Thursday, April 23, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में डॉ संगीता गुप्ता की सेवा निवृति उपरान्त भव्य एवं भावुक विदाई पार्टी का आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at November 30, 2024 Tags: , , , ,

-डॉ. संगीता गुप्ता एक अद्वितीय शिक्षाविद्, आदर्श नेतृत्वकर्ता और कुशल सांस्कृतिक गतिविधियों की स्वामिनी है: दिनेश गोयल
-डॉ संगीता गुप्ता द्वारा कॉलेज को दिए गये योगदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा: डॉ अनुपम अरोड़ा

BOL PANIPAT , 30 नवम्बर, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में डॉ संगीता गुप्ता प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष इतिहास विभाग की सेवा निवृति उपरान्त विदाई पार्टी का भव्य एवं भावपूर्ण आयोजन किया गया । सेवा निवृति एवं विदाई समारोह में कॉलेज प्रबंधन समिति से प्रधान दिनेश गोयल, उप-प्रधान राजीव गर्ग और कोषाध्यक्ष विशाल गोयल शामिल हुए और उन्होनें डॉ संगीता गुप के कॉलेज के लिए किये गए कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की । इस विशेष और भावुक अवसर पर डॉ संगीता गुप्ता के पति डॉ सुरेन्द्र मोहन गुप्ता, पुत्र आदित एवं अक्षत, पुत्र-वधु राधिका, डॉ बलदेव सेतिया निदेशक पेक और उनकी धर्म पत्नी डॉ सरस्वती सेतिया तथा डॉ संगीता गुप्ता के परिवार से 50 वर्ष से अधिक तक जुड़े राजीव गोयल, उनकी पत्नी विजया गोयल, पुत्र संकल्प और पुत्री सौम्या, डॉ संजय शर्मा समाजसेवी और भारत विकास परिषद् के सदस्य भी विदाई समारोह का हिस्सा बने । समारोह उपरान्त सभी के लिए जल-पान एवं भोजन की व्यवस्था की गई । मंच संचालन डॉ संतोष कुमारी ने किया ।
विदित रहे कि हरियाणा प्रदेश के प्रतिष्ठित एसडी पीजी कॉलेज के इतिहास विभाग की प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष, सांस्कृतिक विभाग की प्रमुख, डॉ. संगीता गुप्ता 30 नवंबर 2024 को सेवा निवृत्त हो गयी । कॉलेज प्रशासन ने उनको सम्मानित करते हुए बधाई व शुभकामनायें देते हुए कहा कि अपने चार दशकों के समर्पित और प्रेरक कार्यकाल में उन्होंने कॉलेज और छात्रों के विकास के लिए जो योगदान दिया वह अमिट रहेगा और उसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा ।
दिनेश गोयल प्रधान ने कहा कि डॉ. संगीता गुप्ता ने कॉलेज के इतिहास विभाग को अकादमिक उत्कृष्टता और सांस्कृतिक विभाग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में केंद्रीय भूमिका निभाई । उनके निर्देशन में इतिहास विभाग ने शोध और अध्ययन में उच्च स्तर की पहचान बनाई । वहीं संस्कृति विभाग ने अनेक भव्य कार्यक्रमों और गतिविधियों के माध्यम से कॉलेज को कला, साहित्य और सांस्कृतिक समृद्धि का केंद्र बना दिया । जोनल, इंटर-जोनल और रत्नावली में जो कुछ कॉलेज ने हासिल किया उसके पीछे मुख्य रूप से हाथ डॉ संगीता गुप्ता का रहा है । उनका योगदान केवल छात्रों के भविष्य निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने संस्थान की छवि को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान की है ।
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि डॉ संगीता गुप्ता जैसे व्यक्तित्व ने उन्हें भी बहुत कुछ सिखाया है । धैर्य और जूनून के साथ काम करने की कला डॉ संगीता गुप्ता के व्यक्तित्व का सबसा मधुर गुण है । डॉ संगीता कॉलेज के लिए बहुमूल्य रही है और उनके स्थान को भरना बहुत ही मुश्किल होगा । डॉ. गुप्ता का व्यक्तित्व ज्ञान, सादगी और नेतृत्व का प्रतीक है । उनकी दूरदृष्टि ने इतिहास और संस्कृति के विद्यार्थियों को न केवल अकादमिक दृष्टिकोण से समृद्ध किया बल्कि उन्हें जीवन मूल्यों और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का अद्भुत कार्य किया । डॉ. संगीता गुप्ता का कार्यकाल समर्पण, निष्ठा और नवाचार का जीवंत उदाहरण है । उनके कार्यकाल की गतिविधियाँ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी ।
डॉ. संगीता गुप्ता ने संस्था का आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे इतिहास और संस्कृति के माध्यम से समाज और शिक्षा जगत को कुछ देने का अवसर मिला । यह यात्रा भले ही औपचारिक रूप से समाप्त हो रही हो लेकिन मेरे प्रयास और योगदान हमेशा जारी रहेंगे । मेरे द्वारा इस कॉलेज में की गयी यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण रही है । कॉलेज में काम करना आनंददायक रहा और मुझे आशा है कि यह कॉलेज दिन दूगनी रात चौगुनी प्रगति करेगा । उनके लिए इतने अच्छे शब्द कहने और इस शानदार विदाई पार्टी का आयोजन करने के लिए उन्होनें सभी का ह्रदय से धन्यवाद दिया और कहा कि वे इस समारोह को जीवन पर्यंत याद रखेंगी ।
प्रो सुरेन्द्र मोहन गुप्ता ने कहा कि उनकी पत्नी द्वारा कॉलेज में गुजारे हुए समय ने उनके भी जीवन को एक निश्चित दिशा दी है । प्रबंधकारिणी, अपने सहयोगियों और परिवार के योगदान के बिना वे इस स्थान तक कभी नहीं पहुंच पाती जहाँ आज उनकी पत्नी है । कॉलेज के हर एक साथी के साथ बीताया हर एक पल उनके लिए यादगार है । सेवानिवृति के पश्चात भी वे शिक्षा से जुड़े कार्यों में व्यस्त रहेंगी और गरीब बच्चों की विशेष तौर पर मदद करेंगी ।
इस अवसर पर आज सभी की आँखें नम भी थी और डॉ संगीता गुप्ता के उज्जवल भविष्य को लेकर आशाओं से भरी हुई भी ।

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