संगठन ने मनाया चारों साहबजादों का शहीदी दिवस
-बुजुर्गों की सेवा भगवान से बढ़कर: प्रवीण जैन
BOL PANIPAT : समाज सेवा संगठन की ओर से 25 दिसम्बर बुधवार को वार्ड 11 स्थित बुजुर्ग आश्रम में बुजुर्गों को जरूरत के गर्म कपड़े वितरण किए संगठन अध्यक्ष प्रवीण जैन ने बताया 25 दिसम्बर से 27 दिसम्बर तक चारों साहबजादों का शहीदी दिवस मना रहा है उसी कड़ी में आज वार्ड 11 स्थित बुजुर्ग आश्रम में बुजुर्गों को गर्म कपड़े वितरण किए हम सबको क्रिसमस नहीं साहबजादों का शहीदी दिवस मनाना चाहिए जैन ने कहा श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए अपना पूरा परिवार बलिदान कर दिया जिनकी वजह से आज हम हिन्दू हैं भगवान हर किसी के साथ नहीं रह सकता था इसलिए भगवान ने मां बाप बनाए भगवान भी मां बाप के प्यार को पाने के लिए अवतार लेते हैं बुजुर्गों की सेवा भगवान से बढ़कर होती हैं बुजुर्गों में भगवान बस्ते है बुजुर्गों का आशीर्वाद को भगवान भी नहीं टाल सकते अभागे हैं वो लोग जिनके मां बाप मजबूरी में आश्रम में रहते है हम सबका फर्ज बनता हैं मंदिर बाद में जाएं पहले घर में बैठे मां बाप को पूजे किसी ने भगवान को नहीं देखा लेकिन असली भगवान जो हमें दुनिया में लाए हैं सबने देखा है फिर भी बुजुर्गों की अनदेखी हो रही है हम असली सेवा को छोड़कर दिखावे की जिंदगी जी रहे हैं जबकि बुजुर्ग आश्रम की जरूरत ही नहीं पड़नी चाहिए थी एक मां 10 बच्चों को पाल लेती है लेकिन सभी बच्चे मिलकर एक मां बाप को नहीं पाल सकते शास्त्रों में भी वर्णन है घर में भूखी है मा बाहर कितने भी लंगर लगाओ भगवान कभी खुश नहीं हो सकते हम आपको बुजुर्गों की सेवा करनी चाहिए नर सेवा ही नारायण सेवा है समाज सेवा संगठन ने 8 दिसम्बर को गर्म कपड़े वितरण अभियान की शुरुआत की थी इसी कड़ी में आज वार्ड 11 स्थित बुजुर्ग आश्रम 26 दिसम्बर को सेक्टर 25 हनुमान मंदिर 27 दिसम्बर गुरु द्वारा सिंह सभा बत्रा कालोनी और 29 दिसम्बर को हरि सिंह चौक के पास विश्वकर्मा मंदिर में आस पास की कालोनी के जरूरत मन्द बच्चों महिलाओं को गर्म कपड़े वितरण किए जाएंगे और ये अभियान 14 जनवरी मकर संक्रांति तक चलेगा और जिस किसी साथी की नॉलेज में ऐसा कोई परिवार हो जिसको गर्म कपड़ों की जरूरत है 9812863034 पर संपर्क करें हमारी कोशिश रहेगी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जरूरत के गर्म कपड़े वितरण कर सके मौके पर प्रवीण जैन राजिंदर जैन नीरज जैन काजल जैन मौजूद रहे

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