Sunday, April 19, 2026
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निराश्रित बच्चों को स्पॉन्सरशिप एवं फॉस्टर केयर योजना का अधिक से अधिक लाभ मिलना चाहिए : उपायुक्त

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at August 8, 2023 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT , 8 अगस्त। उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया ने कहा है कि स्पॉन्सरशिप एवं फॉस्टर केयर योजना का अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभ मिलना चाहिए। यह बात आज उन्होंने इस योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
उपायुक्त ने बताया निराश्रित बच्चों के कल्याण के लिए सरकार की कई योजनाएं चल रही है। इनमें से एक योजना स्पॉन्सरशिप एवं फॉस्टर केयर योजना है। इस योजना के तहत शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों के लिए चार हजार प्रति महीना की सहायता राशि प्रदान की जाती है। यह राशि ऐसे बच्चों के लिए जिनके पिता का देहांत हो चुका हो और उनकी वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 72 हजार रूपये तथा शहरी क्षेत्रों में 96 हजार रूपये वार्षिक से अधिक ना हो। यह लाभ केवल उन्हीं बच्चों को दिया जाएगा जो बच्चे पढ़ाई कर रहे हों तथा यह लाभ केवल 18 वर्ष की उम्र पूरी करने तक ही दिया जाता है। इस योजना के तहत वे बच्चे भी लाभ पाने के हकदार हैं जो अनाथ हैं यानि जिनके माता-पिता का देहांत हो चुका हो और अपने दादा-दादी के साथ रहते हैं। इस योजना के तहत जिला बाल कल्याण समिति के कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। आवेदन फार्म के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र संलग्न होना अनिवार्य है। जिला बाल कल्याण समिति अपनी संस्तुति के साथ आवेदन को जिला बाल संरक्षण अधिकारी के पास भेजती है। जिसके पश्चात जिला बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा उपायुक्त से आवेदन फार्म अप्रूव करवाकर लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया जाता है। मंगलवार को हुई बैठक में दो बच्चों को लाभ देने के लिए उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया ने अपनी मोहर लगाई।

पोक्सो केसों में दिलाएं पीडि़तों को न्याय

उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज केसों में पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए सख्त पैरवी करें। उन्होंने कहा कि पीडि़त बच्चों पर कई बार दबाव होने के कारण वे न्यायालय में आप बीती बताने में हिचक जाते हैं। इसलिए ऐसे पीडि़त बच्चों की कांउसलिंग करके उनका मनोबल बढ़ाए और उनको न्याय दिलाने में सहयोग करें। बैठक में डीएसपी सतीश, डीइओ कुलदीप दहिया, डिप्टी डीइओ राजबीर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी निधि गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी परमिन्द्र, सहायक श्रमायुक्त कुलदीप, बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता, बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ मुकेश आर्य, शिव कुमार और अशोक कुमार मौजूद रहे।  

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