एस.डी.पी.जी. कॉलेज पानीपत में सात दिवसीय साक्षात्कार प्रशिक्षण एवं रोजगार कार्यशाला का सारगर्भित समापन
सभी संकायों की छात्राओं को साक्षात्कार के लिए तैयार करने के साथ दिया प्लेसमेंट का अवसर
छात्राओं में आत्म जागरूकता, संचार कौशल, अनुकूलनशीलता और टीम वर्क के गुणों के विकास के साथ प्लेसमेंट के अवसर प्रदान किये गए: अल्का रानी
BOL PANIPAT , 06 नवम्बर.
एस.डी. पी.जी. कॉलेज पानीपत में मैजिकबस इंडिया फाउंडेशन एवं कॉलेज प्लेसमेंट सेल द्वारा आयोजित सात दिवसीय साक्षात्कार प्रशिक्षण एवं रोजगार कार्यशाला का सारगर्भित समापन हो गया जिसमें सभी संकायों की लगभग 70 छात्राओं ने भाग लिया । कार्यशाला की मुख्य अतिथि मैजिकबस इंडिया फाउंडेशन से युवा एवं अनुभवी प्रशिक्षक अल्का रानी रही । उनके साथ प्रोग्राम मैनेजर संजय कुमार ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया । मेहमानों का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और कॉलेज प्लेसमेंट सेल के सदस्यों डॉ राहुल जैन, डॉ दीपा वर्मा, प्रो हर्षिता गोयल और प्रो डेनसन डी पॉल ने किया । विदित रहे कि मैजिकबस इंडिया फाउंडेशन ‘अपने कामों से जुड़े’ कार्यक्रमों पर मजबूत आधार प्रदान कर निरंतर आजीविका पैदा करके महत्वाकांक्षी युवाओं को कौशल और सशक्त बनाने में लगा हुआ है । फाउंडेशन के विभिन्न पहलों को यूएनडीपी, माइक्रोसॉफ्ट, सिस्को, एक्सेंचर, बार्कलेज बैंक, जे.पी. मॉर्गन, नेस्ले, आईटीसी और बैंक ऑफ अमेरिका आदि संगठनों द्वारा व्याप्त समर्थन प्राप्त है । कार्यशाला के आयोजन से छात्राओं को अत्यधिक लाभ हुआ और उन्होनें विभिन्न संस्थानों में प्रवेश या नौकरी पाने हेतु विशेष गुणों का विकास स्वयं में किया और अपने आत्मविश्वास में वृद्धि की । विभिन्न परस्पर संवादात्मक खेलों के आयोजन ने कार्यशाला को मनोरंजक और शिक्षाप्रद बनाया ।
अल्का रानी ने कहा कि मैजिकबस इंडिया फाउंडेशन ने यूएनडीपी (संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम) के सहयोग से ‘सीमांत युवाओं के लिए कार्य कार्यक्रम से जुड़ें’ शुरू किया है । इसके अंतर्गत फाउंडेशन छात्रों को उनके साक्षात्कार के संबंध में तैयार करने के लिए सात दिनों की कार्यशाला आयोजित कर प्रशिक्षण प्रदान करते हैं और फिर इन छात्रों को प्लेसमेंट प्रदान की जाती है जो विद्यार्थियों के लिए सर्वोत्तम है । इस कार्य हेतू फाउंडेशन ने दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न कॉलेजों और संस्थानों के साथ मिलकर काम किया है और कई कंपनियों ने फाउंडेशन के साथ गठजोड़ किया है । डीएवी कॉलेज (फरीदाबाद), राम चमेली चड्ढा विश्वास गर्ल्स कॉलेज (गाजियाबाद), पंडित जवाहर लाल नेहरू कॉलेज, गवर्नमेंट पीजी कॉलेज (गुड़गांव), एनआईईएलईटी, डीएसएसडी (दिल्ली स्कूल ऑफ स्किल डेवलपमेंट), डिजिटल स्किल डेवलपमेंट कंप्यूटर एजुकेशन, आईटीआई (पूसा), आईटीआई निज़ामुद्दीन जैसे संस्थानी में जाने के बाद फाउंडेशन ने एस.डी. पी.जी. कॉलेज को चुना । उन्होनें कहा कि इस कार्यशाला में प्रशिक्षण और प्लेसमेंट की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क रही और इसमें 18 से 25 वर्ष उम्र के विद्यार्थीयों ने भाग लिया । विद्यार्थियों को कार्यशाला में मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन का परिचय दिया गया, उनकी आत्म जागरूकता (ताकत और कमजोरी और खुद के बारे में जानों) जगाई गई, उनके संचार और सुनने के कौशल को विकसित किया गया, अनुकूलनशीलता का गुण उनमें उत्पादित किया गया, टीम वर्क, अपने स्वास्थ्य को ठीक रखना और स्वयं से निर्णय कैसे लेना है सिखाया गया । अपना बायोडाटा या सीवी को कैसे लिखे, साक्षात्कार कौशल को कैसे विकसित करे और साक्षात्कार में प्रश्नों के उत्तर किस प्रकार देने चाहिए जैसे विषयों पर भी विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया । उन्होनें अच्छे सीवी एवं बायोडाटा को लिखने के टिप्स भी विद्यार्थियों को दिए । अच्छे सीवी को लिखने से पहले हमें उस कंपनी के बारे में पूरी जानकारी हासिल करनी चाहिए जहाँ हम आवेदन करना चाहते है । साथ ही इंटरव्यू देने के लिए यह भी जरूरी है कि हमारा रिज्यूमे अच्छे तरीके से बना हुआ हो । आकर्षक ढंग से बना सीवी नौकरी दिलाने में हमारी काफी मदद करता है ।
संजय कुमार प्रोग्राम मैनेजर ने कहा कि मॉक इंटरव्यू में हम जिस भी विभाग या संस्थान में काम करना चाहते है वहां पर हमारी भूमिका, वास्तविक रुचि, पद के लिए हमारी तैयारी और हमारी क्षमता के आधार पर प्रश्न पूछकर हमारा मूल्यांकन किया जाता है । इंटरव्यू लेने वाली टीम द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर हमारी कौशल, अनुभव और प्रेरणा का आकलन करने में मदद करते है । इंटरव्यू में प्रश्न केवल सैद्धांतिक ज्ञान का पता लगाने के लिए नहीं होते हैं ।

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