कृषि विभाग का जागरूकता अभियान रंग लाया-पराली में आगजनी पर 70 फीसदी काबू पाया
जिले में 80 में से 54 मामले सही पाए गए. आरोपित किसानों पर लगाया गया 1.35 लाख रूपये का जुर्माना.
BOL PANIPAT , 22 नवंबर। फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत किसानों को पराली न जलाने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का चालू सीजन में व्यापक एवं सकारात्मक असर देखने को मिला है। इसके परिणामस्वरूप जिला पानीपत में विभाग को पराली में आग की 80 सूचनाएं प्राप्त हुई, जिनमें से 54 सूचनाएं सही पाई गई और 26 सूचनाएं असत्य पाई गई। जिन किसानों ने रोक के बावजूद आग लगाई थी, उन पर विभाग द्वारा सरकार के निर्देशानुसार जुर्माना लगाने की कार्यवाही करते हुए जिले में कुल एक लाख 35 हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया। जिले में धान की कटाई का कार्य 98 फीसदी पूर्ण हो चुका है।
1.82 लाख एकड़ में थी धान की फसल
उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि जिला पानीपत में चालू खरीफ सीजन 2022-23 में जिला पानीपत में कुल एक लाख 82 हजार एकड़ भूमि में किसानों द्वारा धान की विभिन्न किसानों की रोपाई की गई थी। भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार की हिदायतों के अनुसार धान की कटाई का सीजन शुरू होने से पहले ही जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा किसानों को पराली में आगजनी से रोकने के लिए प्रयास शुरू कर दिए थे। इसी कड़ी में गत 12 सितंबर को उपायुक्त श्री सुशील सारवान की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यकारी कमेटी की मींिटंग हुई थी जिसमें उपायुक्त द्वारा पराली में आग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए थे।
प्रचार करके किसानों को किया गया जागरूक
किसानों को पराली में आगजनी से रोकने के लिए कृषि विभाग द्वारा स्पेशल प्रचार वैन का सहारा लिया गया जिसे गत 27 सितंबर को करनाल लोकसभा के सांसद श्री संजय भाटिया द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। इस वैन द्वारा जिले के प्रत्येक गांव में जाकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में सचेत किया गया। वहीं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा ग्राम स्तर पर विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया तथा खंड स्तर पर भी बड़े आयोजन करके किसानों को पराली में आग न लगाने के लिए जागरूक किया गया।

Comments