रक्तदान से बचाई जा सकती है किसी जरूरतमंद व बीमार व्यक्ति की जिंदगी- डा0 पूजा सिंघल
BOL PANIPAT : 19 मार्च–जिला स्तरीय जूनियर रैडक्रास प्रशिक्षण शिविर का आयोजन राजकीय माॅडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पानीपत के प्रांगण में किया जा रहा है। प्रशिक्षण शिविर में जिला पानीपत के 16 स्कूलों से 121 प्रतिभागी भाग ले रहे है।
शिविर में बतौर अतिथि डा0 पूजा सिंघल, रक्त बैंक अधिकारी, रैडक्रास पानीपत ने शिरक्त की। उन्होंने प्रतिभागियों को जागरूक करते हुये कहा कि रक्तदान से किसी भी बीमार या जरूरमंद व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। एक स्वस्थ्य व्यक्ति वर्ष में 4 बार यादि 90 दिन के अतंराल पर रक्तदान कर सकता है। कोई भी स्वस्थ्य व्यक्ति जिसकी उम्र 18 साल से 65 साल के बीच में है, हिमोग्लोबीन की मात्रा 12.5 से अधिक है और किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित ना हो तो रक्तदान कर सकता है। रक्तदान करने से शरीर में नवरक्त का निर्माण होता है और व्यक्ति प्रफुल्ति महसूस करता हैै। रक्तदान करने से किसी भी प्रकार कोई कमजोरी नहीं आती। रक्तदान से पूर्व व बाद में अच्छा आहार लेना चाहिये। उन्होनें सभी प्रतिभायिगों को रक्तदान करने की शपथ दिलाई।

शिविर के दूसरे दिन की शुरूआत रैडक्रास वंदना के साथ की गई। शिविर निदेशक एंव जिला प्रशिक्षण अधिकारी हरमेश चन्द ने प्रतिभागियों को रैडक्रास के इतिहास के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। उन्होनें कहा कि रैडक्रास एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना सर जीन हैनरी डयूना ने सन 1863 में की थी, जिन्हें 1901 में प्रथम शांति नोबेल पुरस्सकार से सम्मानित किया गया था। यह गर्व की बात है कि रैडक्रास को तीन बारे नोबल पुरस्सकार से सम्मानित किया जा चुका है। विश्व के लगभग 193 देशों में लगभग 700 शाखाओं कार्यरत है।
आयुष विभाग पानीपत से योग विशेषज्ञ नीलिमा ने प्रतिभागियों को योग व ध्यान के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत करवाया। उन्होेनें हमें बताया कि योग से शरीर को निरोगी रखा जा सकता है और स्वस्थ शरीर में ही अच्छे मस्तिष्क का निर्माण होता है। ध्यान के माध्यम से हमें आतरिक शांति मिलती है, जिससे हमारी सोचने व समझने की क्षमता में बढ़ोतरी होती है। नीलिमा ने प्रतिभागियों को यम‘-नियम व आसान पर प्रकाश डालते हुये उन्हें योग करके दिखलाया और प्रतिभागियों ने भी उसमें भाग लिया। कार्यक्रम में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने भी बच्चों को संबोधित किया।

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