किसानों को बताएं धान की सीधी बिजाई के फायदे: एसडीएम
एसडीएम ने भू-जल संरक्षण के प्रति किया जागरूक
BOL PANIPAT , 5 मई। कृषि विज्ञान केन्द्र उझा में शुक्रवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता एसडीएम वीरेन्द्र ढुल ने की। शिविर में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक, कृषि विभाग के कर्मचारी व प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।
शिविर में किसानों को धान की सीधी बिजाई के फायदे बताए गए
एसडीएम वीरेन्द्र ढुल ने कर्मचारियों को संम्बोधित करते हुए जल सरंक्षण एवं अटल भू-जल योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जल की एक-एक बून्द कीमती है। हम सबको जल के संरक्षण के बारे में ज्यादा से ज्यादा सोचना ही नहीं बल्कि कारगर तरीके से इस पर काम भी करना चाहिए। दिन प्रतिदिन हो रहे जल दोहन के बारे में भी लोगों को जागरूक करना चाहिए।
कृषि विज्ञान के वैज्ञानिक डा0 राजबीर गर्ग ने धान की सीधी बिजाई में होने वाली तकनीकी समास्यों एवं उनके निर्वारण के बारे में चर्चा की व उन्होने यह भी बताया कि खेत में धान की सीधी बिजाई करने पर मौसम तथा खेती की नमी अनुसार पहली सिचाई 7 से 21 दिन के बाद करें।
उप कृषि निदेशक डा0 वजीर सिहॅं ने बताया कि धान की सीधी बिजाई के लिए किसान फसलडॉटहरियाणाडॉटजीओवीडॉटइन पर अपना पंजीकरण कर सकते हैं, जिसमें किसानों को 4000 रूपये प्रति एकड की दर से अनुदान दिया जायेगा व अधीकतम एकड की कोई सीमा नही है।
उप मण्डल कृषि अधिकारी डा0 राधे श्याम ने बताया कि धान की सीधी बिजाई के लिए जिलें भर के 30 गांव में 8 मई से 16 मई तक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जायेगा। किसानों से अनुरोध है कि वे कृषि विभाग के कर्मचारियों से सम्पर्क में रहें ताकि विभिन्न योजनाएॅं की जानकारी समय पर मिल सकें।

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