धान की पराली व अवशेषों को जलाने की बजाय उनका प्रबंधन करें सभी किसान: उपायुक्त डॉ0 वीरेन्द्र कुमार दहिया।
-किसान के पास फसल प्रबंधन के लिए कृषि यंत्र न होने की स्थित में कृषि विभाग उपलब्ध करवाएगा कृषि यंत्र
BOL PANIPAT , 15 अक्तूबर। उपायुक्त डॉ0 वीरेन्द्र कुमार दहिया ने जिला के किसानों का आह्वान किया कि वे धान कटाई केे सीजन के दौरान धान की पराली व अवशेषों को जलाने की बजाय उनका प्रबंधन करें ताकि इससे मनुष्य का जीवन व मिट्टी की उर्वरा शक्ति दोनों सुरक्षित रह सके। उन्होंने बताया कि जब किसान पराली या अवशेषों को जलाता है तो उससे उठने वाले धुएं से वातावरण प्रदूषित होता है और हमें कई बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा जमीन में आग लगने से मिट्टी के मित्र किट भी मर जाते है जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है।
उन्होंने कहा कि जिस किसान के पास धान के अवशेषों का प्रबंधन करने के लिए कृषि यंत्र नहीं है उस किसान को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा कृषि उपलब्ध करवाया जाएगा, ताकि फसल अवशेषों का उचित प्रकार से प्रबंधन हो सके। उन्होंने कहा कि अगर किसी किसान के पास कृषि यंत्र नहीं है तो वह अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय में संपर्क कर सकता है।
उन्होंने बताया कि जिला में पराली की घटनाओं पर पूर्णत: रोक लगाने के लिए सभी अधिकारी गंभीरता से काम करें। जिला में कहीं भी पराली न जलाई जाए। अगर कोई किसान फसल अवशेष या पराली जलाने का दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
पराली को जलाने की बजाय उनका प्रबंधन करने के लिए कृषि विभाग द्वारा गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा कृषि विभाग द्वारा धान फसल के अवशेषों का प्रबंधन करने के लिए अनुदान पर कृषि यंत्र भी उपलब्ध करवाएं जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को पराली प्रबन्धन के लिए इन सीटू व एक्स सीटू स्कीम के तहत एक हजार रूपये प्रति एकड़ की प्रोत्शाहन राशि भी प्रदान की जा रही है।

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