई गई। राष्ट्रगान के साथ सभा विसर्जित की गई।

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