कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देने पर 1 लाख तक का इनाम. नाम रखा जाएगा गुप्त: डीसी
– जुर्म करने पर पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट 1994 के तहत है कैद व जुर्माने का प्रावधान
BOL PANIPAT , 30 मई। उपायुक्त वीरेंद्र दहिया ने कहा है कि सरकार व प्रशासन की ओर से कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या करने व करवाने वालों की सही सूचना देने वालों को सरकार द्वारा एक लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। ऐसी सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट 1994 के तहत पंजीकृत सेंटर संचालक व डॉक्टर द्वारा पहली बार गर्भधारण पूर्व लिंग चयन और प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण संबंधी जुर्म करने पर 3 साल की कैद और 10 हजार रुपए जुर्माना तथा इसके उपरांत पुन: जुर्म करने पर 5 साल कैद और 50 हजार रुपए जुर्माना का प्रावधान है। पति/परिवार के सदस्य या लिंग चयन के लिए उकसाने वाले व्यक्ति के लिए एक्ट में पहले अपराध पर 50 हजार रुपए तक के जुर्माने के साथ 3 साल तक की कैद तथा इसके उपरांत पुन: अपराध करने पर एक लाख रुपए तक जुर्माने के साथ 5 साल तक की कैद का प्रावधान एक्ट में किया गया है।
लिंगानुपात बढ़ाने के लिए सभी को एकजुट होकर करने होंगे सामूहिक प्रयास
उपायुक्त वीरेंद्र दहिया ने जिलावासियों से लिंगानुपात को बढ़ाकर जिला को लिंगानुपात के मामले में पहले पायदान पर लाने का आह्वान किया है। लिंगानुपात को बढ़ाने के लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि बेटियां अनमोल हैं और इन्हें भी दुनिया में आने का पूरा हक है। उन्होंने कहा कि केवल बालिका दिवस व महिला दिवस मनाने से कन्या भ्रूण हत्या समाप्त नहीं होगी। इसके लिए हम सबको मिलकर सामूहिक प्रयास करने होंगे। जिस दिन हम अपनी बेटियों को बेटों के बराबर समझने लगेंगे, उस दिन कन्या भ्रूण हत्या अपने आप रुक जाएगी।

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