कुछ मिनटों की समझदारी बचा सकती है जिंदगी : एनएफएल में फ़र्स्ट एड और सीपीआर प्रशिक्षण बना कर्मचारियों के लिए जीवन रक्षक पाठशाला
BOL PANIPAT , 12 मई। आज के समय में बढ़ते हार्ट अटैक, सडक़ दुर्घटनाओं और अचानक होने वाली स्वास्थ्य आपात स्थितियों को देखते हुए लोगों को जीवन रक्षक तकनीकों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी हरियाणा राज्य शाखा के निर्देशों के तहत एनएफएल में प्राथमिक उपचार (फ़र्स्ट एड) विषय पर एक प्रभावशाली एवं अत्यंत उपयोगी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन रेडक्रॉस के फस्र्ट एड लेक्चरर संदीप रत्तेवाल द्वारा किया गया। उन्होंने अपने व्यवहारिक अनुभव, सरल भाषा और रोचक प्रस्तुति शैली से पूरे प्रशिक्षण सत्र को जीवंत बना दिया। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में एक सामान्य व्यक्ति को भी जीवन रक्षक बना सकती हैं।
संदीप रत्तेवाल ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में हार्ट अटैक के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है और कई बार समय पर सहायता न मिलने के कारण लोगों की जान चली जाती है। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को सही तरीके से सीपीआर देना आता है, तो वह एंबुलेंस आने से पहले किसी व्यक्ति की धडक़नों को बनाए रखते हुए उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रशिक्षण शिविर में डी.आर.एस.ए.बी.सी., सीपीआर, रिकवरी पोजीशन तथा प्राथमिक उपचार के सुनहरे नियमों को बेहद सरल और व्यवहारिक तरीके से समझाया गया। प्रशिक्षण को केवल सैद्धांतिक न रखकर पूरी तरह प्रैक्टिकल बनाया गया, जिससे कर्मचारियों ने स्वयं अभ्यास कर जीवन रक्षक तकनीकों को सीखा।
शिविर के दौरान कर्मचारियों को ब्लीडिंग (रक्तस्राव) की स्थिति में तुरंत क्या करना चाहिए, खून की रोकथाम किस प्रकार की जाए, हड्डी टूटने की स्थिति में किस तरह पट्टी बांधी जाए तथा घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से कैसे संभालना चाहिए, इन सभी विषयों का लाइव डेमो देकर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया। इसके अतिरिक्त छोटे बच्चों, बड़े बच्चों और वयस्कों को अलग-अलग परिस्थितियों में किस प्रकार सीपीआर दिया जाता है, यह भी प्रैक्टिकल रूप में सिखाया गया।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान कर्मचारियों ने पूरे उत्साह और रुचि के साथ भाग लिया। कई प्रतिभागियों ने इसे जीवन में पहली बार मिला सबसे उपयोगी और व्यावहारिक प्रशिक्षण बताया। कर्मचारियों ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण न केवल कार्यस्थल को सुरक्षित बनाते हैं, बल्कि हर व्यक्ति को समाज के प्रति जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की प्रेरणा भी देते हैं।
कार्यक्रम के अंत में तोष कुमार ने प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कहा कि यह शिविर कर्मचारियों के लिए अत्यंत लाभदायक एवं प्रेरणादायक रहा। उन्होंने फस्र्ट एड लेक्चरर संदीप रत्तेवाल का धन्यवाद करते हुए कहा कि आज के समय में हर व्यक्ति को फस्र्ट एड और सीपीआर का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि सही समय पर दी गई सहायता किसी की अनमोल जिंदगी बचा सकती है।

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