Tuesday, June 2, 2026
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मानवता का संदेश जन -जन तक पहुंचाने को लेकर निकल कर्नाटक के वी.वी. नारायण का जिला सचिवालय में नगाराधीश टीनू पोसवाल ने प्रशिस्त पत्र देकर बढ़ाया हौंसला

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at May 13, 2025 Tags: , , ,

-विकलंगता को अपनी कमजोरी ना समझे, बाधाएं , जटिलताएं जरूर आती है लेकिन प्रकृति हमेशा से करती स्वागत
नारायण साई कल व बाई से कर चुके 89 देशों की यात्रा, 20 देशों में जाने का संकल्प लेकर बढ रहे आगे

-अंग दान कर लाये  दूसरों के जीवन में रोशनी, आम जन को कर रहे मानवता के नाते जागरूक

BOL PANIPAT , 13 मई। किसी ने सच ही कहा है आगे बढऩे के लिए हौंसले की जरूरत होती है। अगर हिम्मत हे तो कोई भी व्यक्ति कुछ भी बड़ा कर सकता है। बाधाएं, जटिलताएं जरूर आती है लेकिन प्रकृति हमेशा स्वागत करती है। जरूरत है तो बस एक कदम बढाने की। यही एक कदम जीवन को उनई दिशा दे सकता है। यह कहना है मंगलवार को जिला सचिवालय में पहुंचे कर्नाटक के वी.वी. नारायण का जो एक पैर से विकलांग है लेकिन जज्बा पहाड़ से कम नहीं है। मानवता का संदेश देने को लेकर 18 वर्ष की आयु में घर से निकले नारायण आज 65 वर्ष के हो चुके हैं। जब घर से आम जन को मानवता का संदेश देने के लिए निकले तो जो सफेदी आज है वह नहीं थी। अब तक वे 89 देशों की यात्रा साईकल व बाईक के माध्यम से कर चुके हैं व 20 देशों की यात्रा करने का संकल्प लेकर अपनी जीवन की नैया को आगे बढ़ा रहे हैं। उनका कहना है हम अंग दान करके दूसरों के जीवन में रोशनी ला सकते हैं। जिला सचिवालय में पहुंचने पर नगराधीश टीनू पोसवाल ने उनका प्रशस्ति पत्र देकर स्वागत किया व उनका कुशलक्षेम जाना व उनकी यात्रा सुखद रहे ऐसी शुभकामनाएं दी।  
    वी.वी. नारायण कहते हैं कि विकलांग होने के बावजूद भी में अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए 65 साल की आयु में भी मोटर चालित ट्राई साईकिल पर सवार होकर आमजन को विकलांग बनने से रोकने के लिए संदेश दे रहा हूं ताकि इस विकलांगता से आम जन को बचा सकूं।

मंगलवार को नगराधीश टिनू पोशवाल से उन्होंने शिष्टचार पूर्वक भेंट की व अब तक की अपनी यात्रा का वर्तांत उनके समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि समय पर यदि बच्चों को समय पर पोलियो ड्रोप्स पिलाया जा सके तो विकलांगता को हराया जा सकता है। मां-बाप बच्चों को बचपन में वाहन देकर उन्हें विकलांग ना बनाए। मध्यपान करके वाहन ना चलाएं, क्योंकि इसके सेवन से विकलांगता का शिकार होना संभव है।
उन्होंने बताया कि वे अमृतसर से होते हुए पानीपत के रास्ते दिल्ली के लिए बुधवार को रवाना होंगे। इस बीच उन्होंने अनेक शहरों में अभिभावकों को अंगदान करने का भी संदेश दिया। 1979 में उन्होंने साढे 18 महिने साईकिल पर सवार होकर  हजारों किलो मीटर की यात्रा कर शांति का संदेश दिया।
    उन्होंने बताया कि 1978 में साईकिल पर भारत भ्रमण कर 56 दिनों में 7 हजार 680 किलो मीटर का भ्रमण कर लोगों को विभिन्न सामाजिक मुद्दे को लेकर जागरूक किया। वे कहते हैंं कि हमें जीवन में ऐसा कुछ करना चाहिए ताकि हमारे अंग हमारे जाने के बाद भी दूसरों के काम आ सकें।
    उन्होंने बताया कि वे तीन हजार किलो मीटर का रास्ता तय करके पानीपत पहुंचे हैं व अब तक 89 देशों की यात्रा वे कर चुके हैं जिसमेें कनाड़ा, अमेरिका, सिंगापुर आदि प्रमुख है। वे 20 देशों की यात्रा करने का जज्बा लेकर निकले हैं व इसमें कामयाब होंगे।
      वी.वी. नारायण कहते हैं कि वे समाज को जागरूक करने के लिए सडक़ सुरक्षा, रक्तदान, अंगदान का महत्व भी समझाते हैं। उनका कहना है कि यह यात्रा महज भ्रमण के लिए नही बल्कि एक सामाजिक संदेश देने के उद्ïेश्य से शुरू की है। वे स्वयं दिव्यांग है लेकिन उन्होंने कभी अपनी शारीरिक स्थिति को अपनी कमजोरी नही बनने दिया।
    उन्होंने बताया कि यदि समाज सजग हो जाए तो कई प्रकार की दिव्यांगता को रोका जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिए कि बच्चों को समय पर पोलियो ड्रोप दी जाए। विवाह से पूर्व रक्त समूह की जांच अवश्य करवाई जाए। बच्चों को कम उम्र में वाहन ना दें। नशे की स्थिति में वाहन संचालन से बचे व वाहन चलाते समय फोन का प्रयोग ना करें। वे कहते हैं कि जो लोग पहले से दिव्यांग है ये गुणवत्तापूर्ण उपकरणों का ही प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि वे 89 देशों की 96 हजार किलो मीटर की यात्रा वे कर चुके हैं। नगराधीश ने उन्हें प्रशंसा पत्र देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

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