सर्वोच्च न्यायालय लीगल सर्विसेज कमिटी के नए अध्यक्ष मनोनीत न्यायमूर्ति सूर्यकांत।
-राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा के नए कार्यकारी अध्यक्ष मनोनीत भूषण रामकृष्ण गवई।
BOL PANIPAT : 14 नवंबर–जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मीनू ने बताया कि न्यायमूर्ति सूर्यकांत को सर्वोच्च न्यायालय लीगल सर्विसेज कमिटी एससीएलएससी के अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया गया है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत को भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना द्वारा मनोनीत किया गया है। इस आशय की अधिसूचना 12 नवंबर 2024 को आधिकारिक राजपत्र में नालसा द्वारा प्रकाशित भी की गई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले यह पद न्यायमूर्ति बी आर गवई के पास था जिन्हें हाल ही में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया गया है ।सर्वोच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति सभी के लिए न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है विशेष रूप से समाज के हाशिए पर पड़े और वंचित वर्गों के लिए जिन्हें देश के सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचने में वित्तीय या सामाजिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मीनू ने बताया कि भारत की राष्ट्रपति माननीय द्रौपदी मुर्मू द्वारा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा की उप धारा 2 के खंड बी द्वारा प्रदत शक्तियों के तहत नियुक्ति की गई है। यह 11 नवंबर 2024 से प्रभावी है। इस आशय की घोषणा भारत सरकार की विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा 8 नवंबर 2024 को आधिकारिक रूप में प्रकाशित भी की गई है। इससे पूर्व में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना इसके पिछले कार्यकारी अध्यक्ष थे। उन्होंने बताया कि नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में अपने नामांकन से पहले माननीय न्यायमूर्ति बी आर र गवई सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के अध्यक्ष थे। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में माननीय न्यायमूर्ति बी आर गवई नालसा के मिशन का नेतृत्व करेंगे जो सभी नागरिकों विशेष रूप से समाज के हाशिए पर पड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों को सुलभ और मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करेगा। उनके नेतृत्व से नालसा की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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