महाकवि कालिदास की कृतियाँ हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं : डॉ शशि प्रभा मलिक
BOL PANIPAT : आई बी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संस्कृत विभाग की प्रध्यापिका डॉ अंजलि द्वारा कक्षा गतिविधि के रूप में महाकवि कालिदास की महान रचना अभिज्ञानशाकुंतलम् के श्लोकों का स्मरण और पाठ कराया गया। स्नातक तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह और समर्पण के साथ इस गतिविधि में भाग लिया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ शशि प्रभा मलिक ने इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “महाकवि कालिदास की कृतियाँ हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। ‘अभिज्ञानशाकुंतलम्’ न केवल साहित्यिक उत्कृष्टता का प्रतीक है, बल्कि यह जीवन के नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को भी प्रस्तुत करती है। ऐसे श्लोकों का अध्ययन छात्रों में भाषा की शुद्धता, स्मरण शक्ति और सांस्कृतिक गर्व का विकास करता है।”
प्राचार्या ने शिक्षकों और छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में इस प्रकार की और गतिविधियों को आयोजित करने की बात कही।
आयोजिका डॉ अंजलि ने कहा श्लोक स्मरण के लाभ आध्यात्मिक, मानसिक, और शारीरिक स्तर पर देखे जा सकते हैं।श्लोकों के उच्चारण से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।श्लोकोच्चारण में सिमरन प्रथम, पूजा रानी द्वितीय, व प्रेरणा तृतीय रहीं, प्राध्यापिका डॉ अंजलि ने पुरस्कार प्रदान कर विजेता छात्राओं को उत्साहित किया।
कार्यक्रम का समापन छात्रों द्वारा सामूहिक रूप से श्लोकों के उच्चारण और अर्थ प्रस्तुति के साथ हुआ।

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