Wednesday, April 29, 2026
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ड्रेन नंबर 2 के प्लांट स्टोरेज कम स्टॉप रेगलेटर का मुख्य उद्देश्य घटते जल स्तर को संतुलित करना और पर्यावरण संरक्षण करना प्रमुख: सीपीएस राजेश खुल्लर

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at July 4, 2025 Tags: , , , , ,

-पानीपत और खोजकीपुर में भी स्टोरेज कम स्टॉप रेगलेटर प्लांट बनाने प्रस्तावित: उपायुक्त डॉक्टर विरेंदर कुमार दहिया

-70 किलोमीटर के एरिया को कवर करेंगे ये प्लांट

-किसानों को मत्स्य पालन और सिंचाई के लिए भी प्रोत्साहित करेंगे ये प्लांट

BOL PANIPAT , 4 जुलाई। मुख्यमंत्री के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजेश खुल्लर ने शुक्रवार को जिले के गांव कुराड़ में जल शक्ति अभियान के तहत पानीपत की लाइफ लाइन ड्रेन नंबर 2 में सिंचाई विभाग द्वारा बनाए गए स्टोरेज कम स्टॉप रेगलेटर 98200 का अवलोकन किया व अधिकारियों से इस प्रोजेक्ट के आम जन को क्या फायदे हैं के बारे में विस्तार से जानकारी ली व कुछ आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

    उपायुक्त डॉक्टर विरेंदर कुमार दहिया ने सीपीएस को जानकारी देते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट की शुरुआत गत वर्ष करीब 10 करोड़ के लगभग लागत से हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य अंडरग्राउंड वॉटर को रिचार्ज करना है व किसानों का पानी के मामले में सहयोग करना है।

उपायुक्त ने बताया कि इससे पानीपत समालखा व बापौली ब्लॉक और जिले के अन्य गांवों को लाभ पहुंचे। उपायुक्त ने बताया कि जल जीवन अभियान के तहत घटते जल स्तर को संतुलित करने और बाढ़ की स्थिति में आम जन को बाढ़ के पानी से होने वाले नुकसान से बचाना है। उपायुक्त ने बताया की करीब 13 किलोमीटर तक की दूरी वाले इस प्रोजेक्ट में किसान मत्स्य पालन का कार्य करके भी अपने रोजगार का सृजन कर सकते हैं। इसमें स्टोर किए गए पानी का उपयोग खेती में सिंचाई के लिए भी होगा।

    उपायुक्त ने बताया कि कचरौली और खौजकीपुर में भी कुराड के पैटर्न पर क्रॉस रेगुलेटर का निर्माण किया जाएगा। कचरौली वाले प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होने वाली है जबकि खौजकीपुर प्रोजेक्ट के लिए विभाग द्वारा एस्टीमेट तैयार किया गया है।

    सीपीएस ने इस दौरान कुराड के प्रोजेक्ट की भी कई जानकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों से हासिल की। उन्होंने स्टोर किए गए पानी की क्षमता भी जानी और निर्देश दिए की पानी स्टोरेज करने के बाद और रिलीज करने के बाद इसके सैंपल लेकर चेक भी किया जाए।

    उपायुक्त ने बताया कि पिछले 6 दिन में इस प्लांट में 100 क्यूसिक पानी को स्टोर किया गया है । इसमें एलेरी रेटर की मदद से पानी की ऑक्सीजन लेवल को भी बढ़ाया जाता है। इस प्लांट में स्टोरेज किए बाढ़ के पानी और बारिश के पानी को स्टोर किया जाता है। जानकारी के अनुसार इसमें 112 हैक्टेयर मीटर पानी की स्टोरेज की क्षमता है।

    सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश सैनी ने बताया कि समय-समय पर स्टोरेज किए गए पानी की जांच भी होती है व जिले में पब्लिक हेल्थ, एचएसवीपी निगम के 800 के करीब ट्यूबवैल लगे है। जिनसे भी भूमिगत जल प्रभावित हुआ है। इस प्लांट को बहुउद्देशीय प्लांट बताया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह, एसडीएम समालखा अमित कुमार, डीएसपी समालखा नरेंद्र कादियान, बीडीपीओ शक्ति सिंह व कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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