जिला के दो और गांव नशा मुक्त घोषित. ग्रामीणों ने लड्डू बाटकर मनाई खुशी.
BOL PANIPAT : 8 अगस्त 2024, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में नशा मुक्त हरियाणा अभियान के तहत पानीपत को नशा मुक्त बनाने के लिए चलाई मुहिम के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। मुहिम के तहत वीरवार को जिला के दो और गांव कचरौली व महमदपुर को नशा मुक्त घोषित किया गया।
इस घोषणा से जिला के नशा मुक्त गावों व वार्डों की कुल संख्या 61 हो गई है। इसमे 55 गांव व शहर की 6 कॉलोनियां है।
थाना सदर क्षेत्र के दोनों गांव में वीरवार को कार्यक्रम आयोजित कर उप पुलिस अधीक्षक राजबीर सिंह ने गांव के सरपंचों व उपस्थित मौजिज व्यक्तियों व युवा शक्ति को बधाई दी। ग्रामवासियों ने इसकी लड्डू बाटकर खुशी मनाई। और दोनों गांव के ग्रामीणों ने पुलिस को आश्वासन दिया कि वह उनके गांव में किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ बिकने व इसके प्रयोग पर पूर्णता पाबंदी रखेंगे।
इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक राजबीर सिंह ने नशे के खिलाफ जागरूक कर नशा न करने की शपथ दिलाई। और कहा कि अन्य ग्राम पंचायतें भी नशा मुक्त गांवों का अनुसरण कर अपने-अपने गांवों को नशा मुक्त करवाने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने गांव, गली और मौहल्ले की जिम्मेदारी उठाए तो नशा बिकना अपने आप खत्म हो जाएगा।
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सभी ग्राम पंचायतें, सामाजिक संस्थाएं तथा यूथ क्लब अपनी अग्रणी भूमिका निभाएं, ताकि समाज को पूरी तरह से नशा मुक्त किया जा सके।
युवा शिक्षा-खेल गतिविधियों की ओर हो अग्रसर
जिला पुलिस अपने स्तर पर नशे के खिलाफ जोरदार अभियान चलाए हुए हैं। जिसके तहत नशा तस्करों पर शिकंजा कसा जा रहा है और युवाओं को विभिन्न खेल गतिविधियों तथा कार्यक्रमों के माध्यम से नशे के खिलाफ जागरूक भी किया जा रहा है। अभियान से प्रेरित होकर युवा शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
उप पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जन आंदोलन में प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी अति आवश्यक है, ताकि नशे के खिलाफ अभियान को पूरी तरह से सफल बनाया जा सके।
इस मौके पर थाना सदर प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश कुमार, गांव महमदपुर की सरपंच किरणदीप कौर, गांव कचरौली के सरपंच सतीश कुमार और काफी संख्या में दोनों गांव के मौजिज व्यक्ति व युवा मौजूद रहे।
नशा मुक्त घोषित करने के ये हैं मानक
उप पुलिस अधीक्षक राजबीर सिंह ने बताया कि जिला के प्रत्येक गांव व कॉलोनियों में ग्राम प्रहरी नियुक्त किए गए है। गांव की पंचायत व पुलिस टीम गांवों में सर्वे करती है और जो युवा नशे की चपेट में मिलते हैं उनकी काउंसिलिंग की जाती है और अगर जरूरत होती है उपचार करवाया जाता है। टीम गांव में जागरूकता अभियान चलाती है, इसके बाद ग्रामीणों के साथ बैठक होती है। बैठक में तय होता है कि गांव में कोई युवा नशा नहीं ले रहा है और सप्लायर भी नहीं है। इसके बाद पंचायत के कहने पर गांव को नशा मुक्त घोषित कर दिया जाता है।

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