एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के खिलाडियों ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय इंटर कॉलेजिएट रेसलिंग चैंपियनशिप में झटके तीन स्वर्ण एवं चार ब्रोंज सहित कुल सात मैडल।
–तीन खिलाडी नार्थ जोन रेसलिंग के लिए हुए चयनित।
BOL PANIPAT : कुरुक्षेत्र विश्वविधालय में 25 से 27 अक्टूबर तक आयोजित कुरुक्षेत्र विश्वविधालय इंटर कॉलेजिएट रेसलिंग चैंपियनशिप में एसडी पीजी कॉलेज के खिलाडियों ने ग्रीको रोमन, फ्री स्टाइल पुरुष एवं फ्री स्टाइल महिला में नया इतिहास रचकर तीन स्वर्ण पदक एवं चार ब्रोंज सहित कुल सात मैडल झटककर कॉलेज और जिले का नाम रोशन किया।
हर्ष राणा 60 किलोग्राम, विशाल 72 किलोग्राम ने ग्रीको रोमन में स्वर्ण और अंकुश 92 किलोग्राम ने फ्री स्टाइल पुरुष में स्वर्ण पदक झटके। इसी के साथ प्रशांत 97 किलोग्राम ने ग्रीको रोमन में ब्रोंज, आर्यन 61 किलोग्राम ने फ्री स्टाइल पुरुष में ब्रोंज और किरण 72 किलोग्राम एवं हूर 57 किलोग्राम ने फ्री स्टाइल महिला में ब्रोंज पदक झटके।
हर्ष राणा, विशाल, अंकुश, आर्यन, प्रशांत, किरण एवं हूर का कॉलेज पहुँचने पर स्वागत एसडी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो. रजनी, कोच अंकुश, ग्राउंड्स मैन प्रताप और अन्य प्राध्यापकों ने किया। हर्ष राणा, विशाल, अंकुश और प्रशांत तो इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन के दम पर गोल्ड मैडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके है।
एस.डी. पी.जी. कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने अपने सन्देश में कहा कि वो दिन गए जब अभिभावक अपने बच्चों को खेलने-कूदने से रोकते थे। आज के समय में खेलो में भाग लेने से हमें बहुत फायदे मिलते है। व्यक्ति का रूप और व्यक्तित्व खेलो से ही बनता और निखरता है। खेल के मैदान और मुकाबले में हर खिलाड़ी अगर लगन के साथ भाग ले तो न सिर्फ हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है। बल्कि परस्पर प्यार और सदभाव में भी वृद्धि होती है। अच्छे खिलाडी ख्याति तो प्राप्त करते ही है बल्कि खेलों के माध्यम से अपनी आजीविका और पैसा भी कम सकते है। कॉलेज अपने हर होनहार खिलाडियों का निरंतर मार्गदर्शन करता रहेगा।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने अपने प्रेरणा से भरपूर वक्तव्य में कहा कि खेल हमारे लिए बहुत ही लाभदायक हैं। क्योंकि ये हमें समयबद्धता, धैर्य, अनुशासन, समूह में कार्य करना और लगन सिखाते हैं। खेलो से ही आत्मविश्वास का निर्माण होता है। यदि हम खेल का नियमित अभ्यास करें तो हम अधिक सक्रिय और स्वस्थ रह सकते हैं। खेल हमें जीवन में की कमजोरियों को हटाकर आगे बढ़ना सिखाता है। उन्होंने सारे खिलाड़ियों की भरपूर प्रशंसा की और कहा कि इन खिलाडियों की उपलब्धि अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे न सिर्फ ये खुद के जीवन में सफल होंगे बल्कि इससे दूसरे विद्यार्थियो को भी भरपूर प्रेरणा मिलेगी। कुरुक्षेत्र विश्वविधालय की इंटर कॉलेजिएट रेसलिंग चैंपियनशिप एक प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है और इसमें मैडल प्राप्त करने का एक अलग ही अनुभव और गौरव है। हर्ष राणा, अंकुश, विशाल और प्रशांत तो राष्ट्रीय स्तर पर पहले भी खुद को स्थापित कर गोल्ड मैडल जीत चुके है। एसडी कॉलेज ने हमेशा खेलों को बढ़ावा दिया है और यहाँ के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा कर कॉलेज का भरपूर नाम रोशन किया है। कॉलेज को इन युवाओं पर गर्व है और यही हमारे भविष्य कि धरोहर है।
शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल कहा की खेल विद्यार्थियों के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमे कुछ समय खेलों में सक्रिय होने के लिए जरूर निकालना चाहिए। खेल बहुत ही आवश्यक है क्योंकि खेलों में नियमित रुप से शामिल होने वाला व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से तंदरुस्त रहता है। जिन व्यक्तियों की व्यस्त दिनचर्या होती है वे बहुत ही आसानी से थक जाते हैं। सूकून और आराम का जीवन जीने के लिए हम सभी को स्वस्थ मस्तिष्क और स्वस्थ शरीर की आवश्यकता होती है और यह खेलो से ही मिलते है। जिस प्रकार नाम, प्रसिद्धी और पैसा प्राप्त करने के लिए शिक्षा बहुत आवश्यक है उसी तरह स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क प्राप्त करने के लिए खेल सबसे अच्छा तरीका है।
इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में, डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो. रजनी देवी, कोच अंकुश, ग्राउंड्समैन प्रताप, दीपक मित्तल आदि मौजूद रहे।

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