आपात काल के 50 वर्ष: समालखा उपमंडल के लघु सचिवालय परिसर में लगी जागरुकता प्रदर्शनी
-एसडीएम समालखा अमित कुमार व भाजपा नेता कृष्ण छोक्कर ने प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
BOL PANIPAT, 16 जुलाई। भारत सरकार द्वारा आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर लोकतंत्र के अंधकार युग के रूप में याद करते हुए आपातकाल के पीडि़तों को श्रद्धांजलि व सम्मान देने हेतु सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग हरियाणा द्वारा बुधवार को समालखा उपमंडल के लघु सचिवालय परिसर में एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में आपताकाल में लोकतंत्र पर हुए प्रहार से जुड़ी विभिन्न घटनाओं के संस्मरणों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी का शुभारम्भ बुधवार को समालखा के एसडीएम अमित कुमार ने भाजपा नेता कृष्ण छोक्कर की उपस्थित में किया।
प्रदर्शनी अवलोकन के बाद एसडीएम अमित कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासो के माध्यम से युवा पीढ़ी को वर्ष 1975 में लोकतंत्र को कुचलने के लिए आपातकाल लागू करने के उपरांत देश में उपजे हालातों के बारे में सटीक जानकारी मिलेगी। साथ ही लोकतंत्र को पुन: स्थापित करने व संविधान की मर्यादा को बचाने वाले सत्याग्रहियों के संघर्ष के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने लोकतंत्र के सत्याग्रहियों को नमन करते हुए कहा कि भारत में संविधान की रक्षा के लिए आपके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता।
भाजपा नेता कृष्ण छोक्कर ने कहा कि इस प्रदर्शनी में सत्याग्रहियों के संघर्ष, प्रेस पर सेंसरशिप, नागरिक अधिकारों का हनन, संवैधानिक ढांचे पर हमला और मूल्यों का हनन, जन आंदोलन, वरिष्ठ नेताओं विशेषक, भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी, स्व. चंद्रशेखर, पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी आदि को जेलों में बंद करना, रचनात्मकता पर रोक आदि घटनाओं को प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. सुनील बसताडा ने बताया कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विशेषकर युवाओं को उस दौर की सच्चाई से अवगत करवाना और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि ऐसी ही प्रदर्शनी को पानीपत के जिला सचिवालय में भी लगाया गया है जिसकी शुरुआत मंगलवार को एसडीएम मनदीप कुमार ने की थी और आज यह प्रदर्शनी समालखा उपमंडल में लगाई गई है। उन्होने बताया कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को 50 वर्ष पहले जनता को संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने की घटना को जानने का अवसर मिल सकेगा। इस मौके पर आईसीए हरपाल सिंह भी उपस्थित रहे।

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