दयालु योजना में मृत्यु या दिव्यांग होने पर अंत्योदय परिवार को दी जाती है आर्थिक सहायता: डीसी डा. वीरेद्र दहिया
-आयु वर्ग के अनुसार मृतक के आश्रित को दी जाती है एक से पांच लाख तक की राशि
-सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा के लिए हरियाणा सरकार ने चलाई है स्कीम
BOL PANIPAT , 15 नवंबर। हरियाणा सरकार ने किसी पारिवारिक सदस्य की आकस्मिक मृत्यु या स्थाई दिव्यांगता होने की स्थिति में अंत्योदय परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की योजना चलाई हुई है। दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु) के अंतर्गत योजना विभाग द्वारा यह वित्तीय सहायता दी जाती है।
डीसी डॉ. वीरेद्र कुमार दहिया ने बताया कि योजना विभाग ने हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास बनाया हुआ है, जिसके माध्यम से दयालु नाम से यह स्कीम चलाई जा रही है। जिन परिवारों की वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रूपए या इससे कम है, उन परिवारों को दयालु योजना का लाभ दिया जाता है। पात्र परिवार हरियाणा प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए। पात्र परिवार का बैंक में खाता हो और उसने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना या प्रधानमंत्री जीवन बीमा सुरक्षा योजना का फार्म भरा हुआ हो।
उन्होंने बताया कि दयालु योजना में 6 से 12 साल तक के बच्चे की मृत्यु होने पर एक लाख रूपए, 12 से 18 साल तक के बच्चे की मृत्यु होने पर दो लाख रूपए, 18 से 25 वर्ष की आयु के युवा की मृत्यु होने पर तीन लाख रूपए, 25 से 45 वर्ष के युवा की मृत्यु होने पर पांच लाख रूपए तथा 45 से 60 साल के व्यञ्चित की मृत्यु होने पर तीन लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। यही राशि स्थाई दिव्यांग होने की स्थिति में दी जाएगी।
डीसी ने बताया कि दयालु योजना का मुख्य उद्देश्य पीडि़त परिवार की आर्थिक सहायता करना है, जिससे कि उसे सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा मिल सके। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र में जो बैंक खाता नंबर दिया हुआ है, उसी में सहायता राशि को भेजा जाएगा। दुर्घटना होने के तीन माह के भीतर इस योजना के तहत आवेदन करना आवश्यक है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने दयालु पोर्टल बनाया हुआ है। जिस पर आनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

Comments