जेल में बंद गैंगस्टर ऋषि चुलकाना की इलाज के दौरान मौत.
BOL PANIPAT : पानीपत जिला जेल में बंद गैंगस्टर ऋषि चुलकाना की जेल में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया गया जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसकी पुष्टि रोहतक पीजीआईएमएस थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रोशन लाल ने की है।
इंस्पेक्टर रोशन लाल ने बताया कि ऋषि चुलकाना द्वारा अचानक सीने में दर्द की शिकायत मिलने पर जेल प्रशासन को इसकी सूचना दी। गैंगस्टर को पहले जेल में प्राथमिक उपचार दिया गया। लेकिन, वहां उसे आराम नहीं आया। इसके बाद उसे कड़ी सुरक्षा में जेल से सिविल अस्पताल ले गए । जहां करीब 20 मिनट तक उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। सीने में लगातार दर्द की शिकायत और आराम न आने के चलते गैंगस्टर को मेडिकल स्टाफ ने रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। साथ में मौजूद सुरक्षा बल ने बिना देर किए उच्च अधिकारियों से बात की और गैंगस्टर को रोहतक पीजीआई ले जाने की बात बताई। इसके बाद यहां से उसे कड़ी पुलिस सुरक्षा में पुलिस वैन में रोहतक ले जाया गया। जहां ऋषि चुलकाना की इलाज के दौरान मौत हो गई।
ऋषि चुलकाना का क्रिमिनल रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक बदमाश ऋषि चुलकाना ने गांव के ही दिनेश गैंग से आपराधिक जीवन की शुरुआत की थी। कुछ ही दिन में वह गैंग का शार्प शूटर बन गया। उसने गांव के ही फूड एंड सप्लाई में इंस्पेक्टर रमेश की हत्या कर दी थी। जिसमें आरोपी को साढ़े पांच साल की सजा सुनाई थी।
ऋषि चुलकाना ने इस मामले में हाईकोर्ट से पैरोल ली थी और बाहर आते ही सोनीपत में एक व्यक्ति की हत्या का प्रयास किया था। जेल से बाहर आने के बाद हत्या से लेकर फिरौती जैसे कई बड़े मामलों को अंजाम दिया और आंतक फैलाना शुरू कर दिया है। सोमपाल की हत्या के बाद पुलिस ने ऋषि चुलकाना पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। वही समालखा के पूर्व विधायक भरत सिंह छौक्कर से फिरौती मांगने व जान से मारने की धमकी देने के मामले का भी आरोपी था। रिकॉर्ड के मुताबिक ऋषि चुलकाना ने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। उसने यूपी में पशु डेयरी भी चलाई, लेकिन अपनी दहशत फ़ैलाने, अपराध की दुनिया में नाम कमाने की चाहत के चलते वह गैंग में शामिल हो गया । उसके खिलाफ हत्या, फिरौती और अपहरण जैसे करीब 22 मामले दर्ज थे।

Comments